📘 Volume–1
अध्याय–2
ग्राम सभा की सरकारी शब्दावली एवं अभिलेखीय भाषा
कोश
भूमिका
ग्राम सभा की कार्यवाही केवल घटनाओं का विवरण
नहीं होती, बल्कि वह एक वैधानिक एवं
अभिलेखीय दस्तावेज होती है। इसलिए उसमें
प्रयुक्त प्रत्येक शब्द का अपना महत्व होता है। एक साधारण शब्द कार्यवाही को
सामान्य बना सकता है, जबकि एक उपयुक्त सरकारी शब्द उसी कार्यवाही को उच्च स्तरीय
प्रशासनिक दस्तावेज का स्वरूप प्रदान कर सकता है।
इस अध्याय का उद्देश्य केवल शब्दों की सूची देना
नहीं है, बल्कि प्रत्येक
शब्द का सरकारी अर्थ, प्रयोग, वैकल्पिक शब्द,
सावधानियाँ तथा व्यावहारिक
उदाहरण प्रस्तुत करना है।
शब्द–1 : अनुमोदन
सामान्य अर्थ
किसी प्रस्ताव, कार्य, निर्णय अथवा
अनुशंसा को विधिवत स्वीकार करना।
सरकारी प्रयोग
जब ग्राम सभा किसी प्रस्ताव को स्वीकार करती है,
तब
"अनुमोदन" शब्द का प्रयोग किया जाता है।
किन शब्दों के स्थान पर उपयोग करें
❌ मंजूर करना
❌ पास करना
❌ हाँ कर देना
✅ अनुमोदन करना
✅ अनुमोदन प्रदान करना
उदाहरण
विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत ग्राम सभा
द्वारा प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
ग्राम सभा ने प्रस्तुत कार्ययोजना को आवश्यक
संशोधनों सहित अनुमोदित किया।
संबंधित शब्द
- अनुमोदित
- अनुमोदन
- अनुमोदनार्थ
- अनुमोदन उपरांत
शब्द–2 : अभिलेखीकरण
सामान्य अर्थ
किसी निर्णय अथवा कार्यवाही को विधिवत रिकॉर्ड
में दर्ज करना।
सरकारी प्रयोग
कार्यवाही पुस्तिका, प्रस्ताव रजिस्टर, कार्यालय
अभिलेख आदि में निर्णय दर्ज करने के लिए।
उदाहरण
निर्णय का विधिवत अभिलेखीकरण किया गया।
सचिव द्वारा प्रस्ताव का अभिलेखीकरण सुनिश्चित
किया गया।
संबंधित शब्द
- अभिलेख
- अभिलेखित
- अभिलेखीकरण
- अभिलेखीय
शब्द–3 : संज्ञान
सामान्य अर्थ
किसी तथ्य, सूचना, आवेदन या
शिकायत को आधिकारिक रूप से ध्यान में लेना।
प्रयोग
ग्राम सभा द्वारा विषय का संज्ञान लिया गया।
प्रस्तुत आवेदन का संज्ञान लेते हुए विषय पर
चर्चा की गई।
वैकल्पिक प्रयोग
- संज्ञान में लाया गया।
- संज्ञान लिया गया।
- संज्ञानार्थ प्रस्तुत किया गया।
शब्द–4 : प्रतिवेदन
सामान्य अर्थ
किसी विषय का लिखित विवरण या रिपोर्ट।
प्रयोग
सचिव द्वारा विषय संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया
गया।
निरीक्षण प्रतिवेदन का अध्ययन किया गया।
संबंधित शब्द
- प्रतिवेदन
- प्रतिवेदित
- प्रतिवेदन प्रस्तुत करना
शब्द–5 : कार्यसूची
सामान्य अर्थ
बैठक में विचार किए जाने वाले विषयों की
आधिकारिक सूची।
प्रयोग
कार्यसूची के क्रमांक 05 पर अंकित विषय पर चर्चा
प्रारम्भ की गई।
कार्यसूची के अनुसार विषय विचारार्थ प्रस्तुत
किया गया।
संबंधित शब्द
- कार्यसूची
- कार्यसूचीबद्ध
- कार्यसूची अनुसार
शब्द–6 : अनुपालन
सामान्य अर्थ
निर्णय के अनुसार आगे की कार्यवाही करना।
प्रयोग
प्रस्ताव के अनुपालन हेतु सचिव को निर्देशित
किया गया।
निर्णय का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
संबंधित शब्द
- अनुपालन
- अनुपालन प्रतिवेदन
- अनुपालन कार्यवाही
- अनुपालन रिपोर्ट
शब्द–7 : औचित्य
सामान्य अर्थ
किसी निर्णय या प्रस्ताव का उचित आधार।
प्रयोग
प्रस्ताव का औचित्य स्पष्ट किया गया।
ग्राम सभा ने प्रस्ताव के औचित्य पर संतोष
व्यक्त किया।
उदाहरण
विषय का प्रशासनिक एवं वित्तीय औचित्य प्रस्तुत
किया गया।
शब्द–8 : समुचित
सामान्य अर्थ
उचित, पर्याप्त एवं नियमों के अनुरूप।
प्रयोग
समुचित परीक्षण किया गया।
समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
समुचित अभिलेख उपलब्ध कराए गए।
शब्द–9 : यथोचित
सामान्य अर्थ
जैसा उचित हो।
प्रयोग
यथोचित निर्णय लिया गया।
यथोचित कार्यवाही की जाएगी।
शब्द–10 : सक्षम प्राधिकारी
सामान्य अर्थ
वह अधिकारी जिसे नियमों के अनुसार निर्णय लेने
का अधिकार हो।
प्रयोग
सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
विषय सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।
ड्राफ्टिंग अभ्यास
नीचे दिए गए साधारण वाक्यों को सरकारी भाषा में
बदलें।
साधारण
प्रस्ताव पास कर दिया गया।
सरकारी
विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत प्रस्तुत
प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
साधारण
सचिव ने बताया।
सरकारी
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय के संबंध में
आवश्यक तथ्य एवं अभिलेख प्रस्तुत करते हुए ग्राम सभा को अवगत कराया गया।
साधारण
आगे काम किया जाएगा।
सरकारी
प्रस्ताव के अनुपालनार्थ नियमानुसार आवश्यक
प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
शब्द–11 : विचारार्थ
अर्थ
किसी विषय को निर्णय लेने से पूर्व विचार हेतु
प्रस्तुत करना।
सामान्य गलती
❌ विषय रखा गया।
सही सरकारी भाषा
✅ विषय विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया।
उदाहरण
कार्यसूची के क्रमांक 03 पर अंकित विषय ग्राम सभा के
समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया।
प्राप्त आवेदन को ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ रखा
गया।
शब्द–12 : निर्णयार्थ
अर्थ
जब किसी विषय पर अंतिम निर्णय लेना हो।
प्रयोग
विषय को निर्णयार्थ ग्राम सभा के
समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रस्ताव निर्णयार्थ रखा गया।
शब्द–13 : परीक्षण
अर्थ
किसी तथ्य, दस्तावेज, आवेदन या
प्रस्ताव का नियमों के अनुसार निरीक्षण या जाँच करना।
उदाहरण
प्राप्त अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
विषय का विस्तृत परीक्षण करने के
उपरांत...
संबंधित शब्द
- परीक्षण
- परीक्षणोपरांत
- परीक्षणाधीन
- परीक्षण रिपोर्ट
शब्द–14 : मूल्यांकन
अर्थ
किसी विषय की उपयोगिता, प्रभाव, आवश्यकता या
परिणाम का आकलन।
उदाहरण
प्रस्ताव का समग्र मूल्यांकन किया गया।
उपलब्ध संसाधनों का मूल्यांकन किया गया।
शब्द–15 : समीक्षा
अर्थ
किसी कार्य की प्रगति, गुणवत्ता या स्थिति का पुनः
परीक्षण।
उदाहरण
कार्य की समीक्षा आगामी ग्राम
सभा में की जाएगी।
समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
शब्द–16 : अनुशंसा
अर्थ
सिफारिश करना।
लेकिन "सिफारिश" की जगह
"अनुशंसा" अधिक सरकारी शब्द है।
उदाहरण
ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव की अनुशंसा की गई।
सक्षम प्राधिकारी को अनुशंसा प्रेषित की
जाएगी।
शब्द–17 : संस्तुति
अर्थ
किसी प्रस्ताव का औपचारिक समर्थन।
उदाहरण
ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव की संस्तुति की गई।
प्रस्ताव संस्तुत किया गया।
शब्द–18 : अधीन
प्रयोग
सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अधीन।
वित्तीय उपलब्धता के अधीन।
तकनीकी स्वीकृति के अधीन।
शब्द–19 : यथास्थिति
अर्थ
जैसी वर्तमान स्थिति है, वैसी ही बनाए रखना।
उदाहरण
अगली बैठक तक यथास्थिति बनाए रखी
जाएगी।
वर्तमान स्थिति यथावत रखी जाएगी।
शब्द–20 : यथावत
अर्थ
बिना किसी परिवर्तन के।
उदाहरण
मूल प्रस्ताव यथावत स्वीकृत किया
गया।
पूर्व निर्णय यथावत रखा गया।
शब्द–21 : प्रेषित
अर्थ
आधिकारिक रूप से भेजना।
उदाहरण
प्रस्ताव संबंधित विभाग को
प्रेषित किया जाएगा।
प्रतिवेदन जिला स्तर पर प्रेषित किया गया।
शब्द–22 : अग्रेषित
अर्थ
ऊपर के कार्यालय को भेजना।
उदाहरण
प्रस्ताव अनुमोदन हेतु अग्रेषित किया गया।
पत्र संबंधित कार्यालय को अग्रेषित किया गया।
शब्द–23 : परिपत्र
अर्थ
सरकार या विभाग द्वारा जारी निर्देश।
उदाहरण
विभागीय परिपत्र के अनुसार
कार्यवाही की जाएगी।
शब्द–24 : अधिसूचना
अर्थ
सरकारी Gazette या अधिकृत सूचना।
उदाहरण
शासन की अधिसूचना के अनुसार...
शब्द–25 : दिशा-निर्देश
उदाहरण
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार
कार्यवाही की जाएगी।
विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
एक ही अर्थ के कई सरकारी शब्द
"देखना"
❌ देखना
✅ अवलोकन करना
✅ निरीक्षण करना
✅ परीक्षण करना
✅ मूल्यांकन करना
✅ समीक्षा करना
✅ परीक्षणोपरांत
"बताना"
❌ बताया
✅ अवगत कराया
✅ स्पष्ट किया
✅ उल्लेख किया
✅ प्रतिवेदित किया
✅ जानकारी प्रदान की
✅ विवरण प्रस्तुत किया
"कहना"
❌ कहा
✅ अभिमत व्यक्त किया
✅ मत व्यक्त किया
✅ सुझाव प्रस्तुत किया
✅ अवगत कराया
✅ प्रतिपादित किया
"मानना"
❌ माना
✅ स्वीकार किया
✅ अनुमोदित किया
✅ संज्ञान लिया
✅ अभिमत व्यक्त किया
✅ अंगीकृत किया
"जाँचना"
❌ जाँच की
✅ परीक्षण किया
✅ समीक्षा की
✅ मूल्यांकन किया
✅ सत्यापन किया
✅ निरीक्षण किया
उच्च स्तरीय सरकारी शब्द (Premium
Vocabulary)
- सम्यक्
- यथोचित
- विधिवत
- नियमानुसार
- तदनुसार
- उपर्युक्त
- अधोहस्ताक्षरी
- यथासंभव
- तत्संबंधी
- यथाविधि
- प्रचलित
- परिलक्षित
- परिप्रेक्ष्य
- समग्र
- क्रमवार
- पृथक-पृथक
- समेकित
- व्यापक
- वस्तुनिष्ठ
- तथ्यपरक
- औचित्यपूर्ण
- व्यवहारिक
- जनोपयोगी
- पारदर्शी
- उत्तरदायी
- समयबद्ध
- सतत
- प्रभावी
- सुव्यवस्थित
ड्राफ्टिंग अभ्यास
साधारण
हमने देखा कि काम सही है।
सरकारी
कार्य का निरीक्षण एवं परीक्षण किए जाने के
उपरांत यह परिलक्षित हुआ कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संपादित किया गया
है।
साधारण
सचिव ने कहा कि नियमों के अनुसार काम होगा।
सरकारी
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि
समस्त कार्यवाही प्रचलित नियमों एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों
के अनुरूप संपादित की जाएगी।
सरकारी वाक्यांश कोश (Official Phrase Bank)
उदाहरण:
"को दृष्टिगत रखते हुए"
अर्थ: किसी तथ्य को
ध्यान में रखते हुए।
उदाहरण:
- ग्राम पंचायत क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए...
- ग्रामीणों द्वारा प्राप्त सुझावों को दृष्टिगत रखते हुए...
- उपलब्ध संसाधनों को
दृष्टिगत रखते हुए...
"के आलोक में"
- प्राप्त अभिमतों के आलोक
में...
- उपलब्ध अभिलेखों के आलोक
में...
- विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक
में...
"के उपरांत"
- विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत...
- परीक्षण के उपरांत...
- निरीक्षण के उपरांत...
- समीक्षा के उपरांत...
"तदनुसार"
- तदनुसार आवश्यक
कार्यवाही की जाएगी।
- तदनुसार प्रस्ताव
अनुमोदित किया गया।
- तदनुसार अभिलेखीकरण
किया गया।
"फलस्वरूप"
- फलस्वरूप प्रस्ताव
अनुमोदित किया गया।
- फलस्वरूप निर्णय
अभिलेखित किया गया।
- फलस्वरूप आवश्यक
निर्देश जारी किए गए।
"इस क्रम में"
- इस क्रम में अनेक
सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।
- इस क्रम में सचिव
द्वारा आवश्यक जानकारी प्रस्तुत की गई।
- इस क्रम में अध्यक्ष
महोदय द्वारा चर्चा को आगे बढ़ाया गया।
"तत्पश्चात"
- तत्पश्चात निर्णय
प्रक्रिया प्रारम्भ की गई।
- तत्पश्चात प्रस्ताव
पढ़कर सुनाया गया।
- तत्पश्चात मतदान
कराया गया।
"उक्त के संबंध में"
- उक्त के संबंध में विस्तृत
चर्चा की गई।
- उक्त के संबंध में आवश्यक
निर्देश दिए गए।
- उक्त के संबंध में प्रस्ताव
अनुमोदित किया गया।
"यथाविधि"
- यथाविधि कार्यवाही
की जाएगी।
- यथाविधि अभिलेखीकरण
किया जाएगा।
- यथाविधि स्वीकृति
प्राप्त की जाएगी।
"नियमानुसार"
- नियमानुसार कार्यवाही
सुनिश्चित की जाएगी।
- नियमानुसार प्रस्ताव
अग्रेषित किया जाएगा।
- नियमानुसार अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।
सरकारी वाक्यांश कोश (Official
Government Phrase Bank) – भाग–1
वाक्यांश–1 : "को दृष्टिगत
रखते हुए"
प्रयोग
जब किसी तथ्य, परिस्थिति, आवश्यकता या
सुझाव को आधार बनाकर निर्णय लिया जाए।
उदाहरण
- ग्राम पंचायत क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए...
- ग्रामीणों द्वारा प्राप्त सुझावों को दृष्टिगत रखते हुए...
- सार्वजनिक हित को
दृष्टिगत रखते हुए...
- उपलब्ध संसाधनों को
दृष्टिगत रखते हुए...
- स्थानीय परिस्थितियों को
दृष्टिगत रखते हुए...
- वित्तीय उपलब्धता को
दृष्टिगत रखते हुए...
- शासन के दिशा-निर्देशों को
दृष्टिगत रखते हुए...
- भविष्य की आवश्यकताओं को
दृष्टिगत रखते हुए...
वाक्यांश–2 : "के आलोक
में"
प्रयोग
जब किसी तथ्य या दस्तावेज़ के आधार पर निष्कर्ष
निकाला जाए।
उदाहरण
- प्राप्त अभिमतों के आलोक
में...
- उपलब्ध अभिलेखों के आलोक
में...
- विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक
में...
- प्रस्तुत तथ्यों के आलोक
में...
- निरीक्षण प्रतिवेदन के आलोक
में...
- शासनादेश के आलोक
में...
- प्राप्त जानकारी के आलोक
में...
- चर्चा के निष्कर्षों के आलोक
में...
वाक्यांश–3 : "के
उपरांत"
प्रयोग
किसी प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद।
उदाहरण
- विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत...
- परीक्षण के उपरांत...
- निरीक्षण के उपरांत...
- मूल्यांकन के उपरांत...
- समीक्षा के उपरांत...
- प्राप्त सुझावों के परीक्षण के उपरांत...
- समस्त अभिलेखों के अध्ययन के उपरांत...
- अध्यक्ष महोदय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत...
वाक्यांश–4 : "तत्पश्चात"
प्रयोग
क्रम आगे बढ़ाने के लिए।
उदाहरण
- तत्पश्चात सचिव
द्वारा आवश्यक जानकारी प्रस्तुत की गई।
- तत्पश्चात विषय पर
चर्चा प्रारम्भ की गई।
- तत्पश्चात सदस्यों
द्वारा अपने विचार व्यक्त किए गए।
- तत्पश्चात निर्णय
प्रक्रिया प्रारम्भ की गई।
- तत्पश्चात प्रस्ताव
का अनुमोदन किया गया।
- तत्पश्चात अनुपालन
के निर्देश दिए गए।
वाक्यांश–5 : "फलस्वरूप"
प्रयोग
किसी प्रक्रिया के परिणाम को व्यक्त करने के
लिए।
उदाहरण
- फलस्वरूप प्रस्ताव
सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
- फलस्वरूप आवश्यक
निर्देश जारी किए गए।
- फलस्वरूप निर्णय
अभिलेखित किया गया।
- फलस्वरूप प्रस्ताव
स्वीकार किया गया।
- फलस्वरूप कार्यवाही
प्रारम्भ की गई।
वाक्यांश–6 : "तदनुसार"
प्रयोग
पूर्व निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई बताने
के लिए।
उदाहरण
- तदनुसार आवश्यक
कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
- तदनुसार प्रस्ताव
संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाएगा।
- तदनुसार अभिलेखीकरण
किया जाएगा।
- तदनुसार अनुपालन
प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
- तदनुसार आगामी
कार्यवाही संपादित की जाएगी।
वाक्यांश–7 : "इस क्रम
में"
प्रयोग
चर्चा के क्रम को जोड़ने के लिए।
उदाहरण
- इस क्रम में अनेक
सदस्यों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए गए।
- इस क्रम में सचिव
द्वारा आवश्यक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया।
- इस क्रम में अध्यक्ष
महोदय द्वारा चर्चा को आगे बढ़ाया गया।
- इस क्रम में प्राप्त
सुझावों का परीक्षण किया गया।
- इस क्रम में सामूहिक
अभिमत विकसित हुआ।
वाक्यांश–8 : "उक्त के संबंध
में"
प्रयोग
पहले वर्णित विषय का संदर्भ देने के लिए।
उदाहरण
- उक्त के संबंध में विस्तृत
चर्चा की गई।
- उक्त के संबंध में आवश्यक
दिशा-निर्देश दिए गए।
- उक्त के संबंध में प्रस्ताव
पारित किया गया।
- उक्त के संबंध में आवश्यक
अभिलेख प्रस्तुत किए गए।
- उक्त के संबंध में अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
वाक्यांश–9 : "यथाविधि"
प्रयोग
नियमों के अनुसार।
उदाहरण
- यथाविधि कार्यवाही
की जाएगी।
- यथाविधि अभिलेखीकरण
किया जाएगा।
- यथाविधि स्वीकृति
प्राप्त की जाएगी।
- यथाविधि निरीक्षण
किया जाएगा।
- यथाविधि प्रस्ताव
प्रेषित किया जाएगा।
वाक्यांश–10 : "नियमानुसार"
प्रयोग
सरकारी कार्यवाही का सबसे अधिक प्रयुक्त शब्द।
उदाहरण
- नियमानुसार कार्यवाही
सुनिश्चित की जाएगी।
- नियमानुसार प्रस्ताव
अग्रेषित किया जाएगा।
- नियमानुसार अनुमोदन
प्राप्त किया जाएगा।
- नियमानुसार भुगतान
किया जाएगा।
- नियमानुसार अभिलेख
संधारित किए जाएंगे।
- नियमानुसार जाँच की
जाएगी।
- नियमानुसार निर्णय का
अनुपालन किया जाएगा।
ड्राफ्टिंग तुलना
साधारण भाषा
चर्चा के बाद प्रस्ताव पास कर दिया गया।
सरकारी भाषा
विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत, प्राप्त अभिमतों के आलोक में, स्थानीय परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया तथा तदनुसार आवश्यक कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित किए जाने का निर्णय लिया गया।
वाक्यांश–11 : "उपलब्ध तथ्यों
के आधार पर"
प्रयोग
जब निर्णय दस्तावेजों, अभिलेखों या तथ्यों के आधार
पर लिया गया हो।
उदाहरण
- उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रस्ताव
का परीक्षण किया गया।
- उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय
लिया गया।
- उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रस्ताव
उचित पाया गया।
- उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ग्राम सभा
ने सहमति व्यक्त की।
वाक्यांश–12 : "सम्यक् परीक्षण
के उपरांत"
प्रयोग
जब किसी विषय का गहन परीक्षण किया गया हो।
उदाहरण
- सम्यक् परीक्षण के उपरांत प्रस्ताव
अनुमोदित किया गया।
- सम्यक् परीक्षण के उपरांत विषय पर
निर्णय लिया गया।
- सम्यक् परीक्षण के उपरांत आवश्यक
दिशा-निर्देश जारी किए गए।
- सम्यक् परीक्षण के उपरांत प्रस्ताव
उपयुक्त पाया गया।
वाक्यांश–13 : "विस्तृत
विचार-विमर्श के फलस्वरूप"
उदाहरण
- विस्तृत विचार-विमर्श के फलस्वरूप प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
- विस्तृत विचार-विमर्श के फलस्वरूप सामूहिक अभिमत विकसित हुआ।
- विस्तृत विचार-विमर्श के फलस्वरूप निर्णय अभिलेखित किया गया।
- विस्तृत विचार-विमर्श के फलस्वरूप आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की गई।
वाक्यांश–14 : "सार्वजनिक हित
को सर्वोपरि रखते हुए"
उदाहरण
- सार्वजनिक हित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लिया गया।
- सार्वजनिक हित को सर्वोपरि रखते हुए प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
- सार्वजनिक हित को सर्वोपरि रखते हुए उपलब्ध विकल्पों का परीक्षण किया गया।
- सार्वजनिक हित को सर्वोपरि रखते हुए विषय पर विचार किया गया।
वाक्यांश–15 : "व्यापक जनहित
की दृष्टि से"
उदाहरण
- व्यापक जनहित की दृष्टि से प्रस्ताव
स्वीकार किया गया।
- व्यापक जनहित की दृष्टि से विषय
उपयुक्त पाया गया।
- व्यापक जनहित की दृष्टि से निर्णय
आवश्यक समझा गया।
- व्यापक जनहित की दृष्टि से प्रस्ताव
का अनुमोदन किया गया।
वाक्यांश–16 : "स्थानीय
परिस्थितियों का अवलोकन करने पर"
उदाहरण
- स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन करने पर विषय की आवश्यकता स्पष्ट हुई।
- स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन करने पर प्रस्ताव उचित पाया गया।
- स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन करने पर ग्राम सभा ने सहमति व्यक्त की।
- स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन करने पर आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
वाक्यांश–17 : "प्राप्त
अभिमतों के विश्लेषण से"
उदाहरण
- प्राप्त अभिमतों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि...
- प्राप्त अभिमतों के विश्लेषण से प्रस्ताव के समर्थन में व्यापक सहमति पाई गई।
- प्राप्त अभिमतों के विश्लेषण से विषय की आवश्यकता प्रमाणित हुई।
- प्राप्त अभिमतों के विश्लेषण से निर्णय का आधार स्पष्ट हुआ।
वाक्यांश–18 : "अभिलेखों के
अवलोकन से"
उदाहरण
- अभिलेखों के अवलोकन से यह स्पष्ट
हुआ कि...
- अभिलेखों के अवलोकन से प्रस्ताव
नियमों के अनुरूप पाया गया।
- अभिलेखों के अवलोकन से आवश्यक
जानकारी प्राप्त हुई।
- अभिलेखों के अवलोकन से विषय की
पुष्टि हुई।
वाक्यांश–19 : "प्रस्तुत
प्रतिवेदन के अनुसार"
उदाहरण
- प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया।
- प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार कार्य प्रगति पर है।
- प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार विषय उपयुक्त पाया गया।
वाक्यांश–20 : "संबंधित
अभिलेखों के परीक्षण से"
उदाहरण
- संबंधित अभिलेखों के परीक्षण से विषय स्पष्ट हुआ।
- संबंधित अभिलेखों के परीक्षण से प्रस्ताव का औचित्य सिद्ध हुआ।
- संबंधित अभिलेखों के परीक्षण से आवश्यक तथ्य प्राप्त हुए।
- संबंधित अभिलेखों के परीक्षण से निर्णय लेना उचित पाया गया।
वाक्यांश–21 : "ग्राम सभा ने
यह अनुभव किया कि..."
उदाहरण
- ग्राम सभा ने यह अनुभव किया कि विषय ग्रामहित में है।
- ग्राम सभा ने यह अनुभव किया कि प्रस्ताव समय की आवश्यकता है।
- ग्राम सभा ने यह अनुभव किया कि कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जाना चाहिए।
- ग्राम सभा ने यह अनुभव किया कि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग आवश्यक है।
वाक्यांश–22 : "यह परिलक्षित
हुआ कि..."
उदाहरण
- यह परिलक्षित हुआ कि प्रस्ताव
के पक्ष में व्यापक समर्थन है।
- यह परिलक्षित हुआ कि विषय
अत्यंत आवश्यक है।
- यह परिलक्षित हुआ कि ग्रामीणों
में सकारात्मक वातावरण है।
- यह परिलक्षित हुआ कि उपलब्ध
संसाधन पर्याप्त हैं।
वाक्यांश–23 : "इस तथ्य को
ध्यान में रखते हुए..."
उदाहरण
- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय अभिलेखित किया गया।
- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया निर्धारित की गई।
वाक्यांश–24 : "वर्तमान
परिप्रेक्ष्य में"
उदाहरण
- वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विषय
अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव
स्वीकार किया जाना उचित होगा।
- वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संसाधनों
का समुचित उपयोग आवश्यक है।
- वर्तमान परिप्रेक्ष्य में निर्णय
लेना अपेक्षित है।
वाक्यांश–25 : "समग्र परीक्षण
के आधार पर"
उदाहरण
- समग्र परीक्षण के आधार पर प्रस्ताव
स्वीकार किया गया।
- समग्र परीक्षण के आधार पर निर्णय
लिया गया।
- समग्र परीक्षण के आधार पर कार्यवाही
प्रारम्भ की गई।
- समग्र परीक्षण के आधार पर आवश्यक
दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ड्राफ्टिंग अभ्यास
साधारण
सबने मिलकर काम करने का निर्णय लिया।
सरकारी
विस्तृत विचार-विमर्श के फलस्वरूप, प्राप्त
अभिमतों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्ताव
के संबंध में व्यापक सहमति विद्यमान है। सार्वजनिक हित
को सर्वोपरि रखते हुए तथा समग्र परीक्षण
के आधार पर ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया
तथा तदनुसार नियमानुसार आवश्यक
कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने का निर्णय अभिलेखित किया गया।
Paragraph Formula–01
विषय प्रस्तुत करना
अध्यक्ष महोदय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत
कार्यसूची के क्रमांक ..... पर अंकित विषय को ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया। सचिव द्वारा विषय की पृष्ठभूमि, प्रशासनिक आवश्यकता,
उपलब्ध
अभिलेखों तथा प्राप्त सुझावों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत किया गया। विषय की महत्ता
पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सदस्यों से इस संबंध में अपने विचार एवं अभिमत
प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया।
Paragraph Formula–02
चर्चा प्रारम्भ करना
विषय के प्रस्तुतीकरण के उपरांत अध्यक्ष महोदय
द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान की गई। उपस्थित
सदस्यों द्वारा विषय के सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक एवं व्यवहारिक पक्षों पर क्रमवार अपने विचार
व्यक्त किए गए। चर्चा के दौरान प्राप्त प्रत्येक सुझाव का विधिवत अभिलेखीकरण किया
गया तथा उपलब्ध तथ्यों के साथ उनका सम्यक् परीक्षण किया गया।
Paragraph Formula–03
ग्राम सभा का अभिमत
विस्तृत विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप ग्राम सभा
ने यह अनुभव किया कि प्रस्तुत विषय ग्राम पंचायत क्षेत्र के व्यापक जनहित, सार्वजनिक
सुविधा तथा भावी विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राप्त सुझावों एवं
उपलब्ध तथ्यों के समग्र परीक्षण के उपरांत ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव के समर्थन
में सामूहिक अभिमत व्यक्त किया गया।
Paragraph Formula–04
निर्णय
ग्राम सभा द्वारा व्यक्त सर्वसम्मत अभिमत, उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण एवं स्थानीय परिस्थितियों के मूल्यांकन के आधार पर प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि प्रस्ताव का क्रियान्वयन नियमानुसार, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा तथा आवश्यक अनुपालन प्रतिवेदन आगामी ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
Paragraph Formula–01 (शास्त्रीय
सरकारी शैली)
अध्यक्ष महोदय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत
कार्यसूची के क्रमांक ........ पर अंकित विषय को ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय की पृष्ठभूमि, उससे संबंधित
उपलब्ध अभिलेखों, विभागीय दिशा-निर्देशों, स्थानीय परिस्थितियों तथा
प्राप्त सुझावों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि विषय का
परीक्षण नियमानुसार किया जा चुका है एवं अंतिम निर्णय हेतु ग्राम सभा की स्वीकृति
अपेक्षित है। अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से अनुरोध किया गया कि वे विषय
के प्रत्येक पक्ष पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए अपने सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत
करें।
Paragraph Formula–02 (अभिलेखीय शैली)
निर्धारित कार्यसूची के अनुसार विचारणीय विषय को
अध्यक्ष महोदय के निर्देशानुसार ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सचिव
द्वारा उपलब्ध अभिलेखों, प्राप्त आवेदनों, विभागीय पत्राचार, पूर्व में लिए गए निर्णयों
तथा वर्तमान परिस्थितियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। यह भी स्पष्ट
किया गया कि विषय ग्राम पंचायत क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से संबंधित है तथा
निर्णय लेने से पूर्व ग्राम सभा के समक्ष इसका समग्र परीक्षण अपेक्षित है। इस क्रम
में अध्यक्ष महोदय ने सभी सदस्यों से निष्पक्ष एवं तथ्यपरक विचार प्रस्तुत करने का
आग्रह किया।
Paragraph Formula–03 (VDO कार्यालय शैली)
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय का परिचय प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि प्रस्ताव ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्राप्त जनसुझावों, स्थानीय आवश्यकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों के मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया गया है। विषय के प्रशासनिक एवं व्यवहारिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए यह अवगत कराया गया कि प्रस्ताव का उद्देश्य ग्राम पंचायत क्षेत्र में जनहितकारी व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अध्यक्ष महोदय द्वारा विषय पर व्यापक विचार-विमर्श प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान की गई।
Paragraph Formula–04 (निरीक्षण योग्य
शैली)
कार्यसूची के क्रमांक ........ पर वर्णित विषय
का विस्तृत प्रतिवेदन सचिव द्वारा पढ़कर सुनाया गया। प्रतिवेदन में विषय की
आवश्यकता, उद्देश्य,
उपलब्ध संसाधन,
संभावित लाभ,
प्रशासनिक
स्थिति तथा भविष्य में अपेक्षित परिणामों का उल्लेख किया गया। साथ ही यह भी अवगत
कराया गया कि विषय के संबंध में उपलब्ध समस्त अभिलेख ग्राम सभा के अवलोकन हेतु
उपलब्ध हैं। अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी सदस्यों से अनुरोध किया गया कि वे प्रस्तुत
तथ्यों के आधार पर विषय पर अपने अभिमत व्यक्त करें।
Paragraph Formula–05 (विकास कार्य
शैली)
ग्राम पंचायत क्षेत्र की वर्तमान विकासात्मक
आवश्यकताओं, आधारभूत
सुविधाओं की उपलब्धता, ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर प्राप्त सुझावों एवं भविष्य की
आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए विषय को विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। सचिव
द्वारा बताया गया कि प्रस्ताव का उद्देश्य ग्राम पंचायत क्षेत्र में जनसुविधाओं का
विस्तार, प्रशासनिक
दक्षता में वृद्धि तथा समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इस संबंध में अध्यक्ष महोदय
द्वारा चर्चा प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान की गई।
Paragraph Formula–06 (जनहित आधारित
शैली)
सार्वजनिक हित, ग्राम पंचायत क्षेत्र की
वास्तविक आवश्यकताओं तथा ग्रामीणों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत
विषय को विचारार्थ रखा गया। सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि विषय किसी व्यक्तिगत
हित से संबंधित न होकर संपूर्ण ग्राम पंचायत क्षेत्र के व्यापक हित से जुड़ा हुआ
है। उपलब्ध अभिलेखों एवं प्राप्त सुझावों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत करते हुए
ग्राम सभा से विषय पर निर्णय प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
Paragraph Formula–07 (प्रशासनिक
औचित्य शैली)
सचिव द्वारा विषय के प्रशासनिक औचित्य, व्यवहारिक
आवश्यकता एवं उपलब्ध संसाधनों का समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन
में यह उल्लेख किया गया कि प्रस्ताव के प्रत्येक बिंदु का नियमानुसार परीक्षण किया
जा चुका है तथा वर्तमान परिस्थितियों में विषय पर निर्णय लिया जाना प्रशासनिक
दृष्टि से आवश्यक है। अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से विषय के संबंध में
अपने विचार प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया।
📘 Volume–1
अध्याय–2
सरकारी ड्राफ्टिंग का स्वर्ण नियम (Golden
Rules of Government Drafting)
2.1 सरकारी ड्राफ्टिंग क्या है?
सरकारी ड्राफ्टिंग केवल शब्दों का चयन नहीं है,
बल्कि किसी
निर्णय, तथ्य, घटना, सुझाव अथवा
कार्यवाही को इस प्रकार अभिव्यक्त करना है कि वह प्रशासनिक, विधिक, अभिलेखीय एवं
व्यवहारिक दृष्टि से स्पष्ट, प्रमाणिक, निष्पक्ष एवं भविष्य में संदर्भ योग्य बनी रहे।
ग्राम सभा की कार्यवाही सामान्य लेखन नहीं है।
यह ग्राम पंचायत का स्थायी अभिलेख है, जो भविष्य में निरीक्षण, ऑडिट, सामाजिक
अंकेक्षण, विभागीय जांच,
न्यायालयीन
प्रक्रिया तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तुत किया जा सकता है।
इसलिए कार्यवाही का प्रत्येक शब्द सोच-समझकर लिखा जाना चाहिए।
सरकारी ड्राफ्टिंग का उद्देश्य केवल घटना का
विवरण देना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि पढ़ने वाला अधिकारी यह
समझ सके कि विषय किस आधार पर आया, किस प्रकार उस पर विचार हुआ, किन तथ्यों पर निर्णय
आधारित था तथा आगे क्या कार्यवाही अपेक्षित है।
2.2 सरकारी ड्राफ्टिंग के दस
मूल सिद्धांत
(1) तथ्यपरकता (Objectivity)
सरकारी लेखन में अनुमान, अफवाह, व्यक्तिगत
टिप्पणी अथवा भावनात्मक अभिव्यक्तियों का स्थान नहीं होता।
गलत
यह बहुत अच्छा प्रस्ताव है।
सही
ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव को जनहित में उपयुक्त
पाया गया।
(2) निष्पक्षता (Neutrality)
लेखन में किसी व्यक्ति, समूह अथवा संस्था के प्रति
पक्षपात नहीं होना चाहिए।
गलत
सरपंच जी ने बहुत अच्छा निर्णय लिया।
सही
ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया
गया।
(3) प्रमाणिकता (Authenticity)
हर निर्णय का आधार होना चाहिए—
- अभिलेख
- आवेदन
- निरीक्षण
- प्रतिवेदन
- सुझाव
- नियम
- अधिनियम
(4) स्पष्टता (Clarity)
पढ़ने वाला अधिकारी एक बार पढ़कर समझ जाए कि—
- विषय क्या है।
- समस्या क्या है।
- निर्णय क्या है।
- आगे क्या करना है।
(5) संक्षिप्तता (Brevity)
सरकारी भाषा का अर्थ कठिन भाषा नहीं है।
सरकारी भाषा का अर्थ है—
कम शब्दों में स्पष्ट प्रशासनिक अभिव्यक्ति।
(6) क्रमबद्धता (Sequence)
हर प्रस्ताव का क्रम लगभग ऐसा होना चाहिए—
विषय
↓
पृष्ठभूमि
↓
चर्चा
↓
अभिमत
↓
निर्णय
↓
अनुपालन
(7) अभिलेखीय मूल्य (Record
Value)
हर वाक्य ऐसा होना चाहिए कि 10 वर्ष बाद भी
पढ़ने वाला अधिकारी समझ सके कि निर्णय क्यों लिया गया था।
(8) विधिक सुरक्षा (Legal
Safety)
कभी भी ऐसा वाक्य न लिखें—
सभी लोग खुश थे।
क्योंकि इसका कोई प्रमाण नहीं।
लिखें—
उपस्थित सदस्यों द्वारा प्रस्ताव के समर्थन में
अभिमत व्यक्त किया गया।
(9) उत्तरदायित्व (Accountability)
हर निर्णय के बाद यह भी लिखा जाना चाहिए—
कौन करेगा?
कब करेगा?
कैसे करेगा?
(10) अनुपालन (Compliance)
सरकारी प्रस्ताव निर्णय पर समाप्त नहीं होता।
उसके बाद लिखा जाता है—
- प्रस्ताव किसे भेजा जाएगा।
- कौन कार्यवाही करेगा।
- समीक्षा कब होगी।
2.3 सरकारी ड्राफ्टिंग की सबसे
बड़ी गलती
भारत की लगभग 90% ग्राम सभाओं में कार्यवाही
कुछ इस प्रकार लिखी जाती है—
प्रस्ताव पढ़ा गया।
चर्चा हुई।
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बस।
यह कार्यवाही नहीं,
बल्कि सारांश (Summary)
है।
एक अच्छी कार्यवाही कुछ इस प्रकार दिखती है—
कार्यसूची के क्रमांक 04 पर अंकित विषय अध्यक्ष
महोदय की अनुमति से ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। सचिव द्वारा
विषय की पृष्ठभूमि, प्राप्त आवेदन, उपलब्ध अभिलेखों एवं स्थानीय परिस्थितियों का
क्रमवार विवरण प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों से
विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया। चर्चा के दौरान प्राप्त
सुझावों का सम्यक् परीक्षण किया गया। ग्राम सभा ने विषय के प्रशासनिक, सामाजिक एवं
वित्तीय पक्षों का मूल्यांकन करते हुए यह निष्कर्ष निकाला कि प्रस्ताव ग्राम
पंचायत क्षेत्र के व्यापक जनहित में है। फलस्वरूप प्रस्ताव का सर्वसम्मति से
अनुमोदन किया गया तथा सचिव को निर्देशित किया गया कि नियमानुसार आवश्यक अनुपालन
सुनिश्चित करें।
✍️ लेखक टिप्पणी
याद रखिए—
सरकारी ड्राफ्टिंग का उद्देश्य "सुंदर
लिखना" नहीं है।
उसका उद्देश्य है—
- स्पष्ट लिखना,
- प्रमाणिक लिखना,
- अभिलेखीय लिखना,
- विधिक रूप से सुरक्षित लिखना,
- और ऐसा लिखना कि भविष्य में किसी अधिकारी, ऑडिटर या न्यायालय के समक्ष भी वह कार्यवाही अपने आप बोल सके।
2.5 सरकारी ड्राफ्टिंग की 50 सामान्य गलतियाँ एवं उनके पेशेवर सुधार
(Common Drafting Mistakes
& Professional Corrections)
लेखक टिप्पणी
सरकारी कार्यवाही में सबसे अधिक त्रुटियाँ भाषा
की नहीं, बल्कि ड्राफ्टिंग
तकनीक की होती हैं। यह अध्याय उन वास्तविक गलतियों पर आधारित है
जो ग्राम पंचायतों की कार्यवाही पुस्तिकाओं, निरीक्षण प्रतिवेदनों एवं
ऑडिट के दौरान अक्सर देखने को मिलती हैं।
गलती–1
केवल निर्णय लिख देना
❌ गलत
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
✔ सही
कार्यसूची के अनुसार विषय ग्राम सभा के समक्ष
विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। विषय की पृष्ठभूमि एवं आवश्यकता पर विस्तृत
विचार-विमर्श किया गया। प्राप्त अभिमतों के सम्यक् परीक्षण के उपरांत ग्राम सभा
द्वारा प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
गलती–2
"चर्चा हुई" लिख देना
❌ गलत
इस पर चर्चा हुई।
✔ सही
विषय के प्रशासनिक, वित्तीय, सामाजिक एवं
व्यवहारिक पक्षों पर क्रमवार विचार-विमर्श किया गया तथा उपस्थित सदस्यों द्वारा
प्राप्त सुझावों का परीक्षण किया गया।
गलती–3
विषय का कारण नहीं लिखना
❌ गलत
सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
✔ सही
ग्राम पंचायत क्षेत्र के संबंधित मार्ग की
वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों द्वारा प्राप्त सुझावों तथा आवागमन की कठिनाइयों
को दृष्टिगत रखते हुए सड़क निर्माण संबंधी विषय ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया।
गलती–4
आधार नहीं बताना
❌ गलत
निर्णय लिया गया।
✔ सही
उपलब्ध अभिलेखों, प्राप्त अभिमतों एवं
स्थानीय परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के आधार पर निर्णय लिया गया।
गलती–5
नियमों का उल्लेख नहीं करना
❌ गलत
कार्य किया जाएगा।
✔ सही
कार्य प्रचलित नियमों, शासन द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अनुसार संपादित किया जाएगा।
गलती–6
अनुपालन नहीं लिखना
❌ गलत
प्रस्ताव पारित किया गया।
✔ सही
प्रस्ताव पारित करते हुए सचिव को निर्देशित किया
गया कि नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा अनुपालन
प्रतिवेदन अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
गलती–7
हर प्रस्ताव में एक जैसी भाषा
❌ गलत
25 प्रस्ताव
25 बार
प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
✔ सही
हर प्रस्ताव की भाषा अलग—
- अनुमोदित किया गया।
- स्वीकार किया गया।
- स्वीकृति प्रदान की गई।
- अंगीकृत किया गया।
- संस्तुत किया गया।
- निर्णय अभिलेखित किया गया।
- समर्थन प्रदान किया गया।
गलती–8
भावनात्मक भाषा
❌ गलत
बहुत अच्छा प्रस्ताव था।
✔ सही
प्रस्ताव ग्राम पंचायत क्षेत्र के जनहित में
उपयुक्त पाया गया।
गलती–9
व्यक्तिगत टिप्पणी
❌ गलत
सरपंच जी ने बहुत अच्छा काम किया।
✔ सही
ग्राम सभा द्वारा प्रस्तावित कार्य के संबंध में
संतोष व्यक्त किया गया।
गलती–10
बिना आधार के निष्कर्ष
❌ गलत
सभी लोग खुश थे।
✔ सही
उपस्थित सदस्यों द्वारा प्रस्ताव के समर्थन में
सकारात्मक अभिमत व्यक्त किए गए।
गलती–11
अधूरी कार्यवाही
❌ गलत क्रम
विषय
↓
निर्णय
✔ सही क्रम
- विषय
- पृष्ठभूमि
- तथ्य
- चर्चा
- अभिमत
- निर्णय
- अनुपालन
- समीक्षा
गलती–12
"बताया गया"
❌
सचिव ने बताया।
✔
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय से संबंधित
आवश्यक तथ्य एवं अभिलेख प्रस्तुत करते हुए ग्राम सभा को अवगत कराया गया।
गलती–13
"कहा गया"
❌
अध्यक्ष ने कहा।
✔
अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से विषय
पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया।
गलती–14
"देखा गया"
❌
देखा गया।
✔
उपलब्ध अभिलेखों एवं स्थानीय परिस्थितियों का
अवलोकन करने पर यह परिलक्षित हुआ कि...
गलती–15
"काम होगा"
❌
काम किया जाएगा।
✔
कार्य का क्रियान्वयन नियमानुसार, समयबद्ध एवं
गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाएगा।
ड्राफ्टिंग सूत्र
किसी भी प्रस्ताव को लिखते समय यह 8-बिंदु परीक्षण अवश्य करें—
|
क्रम |
प्रश्न |
|
1 |
विषय स्पष्ट है? |
|
2 |
पृष्ठभूमि लिखी गई है? |
|
3 |
निर्णय का आधार लिखा है? |
|
4 |
चर्चा का सार है? |
|
5 |
ग्राम सभा का अभिमत लिखा है? |
|
6 |
अंतिम निर्णय स्पष्ट है? |
|
7 |
अनुपालन किसे करना है, लिखा है? |
|
8 |
भाषा सरकारी एवं अभिलेखीय है? |
लेखक की व्यावसायिक टिप्पणी
एक अच्छी ग्राम सभा कार्यवाही की पहचान यह नहीं
है कि उसमें कठिन शब्द लिखे गए हैं।
एक अच्छी कार्यवाही की पहचान यह है कि—
- हर निर्णय का आधार दर्ज हो।
- हर अनुच्छेद का उद्देश्य स्पष्ट हो।
- भाषा निष्पक्ष हो।
- अभिलेख भविष्य में भी उपयोगी रहे।
- पढ़ने वाला अधिकारी बिना अतिरिक्त स्पष्टीकरण के पूरी
प्रक्रिया समझ सके।
2.6 सरकारी ड्राफ्टिंग के 100
स्वर्णिम
सिद्धांत
(100 Golden Rules of
Government Drafting)
भाग–1 (नियम 1–25)
लेखक टिप्पणी
सरकारी ड्राफ्टिंग केवल भाषा का विषय नहीं है।
यह प्रशासनिक सोच, विधिक सावधानी, अभिलेखीय अनुशासन एवं उत्तरदायित्व का समन्वय
है। नीचे दिए गए सिद्धांत किसी भी ग्राम सभा कार्यवाही, प्रस्ताव, संकल्प या
कार्यालयीन अभिलेख को अधिक व्यवस्थित, स्पष्ट एवं उपयोगी बनाने में सहायक होंगे।
नियम–1
पहले तथ्य, फिर निर्णय
सरकारी कार्यवाही में कभी भी सीधे निर्णय नहीं
लिखा जाता।
क्रम हमेशा रहेगा—
तथ्य → चर्चा → अभिमत → निर्णय
नियम–2
प्रत्येक निर्णय का आधार लिखिए
हर निर्णय के पीछे कोई आधार अवश्य होना चाहिए।
जैसे—
- प्राप्त आवेदन
- निरीक्षण
- प्रतिवेदन
- ग्रामीणों का सुझाव
- विभागीय निर्देश
- उपलब्ध अभिलेख
नियम–3
निर्णय कभी अकेला नहीं होता
हर निर्णय से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए—
निर्णय क्यों लिया गया?
नियम–4
सरकारी भाषा निष्पक्ष होती है
कभी नहीं लिखें—
यह बहुत अच्छा कार्य है।
लिखें—
ग्राम सभा द्वारा कार्य को जनहित में उपयुक्त
पाया गया।
नियम–5
अनुमान नहीं, अभिलेख
यदि प्रमाण नहीं है तो नहीं लिखें।
लिखें—
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार...
नियम–6
भावनाओं की नहीं, तथ्यों की भाषा
सरकारी दस्तावेज़ में भावनात्मक शब्दों का
प्रयोग न्यूनतम होना चाहिए।
नियम–7
हर प्रस्ताव की शुरुआत अलग रखें
लगातार 20 प्रस्ताव
20 अलग शुरुआत।
नियम–8
हर निर्णय की भाषा बदलें
सिर्फ—
सर्वसम्मति से पारित किया गया
मत लिखिए।
नियम–9
हर चर्चा अलग लिखें
"चर्चा हुई"
कभी पर्याप्त नहीं है।
नियम–10
हर प्रस्ताव का अपना व्यक्तित्व होना चाहिए
सड़क वाला प्रस्ताव
नाली वाले प्रस्ताव जैसा नहीं दिखना चाहिए।
नियम–11
छोटे वाक्य लिखिए
बहुत लंबे वाक्य पढ़ने में कठिन होते हैं।
नियम–12
अनावश्यक विशेषणों से बचें
मत लिखिए—
- अत्यंत शानदार
- बहुत बढ़िया
- बेहतरीन
नियम–13
सरकारी क्रियाओं का प्रयोग करें
लिखिए—
- अनुमोदित
- अभिलेखित
- परीक्षण
- संज्ञान
- संस्तुति
नियम–14
क्रम मत तोड़िए
विषय
↓
चर्चा
↓
निर्णय
↓
अनुपालन
नियम–15
सक्रिय नहीं, प्रशासनिक शैली
मत लिखिए—
हमने निर्णय लिया।
लिखिए—
ग्राम सभा द्वारा निर्णय लिया गया।
नियम–16
व्यक्ति नहीं, संस्था लिखिए
मत लिखिए—
सरपंच ने कहा।
लिखिए—
अध्यक्ष महोदय द्वारा अवगत कराया गया।
नियम–17
प्रशासनिक शब्दावली बढ़ाइए
- यथाविधि
- नियमानुसार
- समुचित
- समग्र
- परिप्रेक्ष्य
- अवलोकन
नियम–18
पैराग्राफ का उद्देश्य स्पष्ट रखें
एक पैराग्राफ
एक विषय
नियम–19
हर अनुच्छेद अगले से जुड़ा हो
Linking Sentences का प्रयोग करें।
नियम–20
दोहराव कम करें
एक ही शब्द
लगातार पाँच बार
मत लिखिए।
नियम–21
हर निर्णय के बाद जिम्मेदारी तय करें
कौन करेगा?
कब करेगा?
किस नियम के अनुसार करेगा?
नियम–22
अनुपालन अवश्य लिखिए
निर्णय
↓
अनुपालन
↓
समीक्षा
नियम–23
भविष्य की समीक्षा लिखिए
उदाहरण—
कार्य की प्रगति आगामी ग्राम सभा में समीक्षा
हेतु प्रस्तुत की जाएगी।
नियम–24
भाषा सरल लेकिन सरकारी रखें
सरकारी भाषा का अर्थ कठिन भाषा नहीं है।
नियम–25
कार्यवाही पढ़ने योग्य होनी चाहिए
यदि कोई अधिकारी पाँच वर्ष बाद पढ़े,
तो उसे पूरा मामला समझ आ जाना चाहिए।
📖 विशेषज्ञ टिप्पणी
एक उत्कृष्ट ग्राम सभा कार्यवाही में पाँच
अनिवार्य गुण होने चाहिए—
- तथ्यपरकता – प्रत्येक कथन का आधार
हो।
- निष्पक्षता – व्यक्तिगत मत या
पक्षपात न हो।
- स्पष्टता – विषय, चर्चा और
निर्णय आसानी से समझ आएँ।
- क्रमबद्धता – कार्यवाही तार्किक
क्रम में चले।
- अभिलेखीय उपयोगिता – भविष्य में निरीक्षण,
ऑडिट या संदर्भ के लिए उपयोगी रहे।
2.7 सरकारी ड्राफ्टिंग के 25
स्तंभ (The
25 Pillars of Official Drafting)
लेखक टिप्पणी
यदि कोई पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी (VDO)
या लिपिक इन 25
स्तंभों को समझ
ले, तो वह बिना
किसी प्रारूप की सहायता के भी उच्च गुणवत्ता वाली सरकारी कार्यवाही तैयार कर सकता
है। ये केवल नियम नहीं, बल्कि सरकारी लेखन की मूल कार्यप्रणाली हैं।
स्तंभ–1 : उद्देश्य (Purpose)
सरकारी दस्तावेज़ का प्रत्येक अनुच्छेद किसी
उद्देश्य की पूर्ति करता है। इसलिए लिखना प्रारम्भ करने से पहले स्वयं से यह
प्रश्न पूछें—
"मैं यह अनुच्छेद क्यों लिख
रहा हूँ?"
यदि उद्देश्य स्पष्ट नहीं है, तो अनुच्छेद
अनावश्यक रूप से लंबा, दोहरावपूर्ण और भ्रमित करने वाला हो जाएगा।
स्तंभ–2 : विषय की पहचान (Identification
of the Subject)
प्रत्येक प्रस्ताव का विषय एक वाक्य में स्पष्ट
होना चाहिए।
उदाहरण
ग्राम पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 05
में सीसी सड़क
निर्माण के संबंध में प्रस्ताव।
यह पढ़ते ही विषय स्पष्ट हो जाना चाहिए।
स्तंभ–3 : पृष्ठभूमि (Background)
हर निर्णय की एक पृष्ठभूमि होती है।
पृष्ठभूमि में निम्न बातें आ सकती हैं—
- आवेदन प्राप्त हुआ।
- निरीक्षण किया गया।
- ग्रामीणों ने सुझाव दिया।
- विभागीय निर्देश प्राप्त हुए।
- पूर्व निर्णय उपलब्ध था।
- योजना स्वीकृत हुई।
बिना पृष्ठभूमि के प्रस्ताव अधूरा माना जाएगा।
स्तंभ–4 : तथ्य (Facts)
तथ्य वही लिखें जिनका अभिलेखीय आधार उपलब्ध हो।
उदाहरण—
- उपलब्ध अभिलेख
- निरीक्षण प्रतिवेदन
- स्वीकृति पत्र
- माप पुस्तिका
- विभागीय पत्र
- आवेदन
अनुमान, अफवाह और व्यक्तिगत जानकारी तथ्य नहीं हैं।
स्तंभ–5 : संदर्भ (Reference)
अच्छी कार्यवाही में आवश्यकता अनुसार संदर्भ
दिया जाता है।
उदाहरण—
शासन के निर्देशानुसार...
पूर्व ग्राम सभा के निर्णय के क्रम में...
संबंधित विभाग के पत्र के संदर्भ में...
स्तंभ–6 : चर्चा (Discussion)
चर्चा का उद्देश्य निर्णय को मजबूत बनाना है।
इसमें केवल "चर्चा हुई" लिखना
पर्याप्त नहीं।
इसमें यह भी लिखा जाना चाहिए—
- किन विषयों पर चर्चा हुई।
- क्या सुझाव मिले।
- किन बातों पर सहमति बनी।
स्तंभ–7 : विश्लेषण (Analysis)
सरकारी कार्यवाही केवल चर्चा नहीं करती।
वह चर्चा का विश्लेषण भी करती है।
उदाहरण—
प्राप्त सुझावों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ
कि...
स्तंभ–8 : औचित्य (Justification)
किसी भी निर्णय का कारण अवश्य लिखें।
उदाहरण—
विषय जनहित में होने के कारण...
स्तंभ–9 : विकल्प (Alternatives)
जहाँ आवश्यक हो, यह भी लिखें कि अन्य
विकल्पों पर विचार किया गया।
उदाहरण—
उपलब्ध विकल्पों का परीक्षण करने के पश्चात...
स्तंभ–10 : निष्कर्ष (Conclusion)
चर्चा समाप्त होने के बाद निष्कर्ष लिखा जाता
है।
उदाहरण—
उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर ग्राम सभा इस
निष्कर्ष पर पहुँची कि...
स्तंभ–11 : निर्णय (Decision)
यही प्रस्ताव का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
निर्णय स्पष्ट, संक्षिप्त और निर्विवाद
होना चाहिए।
स्तंभ–12 : उत्तरदायित्व (Responsibility)
हर निर्णय के बाद यह स्पष्ट होना चाहिए—
किस अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जाएगी।
स्तंभ–13 : समय-सीमा (Timeline)
जहाँ संभव हो, समय का उल्लेख करें।
उदाहरण—
यथाशीघ्र।
निर्धारित समय-सीमा में।
आगामी बैठक से पूर्व।
स्तंभ–14 : अनुपालन (Compliance)
प्रत्येक निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई लिखें।
स्तंभ–15 : समीक्षा (Review)
अच्छी कार्यवाही में समीक्षा का भी उल्लेख होता
है।
स्तंभ–16 : अभिलेखीकरण (Documentation)
हर निर्णय रिकॉर्ड का हिस्सा बनता है।
स्तंभ–17 : पारदर्शिता (Transparency)
भाषा ऐसी हो कि निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट दिखाई
दे।
स्तंभ–18 : उत्तरदायित्व (Accountability)
निर्णय का उत्तरदायित्व संस्था का हो, व्यक्ति का नहीं।
स्तंभ–19 : निष्पक्षता (Neutrality)
व्यक्तिगत टिप्पणी से बचें।
स्तंभ–20 : वैधानिकता (Legality)
जहाँ आवश्यक हो, नियमों एवं प्रावधानों का
उल्लेख करें।
स्तंभ–21 : प्रशासनिक भाषा (Administrative
Tone)
सरकारी दस्तावेज़ में आदेशात्मक नहीं, प्रशासनिक भाषा
का प्रयोग करें।
स्तंभ–22 : निरंतरता (Continuity)
एक अनुच्छेद से दूसरा अनुच्छेद स्वाभाविक रूप से
जुड़ना चाहिए।
स्तंभ–23 : अभिलेखीय गुणवत्ता (Record
Quality)
दस्तावेज़ भविष्य में भी उपयोगी रहे।
स्तंभ–24 : निरीक्षण-योग्यता (Inspection
Readiness)
ऐसी भाषा लिखें जिसे निरीक्षण अधिकारी आसानी से
समझ सके।
स्तंभ–25 : ऑडिट-सुरक्षा (Audit
Readiness)
यदि पाँच वर्ष बाद ऑडिट हो, तो केवल
कार्यवाही पढ़कर यह समझ आ जाए—
- विषय क्या था?
- चर्चा क्यों हुई?
- निर्णय किस आधार पर लिया गया?
- किसे क्या करना था?
·
Premium Government Paragraph
Bank
·
भाग–1 : विषय प्रस्तुत करने के 25 वास्तविक सरकारी अनुच्छेद
·
सामान्य प्रशासनिक विषय
·
कार्यसूची के क्रमांक ........ पर अंकित विषय को
अध्यक्ष महोदय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय की पृष्ठभूमि, उपलब्ध अभिलेखों, प्राप्त आवेदनों
तथा स्थानीय परिस्थितियों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि
विषय ग्राम पंचायत क्षेत्र के व्यापक जनहित से संबंधित है। अतः ग्राम सभा द्वारा
इस संबंध में विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।
·
विकास कार्य
·
ग्राम पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की
वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर प्राप्त सुझावों तथा
संबंधित वार्ड के जनप्रतिनिधियों द्वारा व्यक्त आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए
प्रस्तुत विषय ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ रखा गया। सचिव द्वारा बताया गया कि
विषय के संबंध में उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण किया जा चुका है तथा अब
ग्राम सभा की स्वीकृति अपेक्षित है।
·
जनहित आधारित प्रस्ताव
·
सार्वजनिक हित, ग्रामीणों की सुविधा तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र के
संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत विषय को कार्यसूची में सम्मिलित
किया गया। सचिव द्वारा विषय का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि
प्रस्ताव का उद्देश्य ग्रामीणों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना तथा उपलब्ध
संसाधनों का समुचित एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।
·
योजना संबंधी प्रस्ताव
·
शासन द्वारा संचालित योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों
के चयन तथा योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तुत विषय
ग्राम सभा के समक्ष रखा गया। सचिव द्वारा संबंधित दिशा-निर्देशों, पात्रता मानदंडों
तथा उपलब्ध अभिलेखों का विवरण प्रस्तुत करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाने का अनुरोध
किया गया।
·
वित्तीय विषय
·
ग्राम पंचायत की उपलब्ध वित्तीय स्थिति, स्वीकृत बजट
प्रावधानों तथा प्रस्तावित व्यय के औचित्य का विवरण प्रस्तुत करते हुए सचिव द्वारा
ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि विषय पर निर्णय लिए जाने से पूर्व वित्तीय पक्ष का
समुचित परीक्षण आवश्यक है। अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से विषय पर
तथ्यपरक चर्चा करने का अनुरोध किया गया।
·
सार्वजनिक शिकायत
·
ग्राम पंचायत को प्राप्त शिकायतों, स्थानीय निरीक्षण
के निष्कर्षों तथा संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत यह विषय ग्राम सभा के
समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि प्रस्ताव का
उद्देश्य शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण कर तथ्यपरक निर्णय प्राप्त करना है।
·
वार्ड स्तर की आवश्यकता
·
संबंधित वार्ड के निवासियों द्वारा प्रस्तुत मांगों, वार्ड पंच के
सुझावों तथा स्थल निरीक्षण के आधार पर यह पाया गया कि प्रस्तावित कार्य स्थानीय
आवश्यकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी कारण विषय को ग्राम सभा की कार्यसूची
में सम्मिलित कर विचारार्थ प्रस्तुत किया गया।
·
निरीक्षण आधारित प्रस्ताव
·
हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों, संबंधित
अधिकारियों के प्रतिवेदन तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रस्तुत विषय को ग्राम
सभा के समक्ष रखा गया। सचिव द्वारा यह अवगत कराया गया कि निरीक्षण में प्राप्त
निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।
·
दीर्घकालिक विकास प्रस्ताव
·
ग्राम पंचायत क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास, आधारभूत संरचना के
सुदृढ़ीकरण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तुत विषय ग्राम
सभा के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में उपलब्ध संसाधनों, संभावित लाभों तथा
अपेक्षित परिणामों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया।
·
विभागीय निर्देश आधारित प्रस्ताव
·
संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों, शासनादेशों तथा
प्राप्त पत्राचार के अनुपालन में प्रस्तुत विषय ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ रखा
गया। सचिव द्वारा आवश्यक निर्देशों का सार प्रस्तुत करते हुए ग्राम सभा से निर्णय
प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
·
प्रस्ताव–001
·
सीसी सड़क निर्माण हेतु ग्राम
सभा प्रस्ताव (Premium Draft Version–1)
·
विषय
·
ग्राम पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या ........ में
सीसी सड़क निर्माण कार्य के संबंध में विचार एवं अनुमोदन।
·
पृष्ठभूमि
·
अध्यक्ष महोदय की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत
कार्यसूची के क्रमांक ........ पर अंकित विषय ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ
प्रस्तुत किया गया। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि संबंधित वार्ड के
निवासियों, वार्ड पंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर उक्त मार्ग के सुधार
हेतु मांग प्रस्तुत की जाती रही है। वर्तमान में मार्ग कच्चा एवं ऊबड़-खाबड़ होने
के कारण वर्षा ऋतु में जलभराव, कीचड़ तथा आवागमन में कठिनाई उत्पन्न होती है, जिससे
विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आपातकालीन सेवाओं के आवागमन पर
प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
·
सचिव द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि स्थल निरीक्षण के
दौरान उक्त मार्ग के सुधार की आवश्यकता परिलक्षित हुई तथा उपलब्ध संसाधनों एवं
संभावित वित्तीय स्रोतों का प्रारंभिक परीक्षण करने के उपरांत विषय को ग्राम सभा
के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है।
·
चर्चा
·
अध्यक्ष महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों से विषय पर अपने
विचार प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया। चर्चा के दौरान संबंधित वार्ड के
निवासियों द्वारा बताया गया कि मार्ग की खराब स्थिति के कारण दैनिक आवागमन अत्यंत
कठिन हो जाता है तथा वर्षा के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। महिला सदस्यों
ने विद्यालय जाने वाले बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को होने वाली कठिनाइयों का
उल्लेख किया। वरिष्ठ नागरिकों द्वारा भी मार्ग निर्माण को प्राथमिक आवश्यकता बताया
गया।
·
कुछ सदस्यों द्वारा सुझाव दिया गया कि निर्माण कार्य
प्रारम्भ करने से पूर्व आवश्यक तकनीकी सर्वेक्षण, जल निकासी
व्यवस्था एवं सड़क की चौड़ाई का उचित निर्धारण किया जाए ताकि भविष्य में सड़क की
गुणवत्ता एवं उपयोगिता बनी रहे। ग्राम सभा द्वारा इन सुझावों का स्वागत करते हुए
उन्हें कार्य योजना में सम्मिलित किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई।
·
ग्राम सभा का अभिमत
·
विस्तृत विचार-विमर्श, स्थानीय
परिस्थितियों के अवलोकन, उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण तथा ग्रामीणों द्वारा
व्यक्त अभिमतों के आधार पर ग्राम सभा ने यह अनुभव किया कि प्रस्तावित सीसी सड़क का
निर्माण ग्राम पंचायत क्षेत्र के व्यापक जनहित, सुरक्षित आवागमन
एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से आवश्यक एवं औचित्यपूर्ण है।
ग्राम सभा ने यह भी माना कि उक्त कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ
प्राप्त होगा तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
·
निर्णय
·
ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि
संबंधित वार्ड में प्रस्तावित सीसी सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर
स्वीकृति प्रदान की जाए। आवश्यक तकनीकी सर्वेक्षण, लागत अनुमान, प्रशासनिक एवं
तकनीकी स्वीकृतियाँ तथा वित्तीय प्रावधान नियमानुसार प्राप्त किए जाने के उपरांत
कार्य प्रारम्भ किया जाए। कार्य के निष्पादन में गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं
वित्तीय अनुशासन का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
·
अनुपालन
·
ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया कि प्रस्ताव
से संबंधित समस्त अभिलेख तैयार कर नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी को आवश्यक स्वीकृति
हेतु प्रेषित करें। कनिष्ठ अभियंता द्वारा स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी प्रतिवेदन
तैयार कराया जाए। प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात कार्य का
क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। कार्य की प्रगति
की समीक्षा आगामी ग्राम सभा की बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
·
अभिलेखीय टिप्पणी
·
यह निर्णय ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों द्वारा
व्यक्त सामूहिक अभिमत, उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण, स्थानीय आवश्यकता
एवं व्यापक जनहित को दृष्टिगत रखते हुए लिया गया तथा इसे ग्राम सभा कार्यवाही
पुस्तिका में विधिवत अभिलेखित किया गया।
21.2 प्रस्ताव किन परिस्थितियों
में उत्पन्न हो सकता है
सीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव निम्न आधारों पर
ग्राम सभा में आ सकता है—
(1) ग्रामीणों की मांग
संबंधित वार्ड के निवासियों द्वारा कई बार लिखित
अथवा मौखिक रूप से मार्ग सुधार की मांग की गई हो।
(2) वार्ड पंच का प्रस्ताव
वार्ड पंच द्वारा अपने क्षेत्र की आवश्यकता
बताते हुए विषय कार्यसूची में सम्मिलित कराने का अनुरोध किया गया हो।
(3) सरपंच की पहल
ग्राम पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान
में रखते हुए सरपंच द्वारा प्रस्ताव तैयार कराया गया हो।
(4) सचिव का प्रतिवेदन
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं
निरीक्षण के आधार पर विषय प्रस्तुत किया गया हो।
(5) स्थल निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया हो कि मार्ग
अत्यधिक क्षतिग्रस्त है तथा तत्काल सुधार आवश्यक है।
(6) विभागीय निर्देश
उच्च कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार
ग्राम सभा से अनुमोदन आवश्यक हो।
(7) वित्त आयोग अथवा अन्य योजना
किसी योजना के अंतर्गत धनराशि उपलब्ध होने के
कारण प्राथमिकता तय करनी हो।
8) प्राकृतिक आपदा
वर्षा, बाढ़ अथवा अन्य कारणों से मार्ग क्षतिग्रस्त हो
गया हो।
(9) सामाजिक आवश्यकता
विद्यालय, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य
केन्द्र, श्मशान,
सार्वजनिक स्थल
अथवा मुख्य मार्ग तक पहुँच सुगम बनाने की आवश्यकता हो।
(10) सुरक्षा
मार्ग की वर्तमान स्थिति के कारण दुर्घटनाओं की
संभावना बढ़ गई हो।
21.3 एक अनुभवी सचिव क्या करता
है
अनुभवी पंचायत सचिव कभी सीधे प्रस्ताव नहीं
लिखता।
वह पहले यह लिखता है—
- विषय कहाँ से आया?
- पहली बार कब उठा?
- पहले क्या निर्णय हुआ?
- क्या निरीक्षण हुआ?
- क्या आवेदन आए?
- क्या कोई विभागीय पत्र प्राप्त हुआ?
- क्या धन उपलब्ध है?
इन तथ्यों के आधार पर प्रस्ताव का प्रारम्भ
तैयार किया जाता है।
21.4 विषय की उत्पत्ति लिखने का
अभिलेखीय प्रारूप – शैली 1
ग्राम पंचायत कार्यालय में समय-समय पर संबंधित
वार्ड के निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों तथा प्राप्त
आवेदनों में संबंधित मार्ग की दयनीय स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया।
प्राप्त अभ्यावेदनों में उल्लेख किया गया कि वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग पर जलभराव
एवं कीचड़ के कारण आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है। इस संबंध में प्राप्त अभिलेखों
का परीक्षण करने तथा स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन करने के उपरांत विषय को ग्राम
सभा के विचारार्थ प्रस्तुत करना आवश्यक समझा गया।
21.5 विषय की उत्पत्ति – शैली 2
वार्ड संख्या .... के वार्ड पंच द्वारा ग्राम
पंचायत कार्यालय को लिखित रूप से अवगत कराया गया कि संबंधित क्षेत्र में सीसी सड़क
का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना
करना पड़ रहा है। प्रस्तुत आवेदन के साथ प्राप्त स्थानीय सुझावों एवं स्थल
निरीक्षण प्रतिवेदन का परीक्षण करने के उपरांत विषय को ग्राम सभा की कार्यसूची में
सम्मिलित किया गया।
21.6 विषय की उत्पत्ति – शैली 3
ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र की
आधारभूत सुविधाओं का वार्षिक मूल्यांकन किए जाने के दौरान यह पाया गया कि संबंधित
मार्ग पर सीसी सड़क का निर्माण स्थानीय आवश्यकता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण
है। उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, संभावित लाभार्थियों एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं का
प्रारम्भिक अध्ययन करने के उपरांत विषय को ग्राम सभा के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत
किया
ग्राम पंचायत सचिव का प्रतिवेदन
शैली–1 : मानक प्रशासनिक शैली
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अध्यक्ष महोदय की
अनुमति से विषय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि संबंधित विषय
ग्राम पंचायत कार्यालय को प्राप्त आवेदनों, जनप्रतिनिधियों द्वारा
समय-समय पर प्रस्तुत सुझावों, स्थानीय आवश्यकताओं तथा उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के आधार
पर कार्यसूची में सम्मिलित किया गया है। विषय का प्रारंभिक परीक्षण नियमानुसार
किया जा चुका है। अतः ग्राम सभा द्वारा आवश्यक विचार-विमर्श कर उपयुक्त निर्णय
लिया जाना अपेक्षित है।
शैली–2 : अभिलेखीय शैली
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय से संबंधित समस्त
उपलब्ध अभिलेख, प्राप्त आवेदन, विभागीय पत्राचार, निरीक्षण टिप्पणियाँ तथा
पूर्व में लिए गए निर्णयों का संक्षिप्त प्रतिवेदन ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत
किया गया। सचिव द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि प्रस्तुत विषय का अभिलेखीय परीक्षण
पूर्ण कर लिया गया है तथा अंतिम निर्णय ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र में होने के
कारण इसे विचारार्थ प्रस्तुत किया जा रहा है।
शैली–3 : निरीक्षण आधारित शैली
सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि संबंधित विषय का
स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें प्राप्त तथ्य उपलब्ध अभिलेखों से मेल खाते पाए गए।
निरीक्षण के दौरान प्राप्त निष्कर्षों, स्थानीय परिस्थितियों तथा ग्रामीणों द्वारा
व्यक्त आवश्यकताओं के आधार पर यह प्रतिवेदन तैयार किया गया है। विषय पर ग्राम सभा
का निर्णय प्राप्त किया जाना अपेक्षित है।
शैली–4 : जनहित आधारित शैली
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत
करते हुए कहा गया कि प्रस्तावित विषय का संबंध ग्राम पंचायत क्षेत्र के व्यापक
जनहित एवं सार्वजनिक सुविधा से है। संबंधित वार्ड के निवासियों, महिला समूहों,
वरिष्ठ
नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर इस विषय के संबंध में अपेक्षा
व्यक्त की जाती रही है। उपलब्ध संसाधनों एवं परिस्थितियों का परीक्षण करने के
उपरांत विषय को ग्राम सभा के विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है।
शैली–5 : योजना आधारित शैली
सचिव द्वारा ग्राम सभा को अवगत कराया गया कि
शासन द्वारा संचालित संबंधित योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्राम सभा का
अनुमोदन आवश्यक है। योजना की पात्रता, उपलब्ध वित्तीय प्रावधान, कार्य के उद्देश्य एवं
संभावित लाभार्थियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए सचिव ने अनुरोध किया कि
विषय पर नियमानुसार विचार कर निर्णय प्रदान किया जाए।
शैली–6 : वित्तीय शैली
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विषय का वित्तीय पक्ष
प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि प्रस्तावित कार्य हेतु उपलब्ध बजट, संभावित
वित्तीय स्रोत, अनुमानित व्यय तथा स्वीकृति प्रक्रिया का प्रारंभिक परीक्षण
किया जा चुका है। यदि ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव अनुमोदित किया जाता है तो आवश्यक
प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएँ पूर्ण कर नियमानुसार कार्यवाही प्रारंभ की
जाएगी।
शैली–7 : विकासात्मक शैली
सचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया
गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के
विस्तार तथा भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तुत विषय का चयन किया
गया है। इस संबंध में प्राप्त सुझावों, उपलब्ध संसाधनों तथा स्थानीय प्राथमिकताओं का
समेकित अध्ययन करने के पश्चात विषय को ग्राम सभा के समक्ष रखा गया है।
शैली–8 : विधिक एवं प्रशासनिक शैली
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि
संबंधित विषय पर निर्णय लिए जाने से पूर्व प्रचलित नियमों, शासनादेशों, विभागीय
दिशा-निर्देशों तथा पंचायत राज अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों का परीक्षण किया
गया है। परीक्षण उपरांत यह पाया गया कि विषय पर अंतिम निर्णय ग्राम सभा द्वारा
लिया जाना आवश्यक है। अतः विषय विचारार्थ प्रस्तुत किया जाता है।
शैली–9 : विशेष ग्राम सभा शैली
सचिव द्वारा बताया गया कि विशेष ग्राम सभा के
आयोजन का उद्देश्य प्रस्तुत विषय पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा पात्र
व्यक्तियों, स्थानीय
प्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों के अभिमत प्राप्त करना है। प्राप्त अभिमतों
एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ग्राम सभा द्वारा निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।
शैली–10 : प्रीमियम (Collector/CEO
स्तर की भाषा)
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अध्यक्ष महोदय की
अनुमति से विषय का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि
प्रस्ताव का प्रारूप उपलब्ध अभिलेखों, प्राप्त अभ्यावेदनों, स्थल निरीक्षण, विभागीय
दिशा-निर्देशों, स्थानीय आवश्यकताओं एवं वित्तीय व्यवहार्यता के समेकित
परीक्षण के उपरांत तैयार किया गया है। प्रतिवेदन में विषय की पृष्ठभूमि, उद्देश्य,
अपेक्षित
परिणाम, संभावित लाभ,
प्रशासनिक
औचित्य एवं उपलब्ध संसाधनों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत किया गया। सचिव द्वारा यह
भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम सभा द्वारा प्राप्त अभिमत अंतिम निर्णय प्रक्रिया का
आधार होंगे तथा अनुमोदन उपरांत समस्त कार्यवाही नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग
से संपादित की जाएगी।
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