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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) - क्रियान्वयन फ्रेमवर्क
यह दस्तावेज ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के क्रियान्वयन का फ्रेमवर्क है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2022 तक देश के सभी बेघर परिवारों तथा कच्चे व जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
मुख्य विशेषताएं एवं वित्तीय प्रावधान:
- लक्ष्य: 2016-17 से 2018-19 तक तीन वर्षों में एक करोड़ ग्रामीण आवास निर्माण का लक्ष्य।
- आवास का आकार: मकान का न्यूनतम आकार बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर (साफ-सुथरे रसोई घर सहित) कर दिया गया है।
- इकाई सहायता: मैदानी क्षेत्रों में 70,000 रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये तथा पर्वतीय राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों एवं आईएपी जिलों में 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये की गई है।
- शौचालय निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), मनरेगा या अन्य स्रोतों से शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता।
- मनरेगा मजदूरी: आवास निर्माण के लिए मनरेगा के अंतर्गत 90 / 95 दिनों की अकुशल मजदूरी का प्रावधान।
- ऋण सुविधा: इच्छुक लाभार्थियों को वित्तीय संस्थाओं से 70,000 रुपये तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में मदद।
लाभार्थियों का चयन और सत्यापन:
लाभार्थियों का चयन सामाजिक आर्थिक जाति आधारित जनगणना (एसईसीसी) 2011 के आंकड़ों और मापदंडों के आधार पर ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवाससॉफ्ट (AwaasSoft) पोर्टल और आवास ऐप के माध्यम से ई-शासन, जिओ-टैगिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई है।
