136. पंचायत की संपत्तियां -
*[(1) पंचायत सर्किल के भीतर कॉमन भूमियां और सार्वजनिक मार्ग उनके खडंजो, पत्थरो और अन्य सामग्री सहित के साथ ही आबादी क्षेत्र के भीतर आने वाली सभी सरकारी भूमियां पंचायत मे निहित होगी और उसकी होगी । पंचायत सर्किल के भीतर की अन्य सभी सरकारी भूमियो का प्रबंधं पंचायत द्वारा ऐसी शर्तों ओर र्निबंधनों के अध्यधीन रहते हुये किया जायेगा जो राज्य सरकार द्वारा समय समय पर अधिरोपित किया जाये,]*
(2) राज्य सरकार ऐसी शर्तों और निर्बधनों के अध्यधीन रहते हुए जिन्हें अधिरोपित करना वह ठीक समझे, राज्य सरकार की किन्हीं भी भूमि में संपत्तियों संकर्मो, सामग्रियों और वस्तुओं को पंचायत में निहित कर सकेगी।
(3) उप-धारा (1) और (2) में उल्लिखित सभी संपत्तियाँ पंचायत के निर्देश, प्रबंध और नियंत्रण के अधीन होंगी और उसके द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए न्यासी के रूप में धारित की जायेगी।
(4) राज्य सरकार या पंचायत समिति द्वारा प्रबंधित के सिवाय सभी ऐसी मण्डियों और मेलों प्रबंध और विनियम जो पंचायत में निहित की गयी या पंचायत में निहित की जा रही भूमियों पर आयोजित किये जायें, उसके द्वारा किया जायेगा।
(5) विक्रय आगमों या ऐसी संपत्तियों अथवा उसकी प्राकृतिक उपज से होने वाली आय और ऐसी भूमियों पर आयोजित की जाने वाली मंडियों या मेलों के संबंध में उद्गृहित या अधिरोपित कोई भी शोध्य पंचायत निधि के भाग होंगे और पंचायत द्वारा पंचायती राज अधिनियम के उद्देश्यों की प्राप्ति में उपयोजित किये जायेंगे।
(6) राज्य सरकार पंचायत में निहित कोई भी ऐसी संपत्ति पुनगृहित कर सकेगी :-
(i) यदि जांच पर यह पाया जाये कि पंचायत ने संपत्ति का प्रबंध किया या निहित किये जाने के समय अधिरोपित निर्बंधनों और शर्तों का उल्लघन करते हुए उपयोग किया है, या
(ii) यदि वह राज्य सरकार द्वारा लोकहित में ऐसे निर्बधनों पर अन्यथा अपेक्षित हो, जिन्हें राज्य सरकार अवधारित करे।
137. स्थावर संपत्तियों का रजिस्टर -
पंचायती राज संस्थाएं उनमें निहित या उनके निर्वर्तनाधीन रखे गये सभी भवनों और अन्य स्थावर संपत्तियों का रजिस्टर प्रपत्र 20 में रखेंगी।
138. संपत्तियों का
अनुरक्षण –
नियम 136 में निर्दिष्ट सभी संपत्तियों को सही स्थिति में रखना पंचायती राज संस्था का कर्तव्य होगा और वह उनकी आवश्यक मरम्मत या पुताई की, आवश्यकसमझे जाने पर, व्यवस्था करेगा। सभी विद्यालय भवनों को सुरक्षित व खतरे से मुक्त करवाने के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगे।
139. संपत्तियों का
निरीक्षण –
(1) सभी अध्यक्ष ऐसी संपत्तियों की सुरक्षा व उचित अनुरक्षण सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में एक बार संपत्तियों का निरीक्षण करेंगे।
(2) विकास अधिकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी क्रमश: पंचायत/ पंचायत समिति के निरीक्षण के दौरान वर्ष में एक बार रजिस्टर और संपत्तियों का निरीक्षण करेगा।
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