पट्टा नवीनीकरण प्रक्रिया
मुख्य नियम एवं शुल्क
इस प्रक्रिया को पंचायती राज विभाग के विशिष्ट नियमों और आदेशों द्वारा निर्देशित किया जाता है:
| संदर्भ (Reference) | विवरण (Details) |
| संबंधित नियम | राजस्थान पंचायती राज नियम 1996, नियम 167 (क) |
| मूल पट्टा जारी करने का नियम | रा.पं.रा. नियम 1996 का नियम 157 (1) (i) (ख) |
| विभागीय आदेश | एफ4 (7) संशो/नियम/विधि/पंरा/2017/02, दिनांक 02.01.2018 |
| निर्धारित शुल्क | 100/- रुपये |
आवश्यक दस्तावेज (संलग्नक)
सरपंच को दिए जाने वाले आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित पांच दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है:
मूल विक्रय विलेख (पट्टा)
। मूल विक्रय विलेख (पट्टा) की फोटो प्रति
। पट्टा जारी करने की रसीद
। आधार कार्ड
। मतदाता पहचान पत्र
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प्रक्रिया का चरणबद्ध सारांश
आवेदन प्रस्तुति: प्रार्थी सरपंच/ग्राम पंचायत को आवेदन प्रस्तुत करता है ताकि वह अपने विक्रय विलेख का पंजीयन करवा सके
। रिकॉर्ड मिलान: ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पंचायत में उपलब्ध रिकॉर्ड से पट्टा संख्या, दिनांक और पुस्तक संख्या का मिलान करते हैं
। पंचायत बैठक में प्रस्ताव: पत्रावली को पंचायत की आगामी बैठक में रखा जाता है, जहाँ उपस्थित सदस्य सर्वसम्मति से 100 रुपये के शुल्क के साथ पुनर्विधिमान्यकरण का प्रस्ताव पारित करते हैं
। आदेश जारी करना: प्रस्ताव के अनुमोदन के पश्चात्, ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच के हस्ताक्षर व कार्यालय की मोहर के साथ अंतिम आदेश जारी किया जाता है
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