प्रातः 10.00 से 12.00 बजे तक वह ग्राम पंचायत कार्यालय में सभी आगन्तुकों के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध
राजस्थान सरकार
पंचायती राज विभाग
क्रमांक:-एफ.28(9)पंरावि/प्रशा.-2/ग्राविअ/विविध/2024-20865/ जयपुर।
-:: परिपत्र ::-
सुशासन एवं संवेदनशील शासन के अर्थपूर्ण क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यन्त व्यापक एवं महत्वपूर्ण हो गई है। ग्राम पंचायत द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर पहुँचाने का दायित्व निर्वहन किया जाता है। साथ ही वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आमजन की सुविधा हेतु एवं समस्या निराकरण हेतु प्रशासनिक अंग के रूप में सत्यनिष्ठा एवं दक्षता के साथ कार्य निष्पादन अपेक्षित है।
वर्तमान प्रौद्योगिकी युग के अनुक्रम में आमजन एवं प्रशासन के मध्य निरन्तर संवाद, जागरूकता एवं समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु ग्राम पंचायतों की अपरिहार्य भूमिका के संदर्भ में निम्नानुसार निर्देश जारी किये जाते हैं :-
समस्त ग्राम विकास अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रामीण जन के दिन-प्रतिदिन के नियमित कार्यों हेतु ग्राम पंचायत कार्यालय कार्य दिवस में नियमित रूप से खोला जावे।
ग्राम विकास अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रातः 10.00 से 12.00 बजे तक वह ग्राम पंचायत कार्यालय में सभी आगन्तुकों के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगे तथा कार्यालय कार्य का निपटान एवं आम जन समस्या का निराकरण करेंगे। इस बाबत सूचना आमजन की जानकारी हेतु ग्राम पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अंकित की जावे।
यदि ग्राम विकास अधिकारी राजकीय कार्यवश उपलब्ध नहीं रह पाते हैं तो वहां कनिष्ठ सहायक पदस्थापित होने की स्थिति में कनिष्ठ सहायक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
अपरिहार्य परिस्थितिवश यदि कोई कार्मिक उपस्थित न होने की स्थिति में हो तो इस बाबत सूचना एवं लौटने के संभावित समय की जानकारी ग्राम पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अंकित की जावे, साथ ही ग्रामीण जन की परिवेदना एवं समस्या समाधान हेतु ग्राम विकास अधिकारी का व्हाट्सएप नम्बर अंकित किया जावे ताकि ग्रामीण जन के समय एवं धन का अपव्यय न हो। इसी प्रकार व्हाट्सएप पर प्राप्त संदेशों का विहित अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जावे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद एवं विकास अधिकारी, पंचायत समिति द्वारा ग्राम पंचायत कार्यालय स्तर पर उपस्थिति बाबत उक्त निर्देशों की पालना व्हाट्सएप फोटोज एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति के माध्यम से सुनिश्चित की जावे।
उक्त निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जावे। किसी भी कार्मिक द्वारा विभागीय निर्देशों की अवहेलना किये जाने पर संबंधित विकास अधिकारी, पंचायत समिति एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद का उत्तरदायित्व निर्धारण किया जावेगा।