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षष्ठ राज्य वित्त आयोग (2020-25) दिशा-निर्देश 2024-25
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा क्रमांक एफ 165(07)पंकावि/एसएफसी/षष्ठ/दिशा-निर्देश/2024-25/347 दिनांक 28.01.2025 के अंतर्गत षष्ठ राज्य वित्त आयोग की अंतिम रिपोर्ट (2020-25) पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही विवरण (ATR) के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान के उपयोग हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अनुदान राशि का मुख्य विभाजन
- मूलभूत एवं विकास कार्य (55 प्रतिशत राशि): ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई, स्वच्छता, पार्कों की चारदीवारी, सामुदायिक केंद्रों का निर्माण, आंतरिक सड़कों/सी.सी. रोड व नालियों का निर्माण (अधिकतम 40% सीमा तक), इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर क्रय, ऑडिट फीस का भुगतान, जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षण और मानदेय, तथा निजी आय बढ़ाने हेतु वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण आदि कार्य किए जा सकेंगे।
- राष्ट्रीय/राज्य प्राथमिकता की योजनाएं/गतिविधियां (40 प्रतिशत राशि): सूचना प्रौद्योगिकी/ई-गवर्नेंस/डेटाबेस (प्रियासॉफ्ट, पीएफएमएस, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, कंप्यूटर ऑपरेटर), पेयजल/आर.ओ. प्रणाली, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना, स्वच्छता अभियान, श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, सौर/एल.ई.डी. लाइटें, अग्निशमन सेवाएं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और युवा विकास से जुड़े क्रियाकलाप।
- लिंगानुकूल स्थान बनाने के लिए (2 प्रतिशत राशि): प्रत्येक पंचायती राज संस्थान में हाथ धोने की सुविधाओं सहित पृथक शौचालय, महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु आंतरिक समितियों का प्रदर्शन पट्ट, महिलाओं की अध्यक्षता में हेल्प डेस्क तथा महिला आगंतुकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था।
- निष्पादन के लिए प्रोत्साहन अनुदान (3 प्रतिशत राशि): वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यदि कोई पंचायती राज संस्था अपनी स्वयं की कर/गैर-कर राजस्व (निजी आय) पिछले तीन वर्षों की औसत आय की तुलना में बढ़ाती है, तो उसे बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि के समान प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु आवंटन अनुपात
राज्य के स्वयं के शुद्ध कर राजस्व के 7.00 प्रतिशत हिस्से का वितरण 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय स्थानीय निकायों के मध्य 73.2 एवं 26.8 प्रतिशत के अनुपात में किया गया है। जिला परिषदों को 5 प्रतिशत, पंचायत समितियों को 20 प्रतिशत और ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत हिस्सा राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिए जाने की संस्कृति की गई है।
