Document Summary
सारांश (Summary)निर्देशिका का क्रियान्वयन: राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों के सुगमता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु 14.08.2025 से 'विभागीय ग्रामीण कार्य निर्देशिका- 2025' लागू की गई है। राजकीय भवनों के लिए भूमि स्वामित्व: पहली बार निर्मित होने वाली संपत्तियों (जैसे नवीन आंगनबाड़ी भवन, विद्यालय, सामुदायिक भवन और पंचायत भवन) की भूमि का स्वामित्व अनिवार्य रूप से राजकीय कार्यालयों या ग्राम पंचायतों के नाम होना चाहिए। जल स्रोत एवं सड़क निर्माण: नवीन जल स्रोत (टंकी, टांका, हैण्डपम्प, ट्युबवैल, पाईपलाईन) और सड़क निर्माण के मामलों में संबंधित भूमि स्वामियों (खातेदारों) से स्टाम्प पेपर पर सहमति ली जानी चाहिए। इसके पश्चात भूमि को राजकीय भूमि के खाते में दर्ज करवाकर ही आगे की कार्यवाही की जा सकेगी। भूमि दान/उपहार की प्रक्रिया: किसी भी संपत्ति निर्माण के लिए दानदाताओं से भूमि उपहार स्वरूप ली जा सकती है। यह प्रक्रिया तभी पूर्ण मानी जाएगी जब भूमि का…