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प्रस्तावना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) द्वारा दिनांक 10.01.2013 को क्रमांक एफ.139( )परावि/विधि/नियम/मार्गदर्शन/2012/23 के तहत एक महत्वपूर्ण आज्ञा जारी की गई है। यह दस्तावेज ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने गृहों के वि니मितीकरण और पट्टा वितरण से संबंधित है।
मुख्य बिंदु एवं निर्देश
- नियम 157(1) के तहत प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 के उप-नियम (1) के अनुसार, आबादी भूमि में स्थित पुराने गृहों के लिए पट्टा जारी किया जाता है, जिसमें पुराने गृह की परिधि में परिसर में स्थित उपयोग में आने वाली भूमि भी सम्मिलित होती है।
- प्रशासन-गाँवों के संग अभियान 2013: अभियान की अवधि के दौरान ऐसे सभी मामलों में पट्टा जारी करने के लिए पंचायत द्वारा संबंधित व्यक्ति को उसके कब्जे वाली आबादी भूमि (अधिकतम 300 वर्गगज तक निर्मित भवन/मकान का क्षेत्रफल) तथा इस निर्मित एरिया के 25 प्रतिशत तक की उसकी उपयोग में आने वाली कब्जाशुदा भूमि को सम्मिलित किया जाएगा।
- पट्टा जारी करने की प्रक्रिया: निर्मित भवन और 25 प्रतिशत अतिरिक्त भूमि (इनमें से जो भी कम हो) का पट्टा, नियम 146 के प्रावधानुसार स्थल निरीक्षण करवाने के पश्चात तथा नियम 148 व 149 के अनुसार नोटिस जारी कर प्राप्त आपक्षपों का निपटारा करने के पश्चात जारी किया जाएगा।
