भाग–1 : प्रारंभिक कार्यवाही
ग्राम पंचायत : ______________________
पंचायत समिति : ______________________
जिला : ______________________
दिनांक : 02 अक्टूबर, 20____
समय : प्रातः 11:00 बजे
स्थान : ग्राम पंचायत भवन / अटल सेवा केन्द्र / सार्वजनिक सभा स्थल
अध्यक्षता : सरपंच श्री/श्रीमती __________________
सचिवीय कार्यवाही : ग्राम विकास अधिकारी / पंचायत सचिव
कार्यवाही प्रारम्भ
आज दिनांक 02 अक्टूबर, 20____ को महात्मा गांधी जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत ____________________ में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
बैठक प्रारम्भ होने से पूर्व महात्मा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया।
इसके पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों ने "रघुपति राघव राजा राम" अथवा स्वच्छता एवं राष्ट्र निर्माण से संबंधित प्रेरक गीत का सामूहिक गायन किया।
तत्पश्चात अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम सभा की कार्यवाही प्रारम्भ की गई।
महात्मा गांधी के विचारों का स्मरण
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित सदस्यों को महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, स्वावलंबन, स्वच्छता, सत्य, अहिंसा एवं जनसहभागिता संबंधी विचारों से अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि—
"ग्राम स्वराज का अर्थ केवल पंचायत का गठन नहीं, बल्कि ऐसा ग्राम है जो स्वच्छ, आत्मनिर्भर, शिक्षित, स्वस्थ, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तथा सामाजिक रूप से समरस हो।"
लाल बहादुर शास्त्री जी का प्रेरक संदेश
ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का "जय जवान, जय किसान" का संदेश आज भी ग्रामीण भारत के विकास का आधार है।
ग्राम सभा द्वारा किसानों, सैनिकों एवं श्रमिकों के योगदान का सम्मान व्यक्त किया गया।
अध्यक्ष का स्वागत उद्बोधन
अध्यक्ष महोदय ने उपस्थित समस्त ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए कहा कि—
2 अक्टूबर केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह ग्राम स्वराज, स्वच्छता, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण का संकल्प दिवस है।
उन्होंने सभी ग्रामवासियों से आह्वान किया कि—
- ग्राम को स्वच्छ रखें।
- प्लास्टिक का उपयोग बंद करें।
- नशा मुक्त समाज का निर्माण करें।
- जल एवं पर्यावरण का संरक्षण करें।
- ग्राम सभा में नियमित भाग लें।
- पंचायत की योजनाओं में सहयोग करें।
ग्राम विकास अधिकारी का प्रारंभिक प्रतिवेदन
तत्पश्चात ग्राम विकास अधिकारी द्वारा विशेष ग्राम सभा का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया गया कि इस बैठक में निम्न विषयों पर विचार किया जाएगा—
- स्वच्छ भारत मिशन
- ग्राम स्वराज
- स्वच्छ ग्राम अभियान
- नशा मुक्ति
- प्लास्टिक मुक्त ग्राम
- जल संरक्षण
- पर्यावरण संरक्षण
- ग्राम पंचायत विकास योजना
- जन शिकायतें
- सामाजिक समरसता
- ग्राम स्तरीय श्रमदान
- आगामी कार्ययोजना
उन्होंने बताया कि ग्राम सभा द्वारा प्राप्त सुझावों को आगामी कार्ययोजना में सम्मिलित किया जाएगा।
कोरम की घोषणा
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों की संख्या का सत्यापन किया गया।
पाया गया कि ग्राम सभा के संचालन हेतु आवश्यक कोरम पूर्ण है।
अतः अध्यक्ष महोदय की अनुमति से बैठक विधिवत प्रारम्भ की गई।
उपस्थिति विवरण
| क्रम | विवरण | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | कुल पंजीकृत मतदाता | ________ |
| 2 | उपस्थित पुरुष | ________ |
| 3 | उपस्थित महिलाएँ | ________ |
| 4 | SC वर्ग | ________ |
| 5 | ST वर्ग | ________ |
| 6 | OBC वर्ग | ________ |
| 7 | अन्य वर्ग | ________ |
| 8 | युवा | ________ |
| 9 | महिला स्वयं सहायता समूह सदस्य | ________ |
| 10 | कुल उपस्थित सदस्य | ________ |
बैठक में उपस्थित अधिकारी
- विकास अधिकारी / प्रतिनिधि
- ग्राम विकास अधिकारी
- पटवारी
- कनिष्ठ अभियंता
- ANM
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- विद्यालय प्रधानाध्यापक
- कृषि पर्यवेक्षक
- पशुधन सहायक
- जलदाय विभाग प्रतिनिधि
- विद्युत विभाग प्रतिनिधि
- स्वच्छ भारत मिशन प्रतिनिधि (यदि उपस्थित हों)
आज की कार्यसूची
- महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि।
- ग्राम स्वराज पर विचार।
- स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा।
- प्लास्टिक मुक्त ग्राम अभियान।
- नशा मुक्ति अभियान।
- जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन।
- पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण।
- ग्राम पंचायत विकास योजना की समीक्षा।
- जन शिकायतें।
- श्रमदान कार्यक्रम।
- विशेष ग्राम संकल्प।
- धन्यवाद प्रस्ताव।
- समापन।
विशेष टिप्पणी
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सभी उपस्थित ग्रामवासियों से अनुरोध किया गया कि वे इस विशेष ग्राम सभा को केवल औपचारिक बैठक न मानते हुए ग्राम स्वराज एवं स्वच्छ ग्राम निर्माण का सामूहिक अभियान समझें तथा अपने सुझाव एवं प्रस्ताव खुलकर प्रस्तुत करें।
भाग–2
विषय क्रमांक–1
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति समीक्षा एवं स्वच्छ ग्राम अभियान
अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम विकास अधिकारी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित स्वच्छता गतिविधियों, सार्वजनिक सफाई व्यवस्था, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की स्थिति, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) तथा स्वच्छ ग्राम अभियान की प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि महात्मा गांधी जी ने स्वच्छता को स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण माना था। ग्राम पंचायत का दायित्व है कि ग्राम को स्वच्छ, स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने हेतु जनसहभागिता से नियमित स्वच्छता अभियान संचालित किए जाएँ।
स्वच्छता की वर्तमान स्थिति
| क्रम | विवरण | स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | घरेलू शौचालय | ______ |
| 2 | सामुदायिक शौचालय | ______ |
| 3 | सार्वजनिक शौचालय | ______ |
| 4 | ठोस कचरा संग्रहण | नियमित / अनियमित |
| 5 | तरल अपशिष्ट प्रबंधन | संचालित / प्रस्तावित |
| 6 | सफाई कर्मचारी | ______ |
| 7 | स्वच्छता अभियान | नियमित / आवश्यक |
ग्राम विकास अधिकारी का प्रतिवेदन
ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि—
- ग्राम पंचायत में नियमित सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है।
- सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- नालियों की नियमित सफाई कराई जा रही है।
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को चरणबद्ध रूप से विकसित किया जा रहा है।
- खुले में कचरा डालने की प्रवृत्ति रोकने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
विचार-विमर्श
ग्राम सभा द्वारा विस्तृत चर्चा के दौरान निम्न सुझाव प्राप्त हुए—
- प्रत्येक रविवार "स्वच्छ ग्राम अभियान" चलाया जाए।
- सभी वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ादान लगाए जाएँ।
- कचरे का पृथक्करण (गीला एवं सूखा) प्रारम्भ किया जाए।
- सार्वजनिक नालियों की समय-समय पर सफाई कराई जाए।
निर्णय
- प्रत्येक वार्ड में मासिक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
- सार्वजनिक स्थलों की सफाई हेतु वार्डवार जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
- ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता निगरानी समिति गठित की जाएगी।
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी।
अतः प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
विषय क्रमांक–2
ग्राम स्वराज एवं जनसहभागिता पर विचार
तत्पश्चात ग्राम विकास अधिकारी द्वारा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की अवधारणा पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि ग्राम स्वराज का अर्थ है—
- आत्मनिर्भर ग्राम
- जनभागीदारी आधारित शासन
- पारदर्शी पंचायत
- सामाजिक समानता
- स्थानीय संसाधनों का संरक्षण
- ग्राम सभा का सशक्त संचालन
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- प्रत्येक ग्रामवासी ग्राम सभा में भाग ले।
- पंचायत के सभी निर्णय सार्वजनिक किए जाएँ।
- पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाई जाए।
- युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए।
- ग्राम विकास योजनाएँ ग्रामवासियों की सहमति से तैयार की जाएँ।
निर्णय
ग्राम सभा द्वारा ग्राम स्वराज की भावना को सुदृढ़ करने हेतु व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
विषय क्रमांक–3
प्लास्टिक मुक्त ग्राम अभियान
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि एकल उपयोग प्लास्टिक पर्यावरण एवं स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है।
विचार-विमर्श
ग्राम सभा द्वारा सुझाव दिया गया कि—
- बाजार में प्लास्टिक थैलियों का उपयोग कम किया जाए।
- कपड़े एवं जूट के थैले उपयोग किए जाएँ।
- सार्वजनिक कार्यक्रमों में डिस्पोजेबल प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए।
- विद्यालयों में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जाए।
निर्णय
- ग्राम पंचायत को चरणबद्ध रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा।
- जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- दुकानदारों एवं नागरिकों को जागरूक किया जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–4
ग्राम स्तरीय श्रमदान कार्यक्रम
अध्यक्ष महोदय द्वारा ग्रामवासियों से महात्मा गांधी के श्रमदान सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया गया।
प्रस्तावित श्रमदान कार्य
- विद्यालय परिसर की सफाई।
- पंचायत भवन परिसर की सफाई।
- तालाब एवं नाड़ी की सफाई।
- चारागाह भूमि संरक्षण।
- सार्वजनिक मार्गों की सफाई।
- पौधारोपण।
- जल निकासी मार्गों की सफाई।
निर्णय
- प्रत्येक माह एक सामूहिक श्रमदान दिवस आयोजित किया जाएगा।
- सभी वार्डों से स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- विद्यालयों एवं स्वयं सहायता समूहों को भी श्रमदान अभियान से जोड़ा जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–5
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM)
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की गई।
समीक्षा
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| घरेलू कचरा संग्रहण | ________ |
| गीला कचरा प्रबंधन | ________ |
| सूखा कचरा प्रबंधन | ________ |
| तरल अपशिष्ट निकासी | ________ |
| कम्पोस्ट पिट | ________ |
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- प्रत्येक वार्ड में कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित की जाए।
- जैविक कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाई जाए।
- गंदे पानी के पुनः उपयोग की व्यवस्था विकसित की जाए।
- जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थायी समाधान किया जाए।
निर्णय
- ग्राम पंचायत में चरणबद्ध रूप से SLWM परियोजना लागू की जाएगी।
- कम्पोस्ट पिट एवं कचरा पृथक्करण प्रणाली विकसित की जाएगी।
- आवश्यक प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजे जाएंगे।
- प्रत्येक ग्रामवासी स्वच्छता अभियान में सहयोग करेगा।
अतः स्वच्छ भारत मिशन, ग्राम स्वराज, प्लास्टिक मुक्त ग्राम, श्रमदान एवं ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी समस्त प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
भाग–3
विषय क्रमांक–6
नशा मुक्ति अभियान एवं सामाजिक जागरूकता
अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान, सामाजिक जागरूकता एवं स्वस्थ समाज निर्माण के संबंध में प्रतिवेदन ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि शराब, तम्बाकू, मादक पदार्थों एवं अन्य नशे की लत परिवार, समाज एवं युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। महात्मा गांधी ने भी नशामुक्त समाज की परिकल्पना की थी।
ग्राम सभा द्वारा विचार-विमर्श
उपस्थित सदस्यों ने निम्न सुझाव प्रस्तुत किए—
- युवाओं को नशे से दूर रखने हेतु खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँ।
- विद्यालयों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँ।
- महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को अभियान से जोड़ा जाए।
- नशे से संबंधित अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए।
निर्णय
- ग्राम पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- प्रत्येक वार्ड में जनजागरूकता बैठक आयोजित की जाएगी।
- विद्यालयों एवं युवा मंडलों के माध्यम से नशा विरोधी कार्यक्रम संचालित किए जाएँगे।
- अवैध गतिविधियों की सूचना संबंधित प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।
अतः प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
विषय क्रमांक–7
जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं अमृत सरोवर
तत्पश्चात ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाब, नाड़ी, जोहड़ एवं अमृत सरोवर की वर्तमान स्थिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण ग्राम पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए तथा प्रत्येक ग्रामवासी का इसमें सहयोग आवश्यक है।
वर्तमान स्थिति
| क्रम | जल स्रोत | स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | तालाब | ________ |
| 2 | नाड़ी | ________ |
| 3 | जोहड़ | ________ |
| 4 | अमृत सरोवर | ________ |
| 5 | चेकडैम | ________ |
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- प्रत्येक वर्ष वर्षा पूर्व सफाई अभियान चलाया जाए।
- तालाबों एवं नाड़ियों का गहरीकरण कराया जाए।
- वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाए।
- जल स्रोतों पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाए।
- जल संरक्षण को जन अभियान बनाया जाए।
निर्णय
- सभी जल स्रोतों का संरक्षण किया जाएगा।
- आवश्यकतानुसार गहरीकरण एवं मरम्मत कराई जाएगी।
- अमृत सरोवर एवं जल संरक्षण कार्यों को GPDP में प्राथमिकता दी जाएगी।
- जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–8
वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ग्राम अभियान
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
समीक्षा
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| रोपे गए पौधे | ________ |
| जीवित पौधे | ________ |
| प्रस्तावित पौधारोपण | ________ |
विचार-विमर्श
ग्राम सभा द्वारा सुझाव दिया गया कि—
- प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाए।
- विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया जाए।
- पंचायत भूमि एवं चारागाह पर वृक्ष लगाए जाएँ।
- पौधों की सुरक्षा हेतु संरक्षक नियुक्त किए जाएँ।
निर्णय
- वर्षा ऋतु में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।
- पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड को दी जाएगी।
- पर्यावरण संरक्षण को ग्राम पंचायत की स्थायी कार्ययोजना में सम्मिलित किया जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–9
चारागाह विकास एवं सार्वजनिक भूमि संरक्षण
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा चारागाह भूमि, गोचर भूमि एवं सार्वजनिक भूमि की स्थिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- चारागाह भूमि का सीमांकन कराया जाए।
- अवैध अतिक्रमण रोका जाए।
- चारागाह में चारा विकास कार्य किए जाएँ।
- पौधारोपण एवं संरक्षण किया जाए।
निर्णय
- चारागाह विकास कार्य मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से कराए जाएँ।
- सार्वजनिक भूमि का नियमित निरीक्षण किया जाए।
- अतिक्रमण की सूचना संबंधित विभाग को भेजी जाए।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–10
जैव विविधता संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र की जैव विविधता, वनस्पति, वन्यजीव एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएँ।
- जैव विविधता रजिस्टर तैयार किया जाए।
- जल, जंगल एवं जमीन का संतुलित उपयोग किया जाए।
- पर्यावरण संरक्षण में विद्यालयों एवं युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
निर्णय
- ग्राम पंचायत जैव विविधता संरक्षण हेतु आवश्यक कार्ययोजना तैयार करेगी।
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ग्राम पंचायत की प्राथमिकता रहेगा।
- पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रम नियमित आयोजित किए जाएँगे।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–11
जलवायु परिवर्तन एवं ग्राम पंचायत की भूमिका
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि बदलती जलवायु का प्रभाव कृषि, जल संसाधनों एवं ग्रामीण जीवन पर पड़ रहा है।
ग्राम सभा द्वारा इस विषय पर गंभीर चर्चा की गई।
निर्णय
- जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा।
- जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- ऊर्जा संरक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- ग्राम पंचायत स्तर पर जलवायु जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अतः नशा मुक्ति, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, चारागाह विकास, जैव विविधता संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी समस्त प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
भाग–4
विषय क्रमांक–12
शिक्षा, नैतिक मूल्य एवं चरित्र निर्माण पर विचार
अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक शिक्षा, बालिका शिक्षा, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के संबंध में प्रतिवेदन ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि महात्मा गांधी ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता का आधार माना था।
विद्यालयों की समीक्षा
| क्रम | विवरण | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | राजकीय विद्यालय | ______ |
| 2 | नामांकित विद्यार्थी | ______ |
| 3 | ड्रॉपआउट विद्यार्थी | ______ |
| 4 | विद्यालय प्रबंधन समिति बैठकें | ______ |
| 5 | बालिकाओं का नामांकन | ______ |
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
- बालिका शिक्षा को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए।
- विद्यालयों में नैतिक शिक्षा एवं संविधान की जानकारी दी जाए।
- प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाए जाएँ।
- विद्यालय छोड़ चुके बच्चों का पुनः प्रवेश कराया जाए।
निर्णय
- शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
- ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार कर पुनः प्रवेश दिलाया जाएगा।
- विद्यालयों में नैतिक शिक्षा एवं स्वच्छता अभियान नियमित चलाए जाएँगे।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–13
महिला सशक्तिकरण एवं स्वयं सहायता समूह (SHG)
तत्पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
समीक्षा
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| सक्रिय स्वयं सहायता समूह | ______ |
| महिला सदस्य | ______ |
| बैंक लिंकेज | ______ |
| स्वरोजगार इकाइयाँ | ______ |
विचार-विमर्श
ग्राम सभा द्वारा सुझाव दिया गया कि—
- प्रत्येक वार्ड में नए स्वयं सहायता समूह गठित किए जाएँ।
- महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण दिया जाए।
- महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।
- समूहों को बैंक ऋण एवं विपणन सहायता उपलब्ध कराई जाए।
निर्णय
- महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जाएगा।
- महिलाओं को आजीविका एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
- समूहों की नियमित समीक्षा ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–14
युवा विकास, खेल एवं कौशल प्रशिक्षण
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा युवाओं के कौशल विकास, खेल गतिविधियों एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की समीक्षा प्रस्तुत की गई।
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- खेल मैदान विकसित किए जाएँ।
- युवा क्लब सक्रिय किए जाएँ।
- कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित किए जाएँ।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अध्ययन केन्द्र स्थापित किए जाएँ।
- डिजिटल शिक्षा एवं रोजगार मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
निर्णय
- युवाओं के लिए खेल एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
- पंचायत स्तर पर युवा सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
- सरकारी रोजगार एवं प्रशिक्षण योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–15
सामाजिक समरसता, सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता
अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सामाजिक समरसता, जातीय सौहार्द, आपसी भाईचारे एवं राष्ट्रीय एकता के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि ग्राम का विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों में समान रूप से भाग लें।
ग्राम सभा द्वारा सुझाव
- सभी सामाजिक वर्गों में आपसी सहयोग बढ़ाया जाए।
- विवादों का समाधान संवाद एवं वैधानिक प्रक्रिया से किया जाए।
- राष्ट्रीय पर्व एवं सामाजिक कार्यक्रम सामूहिक रूप से आयोजित किए जाएँ।
- ग्राम सभा में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
निर्णय
- सामाजिक समरसता बनाए रखने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- ग्राम स्तर पर भाईचारा एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।
- किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव का विरोध किया जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–16
वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन एवं सामाजिक सुरक्षा
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा प्रस्तुत की गई।
समीक्षा
| योजना | लाभार्थी |
|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशन | ______ |
| दिव्यांग पेंशन | ______ |
| विधवा पेंशन | ______ |
| पालनहार योजना | ______ |
निर्णय
- पात्र व्यक्तियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
- लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।
- दिव्यांगजनों के लिए सुगम सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–17
ग्राम स्वराज विशेष संकल्प
महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभा द्वारा निम्न सामूहिक संकल्प लिए गए—
- ग्राम को पूर्णतः स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा।
- प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाएगा एवं उसकी देखभाल करेगा।
- जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण किया जाएगा।
- ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
- नशा मुक्त एवं सामाजिक समरसता युक्त ग्राम का निर्माण किया जाएगा।
- महिलाओं एवं युवाओं की निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
- पंचायत की सभी योजनाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
- सार्वजनिक सम्पत्तियों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगी।
- गांधीजी के "स्वच्छ ग्राम – स्वस्थ ग्राम – आत्मनिर्भर ग्राम" के आदर्श को व्यवहार में उतारा जाएगा।
भाग–4 का समापन
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि ग्राम स्वराज केवल एक विचार नहीं, बल्कि ग्रामवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्राम सभा द्वारा लिए गए सभी संकल्पों को ग्राम पंचायत की आगामी कार्ययोजना एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया।
अतः शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, सामाजिक समरसता, सामाजिक सुरक्षा एवं ग्राम स्वराज संबंधी समस्त प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
विषय क्रमांक–18
ग्राम स्वच्छता एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम
अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि महात्मा गांधी ने श्रमदान को ग्राम स्वराज की आधारशिला माना था। ग्राम पंचायत के विकास में प्रत्येक नागरिक का श्रम एवं सहयोग समान रूप से महत्वपूर्ण है।
श्रमदान हेतु प्रस्तावित कार्य
- पंचायत भवन परिसर की सफाई।
- राजकीय विद्यालय परिसर की सफाई।
- आंगनबाड़ी केन्द्र की सफाई।
- तालाब, नाड़ी एवं जोहड़ की सफाई।
- सार्वजनिक मार्गों एवं नालियों की सफाई।
- चारागाह भूमि की सफाई एवं संरक्षण।
- पौधारोपण एवं पौधों की सुरक्षा।
- सार्वजनिक स्थलों से प्लास्टिक एवं ठोस कचरा हटाना।
निर्णय
ग्राम सभा द्वारा निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह प्रथम रविवार को स्वैच्छिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा तथा ग्राम पंचायत के सभी वार्डों में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
विषय क्रमांक–19
गांधी जयंती विशेष ग्राम संकल्प
महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर ग्राम सभा द्वारा निम्न विशेष संकल्प लिए गए—
- ग्राम पंचायत को पूर्णतः स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा।
- प्रत्येक नागरिक सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा करेगा।
- जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाएगा।
- प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाएगा तथा उसकी देखभाल करेगा।
- ग्राम पंचायत में सामाजिक समरसता एवं भाईचारे का वातावरण बनाए रखा जाएगा।
- नशा मुक्त ग्राम निर्माण हेतु सक्रिय सहयोग किया जाएगा।
- प्रत्येक ग्रामवासी ग्राम सभा में नियमित भाग लेगा।
- ग्राम पंचायत की योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता एवं जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- पंचायत की स्वयं की आय बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा।
- ग्राम को आत्मनिर्भर एवं आदर्श ग्राम बनाने हेतु सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
विषय क्रमांक–20
अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय
अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से अन्य जनहित विषय प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।
ग्रामवासियों द्वारा निम्न विषय प्रस्तुत किए गए—
- सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापना।
- ग्राम स्तरीय खेल मैदान।
- वर्षा जल संचयन अभियान।
- गौशाला विकास।
- ग्राम हरित पट्टी निर्माण।
- ग्राम स्तरीय स्वास्थ्य शिविर।
- युवाओं हेतु डिजिटल अध्ययन केन्द्र।
- महिला प्रशिक्षण केन्द्र।
सभी विषयों पर विचार-विमर्श उपरांत आवश्यकता अनुसार संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
विषय क्रमांक–21
धन्यवाद प्रस्ताव
तत्पश्चात श्री/श्रीमती ____________________ द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने महात्मा गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष ग्राम सभा के सफल आयोजन हेतु अध्यक्ष महोदय, समस्त जनप्रतिनिधियों, ग्राम विकास अधिकारी, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, महिला मंडलों तथा उपस्थित ग्रामवासियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
ग्राम सभा द्वारा भी सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
विषय क्रमांक–22
अध्यक्ष का समापन उद्बोधन
अध्यक्ष महोदय ने अपने समापन उद्बोधन में कहा कि—
"महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज आज भी ग्राम पंचायतों के लिए मार्गदर्शक है। स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समानता एवं जनभागीदारी ही सशक्त ग्राम पंचायत की पहचान है।"
उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि वे ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग दें, ग्राम सभा के निर्णयों का पालन करें तथा ग्राम को स्वच्छ, हरित, नशामुक्त एवं आदर्श ग्राम बनाने में अपनी सहभागिता निभाएँ।
विषय क्रमांक–23
ग्राम सभा समापन
चूँकि कार्यसूची के समस्त विषयों पर विचार-विमर्श एवं निर्णय पूर्ण हो चुके थे तथा अध्यक्ष की अनुमति से प्रस्तुत अन्य विषयों पर भी आवश्यक निर्णय लिए जा चुके थे, इसलिए अध्यक्ष महोदय द्वारा महात्मा गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष ग्राम सभा की बैठक समाप्त घोषित की गई।
बैठक का समापन दोपहर ______ बजे किया गया।
विषय क्रमांक–24
कार्यवाही का वाचन एवं प्रमाणन
ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सम्पूर्ण कार्यवाही ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों के समक्ष पढ़कर सुनाई गई।
उपस्थित सदस्यों द्वारा कार्यवाही को सही एवं यथार्थ बताते हुए सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
यह भी प्रमाणित किया गया कि बैठक की कार्यवाही ग्राम सभा में हुए वास्तविक विचार-विमर्श एवं लिए गए निर्णयों के अनुरूप अभिलेखित की गई है।
हस्ताक्षर
अध्यक्ष (सरपंच)
नाम : ______________________
हस्ताक्षर : __________________
दिनांक : ___________________
ग्राम विकास अधिकारी / पंचायत सचिव
नाम : ______________________
हस्ताक्षर : __________________
दिनांक : ___________________
उपसरपंच
नाम : ______________________
हस्ताक्षर : __________________
उपस्थित पंचगण
संलग्न अभिलेख
- विशेष ग्राम सभा की सूचना।
- मुनादी प्रमाण-पत्र।
- चस्पा प्रमाण-पत्र।
- उपस्थिति रजिस्टर।
- कार्यसूची।
- स्वच्छ भारत मिशन प्रगति प्रतिवेदन।
- ग्राम स्वराज कार्ययोजना।
- प्लास्टिक मुक्त ग्राम अभियान प्रतिवेदन।
- जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण प्रतिवेदन।
- स्वयं सहायता समूह प्रतिवेदन।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सूची।
- विशेष ग्राम संकल्प-पत्र।
- धन्यवाद प्रस्ताव।
- कार्यवाही प्रमाणन।
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