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राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 157(1) पर मार्गदर्शन
कार्यालय जिला परिषद जोधपुर (ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ) द्वारा जारी पत्र क्रमांक जिपजो/पंचायत/2022-23/1134 दिनांक 21/4/2022 के माध्यम से विकास अधिकारी, पंचायत समिति लूणी, जिला जोधपुर को राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के संशोधित नियम 157(1) के संबंध में मार्गदर्शन प्रेषित किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं मार्गदर्शन
- विषय: राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के संशोधित नियम 157(1) के सम्बन्ध में मार्गदर्शन बाबत।
- संदर्भ: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), जयपुर का पत्र क्रमांक एफ.139(3) मार्गदर्शन/विधि/धरा/2022/291 दिनांक 23/3/2022 (तथा संयुक्त शासन सचिव (प्रथम) जयपुर के पत्रांक 291 दिनांक 23.03.2022)।
- नियम 157(1) के अंतर्गत उठाए गए मुख्य प्रश्न:
- नियम 157 पुराने गृहों का विनियामितीकरण (1) जहां व्यक्ति आबादी भूमि में पुराने गृह का कब्जा रखते हैं, और पट्टा जारी किये जाने के इच्छुक हैं, में 'व्यक्ति' शब्द को इस नियम के सन्दर्भ में परिभाषित/विवेचित करने के संबंध में।
- किसी 'व्यक्ति' के आबादी भूमि में पुश्तैनी कब्जाशुदा मकान एक से अधिक होने पर उस व्यक्ति/उस परिवार के अन्य सदस्यों के नाम एक से अधिक पट्टे/विक्रय विलेख जारी किये जा सकते हैं अथवा नहीं।
- विभाग द्वारा प्रेषित मार्गदर्शन:
- 'व्यक्ति' शब्द पंचायती राज अधिनियम, 1994 में नहीं है। उक्त शब्द की परिभाषा Gen. Clause Act के अनुसार व्यक्ति शब्द की परिभाषा Section 42 के अनुसार:- "Person shall include any company or association or body of individuals, whether incorporated or not;" है।
- संबंधित प्रावधानों में ऐसे पट्टे/विक्रय विलेख जारी किए जाने के संबंध में स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
