अटल ज्ञान केन्द्रों में क्यूबिकल आधारित फर्नीचर व्यवस्था एवं ले-आऊट परिवर्तन आदेश 2026
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्मित हो रहे अटल ज्ञान केन्द्रों में क्यूबिकल आधारित फर्नीचर और वर्क स्टेशन व्यवस्था के सम्बन्ध में यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं दिशा-निर्देश:
प्रदेश की तीन हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आधुनिक पुस्तकालय एवं अध्ययन सुविधाओं (ई-लाइब्रेरी) के विकास हेतु अटल ज्ञान केन्द्र बनाए जा रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय की दिनांक 04.04.2026 की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में, सामान्य फर्नीचर व्यवस्था के स्थान पर आधुनिक क्यूबिकल आधारित फर्नीचर/वर्क स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को व्यवस्थित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है।
वित्त विभाग (आई.डी. संख्या 332601032 दिनांक 01.07.2026) द्वारा इस संशोधित व्यवस्था के लिए पूर्व में स्वीकृत राशि 2.35 लाख रुपये के स्थान पर अब 4.10 लाख रुपये प्रति अटल ज्ञान केन्द्र स्वीकृत किए गए हैं।
यह व्यय राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत संबंधित पंचायतों को स्वीकृत राशि से किया जाएगा।
संशोधित फर्नीचर सामग्री एवं अनुमानित लागत का विवरण:
आदेश के साथ संलग्न एस्टीमेट के अनुसार 4.10 लाख रुपये में निम्न सामग्री क्रय की जानी है:
वर्क स्टेशन (20 नग): 18mm HDMR बोर्ड, इलेक्ट्रिक फिटिंग (वायर, स्विच, सॉकेट) सहित (कुल लागत: 3,07,000 रुपये)।
विजिटर कुर्सी (20 नग): बिना हैंडल की कुशन सीट (कुल लागत: 40,000 रुपये)।
बुक शेल्फ (3 नग): 5 कम्पार्टमेंट, ग्लास डोर एवं लॉकिंग मैकेनिज्म सहित (कुल लागत: 54,000 रुपये)।
विभाग द्वारा प्रथम तल एवं भू-तल के लिए क्यूबिकल आधारित फर्नीचर की नवीन मानक ड्रॉइंग (Option-1) एवं 3D ले-आऊट डिजाइन भी संलग्न कर निर्देशित किया गया है कि समस्त कार्य अनुमोदित ड्रॉइंग एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही सम्पन्न हों।
अकुशल मजदूरी दर 2026-27
ग्रामीण मजदूरी अधिसूचना
लागू मजदूरी दर: राजस्थान में अकुशल हस्त कर्मकारों के लिए प्रतिदिन मजदूरी दर 300.00 रुपये निर्धारित की गई है।
प्रभावी तिथि: नई मजदूरी दरें 1 जुलाई, 2026 से लागू होंगी।
संबंधित योजना: ये मजदूरी दरें 'विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के तहत अनिवार्य की गई हैं।
जारीकर्ता प्राधिकरण: यह अधिसूचना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 30 जून, 2026 को प्रकाशित की गई थी।
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अधिसूचित यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
चार श्रेणियों में पृथक्करण: कचरे को स्रोत पर ही गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल (जैसे बैटरी, दवाइयाँ) कचरे में अलग करना अनिवार्य है।
लैंडफिल पाबंदियां: लैंडफिल में केवल निष्क्रिय और गैर-पुनर्चक्रणीय (Inert) कचरा ही डाला जा सकता है, गीला और निर्माण कचरा वर्जित है।
प्रदूषक भुगतान करे: नियमों का पालन न करने, गलत रिपोर्टिंग करने या अनुचित निपटान करने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जुर्माना (Penalty) लगाया जाएगा।
2. ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य वैधानिक दायित्व
ग्राम पंचायत प्रशासन के लिए दस्तावेज़ में निम्नलिखित प्रमुख कार्यवाहियां और लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
ग्राम पंचायत द्वारा गाँव स्तर पर SWM की योजना बनानी और क्रियान्वित करनी है, तथा खुले में कचरा डंपिंग और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।
सरपंच और वार्ड पंच को स्रोत पृथक्करण हेतु 'लीड फैसिलिटेटर' (Lead Facilitator) नामित किया गया है।
मार्च 2027 तक स्थानीय उपनियम (Bylaws) बनाने या अद्यतन करने होंगे, जिनमें उपयोगकर्ता शुल्क और जुर्माना तय किया जाना शामिल है।
SBM-G घटकों (जैसे कम्पोस्ट गड्ढे, प्लास्टिक प्रबंधन इकाई, गोबरधन) के साथ समन्वय स्थापित करना है।
PM AAWAS + 2024
विशेष ग्राम सभा (29 जून 2026) दिशा-निर्देश
1. मुख्य उद्देश्य
29 जून 2026 को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा में Awaas+ 2024 सर्वेक्षण के आधार पर तैयार 'ड्राफ्ट परमानेंट वेट लिस्ट (PWL)' का अनुमोदन किया जाना है।
अनुमोदित अंतिम वरीयता सूची 10 जुलाई 2026 तक 'आवास सॉफ्ट' (AwaasSoft) पर अपलोड की जानी है।
2. ग्राम सभा से पूर्व की अनिवार्य तैयारियाँ
25 जून 2026 तक AwaasSoft से ग्राम पंचायतवार सूची डाउनलोड कर उसे पंचायत कार्यालय, सरकारी कार्यालय या सार्वजनिक स्थलों के नोटिस बोर्ड पर आमजन के अवलोकन हेतु चस्पा करना अनिवार्य है।
प्रस्तावित ग्राम सभा से पूर्व इस ड्राफ्ट सूची की एक प्रति माननीय सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रेषित की जानी चाहिए।
आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया, प्रेस नोट और अन्य माध्यमों से बैठक का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
3. पात्रता एवं अपात्रता (10 बहिष्करण मापदंड)
पात्रता: परिवार पूर्णतः आवासहीन होना चाहिए या उनके पास 0, 1 या 2 कमरे वाला कच्चा घर (कच्ची दीवार व कच्ची छत) होना चाहिए।
अपात्रता: भारत सरकार द्वारा निर्धारित 10 मापदंडों में से किसी एक को भी पूरा करने वाले परिवार को सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
तिपहिया या चौपहिया वाहन (या मैकेनाइज्ड कृषि उपकरण) होना।
50,000 रुपये या उससे अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) होना।
परिवार के किसी सदस्य का सरकारी कर्मचारी होना।
सरकार के साथ पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम होना।
परिवार के किसी सदस्य की आय 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक होना।
आयकर या व्यावसायिक कर का भुगतान करना।
2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि, अथवा 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि होना।
4. आपत्तियों एवं अपीलों का निस्तारण
यदि ग्राम सभा किसी ऐसे व्यक्ति को अपात्र मानती है जिसका नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल है, तो कार्यवाही विवरण (Proceeding) में अपात्रता के कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।
यदि कोई प्रार्थी, जिसका नाम सूची में नहीं है, पात्रता का दावा करता है, तो ग्राम सभा उनके दस्तावेजों का परीक्षण करेगी। इसके उपरांत ग्राम सभा की सिफारिश ज़िला अपीलेट कमेटी (ज़िला कलेक्टर) के समक्ष विचारार्थ भेजी जाएगी।
ग्राम सभा के निर्णय से असहमति होने की स्थिति में, संबंधित परिवार 7 दिवस की अवधि के भीतर निर्धारित प्रपत्र (प्रपत्र-अ या प्रपत्र-ब) में ज़िला कलेक्टर के समक्ष अपनी अपील प्रस्तुत कर सकता है।
VB G RAM G गजट अधिसूचना
मुख्य विवरण (Key Highlights)
अधिनियम का नाम: विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारन्टी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 (2025 का 36)।
अधिसूचना जारी होने की तिथि: नई दिल्ली, 11 मई, 2026।
प्रभावी तिथि (Effective Date): केंद्र सरकार ने 1 जुलाई, 2026 को वह तारीख निर्धारित की है, जब इस अधिनियम के प्रावधान पूरे देश में लागू होंगे।
अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य: इस अधिसूचना के माध्यम से अधिनियम की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से यह अधिनियम भारत के सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) में पूर्ण रूप से प्रवृत्त (लागू) हो जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन एवं उन्हें अपात्र घोषित करने हेतु यह 'रिमांड ऑफ फॉर्म' (Remand Off Form) उपयोग
यह प्रपत्र PMAY-G की स्थाई वरीयता सूची (PWL) में शामिल लाभार्थियों के ग्राम सभा द्वारा भौतिक सत्यापन के लिए है।
ग्राम सभा की बैठक में योजनान्तर्गत निर्धारित मापदण्डों के परीक्षण उपरान्त लाभार्थियों को पात्र या अपात्र घोषित कर अनुमोदन किया जाता है।
प्रपत्र में लाभार्थी का नाम, पिता/पति का नाम, गाँव का नाम, PMAY-G ID एवं PWL में वरीयता क्रमांक दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है।
अपात्रता के मुख्य कारण (मापदंड):
प्रपत्र में अपात्रता के 16 बिंदु दिए गए हैं, जिनमें से किसी एक का होना अपात्रता (Remand Off) के लिए पर्याप्त है:
पूर्व में मकान होना या किसी आवास योजना से लाभान्वित होना।
लाभार्थी की मृत्यु हो जाना (तथा परिवार में कोई न होना) या ग्राम पंचायत से पलायन कर जाना।
किसी भी प्रकार का वाहन (मोटरसाईकिल, टेम्पो, कार, जीप, नाव) या 3-व्हीलर/4-व्हीलर मशीनरी होना।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट 50,000 रुपये से अधिक होना।
परिवार के किसी सदस्य का राजकीय सेवा में होना, गैर कृषि उद्यम में पंजीकृत होना या मासिक आय 10,000 रुपये होना।
आयकर (Tax) या पेशेवर कर (Professional Tax) का भुगतान करने वाला होना।
घर में फ्रीज या बेसिक फोन होना।
स्वयं की 2.5 एकड़ जमीन के साथ कृषि यंत्र होना, 5.0 एकड़ सिंचित भूमि होना, या कम से कम 7.5 एकड़ भूमि/1 सिंचाई उपकरण होना।
16th वित्त आयोग रिपोर्ट XVIFC
16th वित्त आयोग रिपोर्ट
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में फर्म को नोटिस प्रारूप
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में फर्म को नोटिस प्रारूप
16th वित आयोग रिपोर्ट 2026-31
16th वित आयोग रिपोर्ट 2026-31
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना
PM AAWAS नाम MISMATCH
PM AAWAS नाम MISMATCH Format
PM AAWAS Remand form
PM AAWAS Remand form
PM AAWAS 25 मीटर से अधिक दूरी वाले आवासों का भौतिक सत्यापन
PM AAWAS 25 मीटर से अधिक दूरी वाले आवासों का भौतिक सत्यापन
ग्रामीण क्षेत्रो ने नियमित स्वच्छतासुनिश्चित करने एवं संपादित गतिविधियों के भुगतान के क्रम में
साफ सफाई का निरीक्षण
साफ सफाई के निरीक्षण के लिए स्वच्छता प्रभारी कलस्टर की नियुक्ति
नियमित साफ सफाई निविदा शर्तों के पालना नही करने के संबंध
नियमित साफ सफाई निविदा शर्तों के पालना नही करने के संबंध नोटिस जारी करना
पहन्द्रवा वित आयोग व्यय योग्य क्षेत्र
FFC व्यय योग्य क्षेत्र
सफाई संवेदक को नोटिस जारी करने का प्रारूप
सफाई संवेदक को नोटिस जारी करने का प्रारूप
FFC Tied fund ka Manual receipt lena
FFC Tied 2023-4 2nd किश्त का मैनुअल रिसिप्ट लेना
षष्ठम राज्य वित आयोग व्यय योग्य क्षेत्र
षष्ठम राज्य वित आयोग, राजस्थान द्वारा प्रस्तुत अन्तिम रिपोर्ट (2020-25 के लिए) के अन्तर्गत की गई सिफारिशो पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही विवरण के अनुसार पंचायती राज संस्थाओ को देय अनुदान के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश।