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राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान - महत्वपूर्ण निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा नगरी निकाय आम चुनाव, 2026 के संदर्भ में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर), नागौर को ग्राम पंचायत के प्रशासक (Administrator) द्वारा नगरी निकाय सदस्य (वार्ड पार्षद) पद हेतु नामांकन दाखिल करने एवं पद से त्यागपत्र व शर्तों के संबंध में मार्गदर्शन जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं मार्गदर्शन:
- ग्राम पंचायत का भाग नगरपालिका में शामिल होने पर: यदि किसी ग्राम पंचायत का कोई भाग नगरपालिका में शामिल होता है और संबंधित व्यक्ति का नाम नगरपालिका की निर्वाचक नामावली में दर्ज है, तो वह नगरपालिका अधिनियम की धारा 24(1)(a) के प्रावधानुसार संवीक्षा की तारीख से पूर्व त्याग पत्र स्वीकार होने पर चुनाव लड़ सकता है।
- ग्राम पंचायत का पूर्णतः विलय होने पर: यदि ग्राम पंचायत का पूर्णतः नगरपालिका में विलय हो जाता है, तो ग्राम पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो जाता है और प्रशासक का पद स्वतः समाप्त हो जाता है। यदि नाम नगरपालिका की निर्वाचक नामावली में दर्ज है, तो वह व्यक्ति चुनाव लड़ने योग्य है।
- ग्राम पंचायत का विलय नहीं होने की स्थिति में: यदि कोई ग्राम पंचायत नगरपालिका में सम्मिलित नहीं की गई है और प्रशासक का नाम नगरी निकाय की निर्वाचक नामावली में दर्ज है, तो चूंकि वह व्यक्ति अभी भी लाभ का पद धारित करता है, अतः धारा 24(1)(a) के प्रावधानुसार चुनाव लड़ने हेतु निर्हित (अपात्र) होगा।
- क्या प्रशासक का पद लाभ की श्रेणी में आता है? सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न न्यायिक सिद्धांतों एवं अधिनियम में वर्णित प्रावधानों को ध्यानगत रखते हुए प्रशासक का पद (Office of Profit) की श्रेणी में माना गया है।
- नामांकन से पूर्व त्याग पत्र: उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल करने से पूर्व त्याग पत्र दिया जाना चाहिए एवं त्याग पत्र की स्वीकृति संवीक्षा की तारीख को या उससे पूर्व रिटर्निंग अधिकारी को प्राप्त हो जानी चाहिए।
आयोग द्वारा निर्देशित किया गया है कि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया (नामांकन एवं संवीक्षा) को त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
