जब ग्राम पंचायत द्वारा जारी आबादी भूमि पट्टे के मूल पट्टाधारी की मृत्यु हो जाती है और उसके उत्तराधिकारी पट्टे का नामांतरण अपने नाम करवाना चाहते हैं, तब ग्राम पंचायत में एक पृथक नामांतरण पत्रावली/मिसल तैयार कर क्रमबद्ध कार्यवाही की जाती है।
अपलोड की गई नमूना पत्रावली में पूरी प्रक्रिया दो पंचायत बैठकों, तीन वार्ड पंचों की मौका निरीक्षण समिति, आपत्ति आह्वान तथा नामांतरण पंजिका के माध्यम से पूरी की गई है।
चरण 1 : नामांतरण हेतु आवेदन प्राप्त करना
सबसे पहले उत्तराधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत में नामांतरण हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाता है।
प्रार्थना पत्र में निम्न विवरण स्पष्ट होना चाहिए—
मृतक मूल पट्टाधारी का नाम
आवेदक का नाम
मृतक से संबंध
ग्राम/स्थान
पट्टा संख्या
पट्टा जारी करने की दिनांक
पट्टे का क्षेत्रफल
पट्टा किस नियम के अंतर्गत जारी हुआ
नामांतरण किस उत्तराधिकारी के नाम चाहा गया है
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