वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के 2000 पदों के पंचायत समितिवार आवंटन का आदेश
मुख्य दिशा-निर्देश
वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के 2000 पदों के पंचायत समितिवार आवंटन का आदेश
ये 2,000 पद संबंधित पंचायत समिति की बड़ी ग्राम पंचायतों में (जनसंख्या के आधार पर) सृजित किए जाएंगे।
कार्मिक विभाग की 30 मार्च 2026 की अधिसूचना के अनुसार, ये पद राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1998 के अधीन रहेंगे।
अटल ज्ञान केंद्रों में क्यूबिकल आधारित फर्नीचर और वर्क स्टेशन व्यवस्था स्थापित किए जाने के संबंध में
अटल ज्ञान केंद्रों में आधुनिक क्यूबिकल आधारित फर्नीचर और वर्क स्टेशन व्यवस्था
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय की अध्यक्षता में दिनांक 04.04.2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में, पूर्व में निर्धारित सामान्य फर्नीचर व्यवस्था के स्थान पर आधुनिक क्यूबिकल आधारित फर्नीचर/वर्क स्टेशन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अध्ययनरत विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर और व्यवस्थित अध्ययन वातावरण मिल सके।
मुख्य बिंदु एवं वित्तीय संशोधन
उद्देश्य: प्रदेश की तीन हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आधुनिक पुस्तकालय एवं अध्ययन सुविधाओं का विकास।
संशोधित लागत: वित्त विभाग की आईडी संख्या 332601032 दिनांक 01.07.2026 के द्वारा सामान्य फर्नीचर हेतु पूर्व में स्वीकृत राशि रु. 2.35 लाख के स्थान पर क्यूबिकल आधारित फर्नीचर/वर्क स्टेशन हेतु रु. 4.10 लाख प्रति अटल ज्ञान केंद्र स्वीकृत करने की संशोधित सहमति प्रदान की गई है।
व्यय का स्रोत: उक्त स्वीकृत राशि का व्यय राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत संबंधित पंचायतों की स्वीकृत अनुदान/उपलब्ध राशि से किया जाएगा।
फर्नीचर एवं वर्क स्टेशन का अनुमानित विवरण
वर्क स्टेशन (750mm x 600mm x 1200mm) - 20 नग (कुल लागत: रु. 3,07,000)
विज़िटर चेयर कुशन सीट और बैक के साथ - 20 नग (कुल लागत: रु. 40,000)
रिवॉल्विंग चेयर - 1 नग (कुल लागत: रु. 4,000)
टेबल (900mm x 600mm x 750mm) - 1 नग (कुल लागत: रु. 5,000)
कुल अनुमानित लागत: रु. 4,10,000 प्रति अटल ज्ञान केंद्र
सभी संबंधित जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अधिशाषी/सहायक अभियंता और विकास अधिकारी, पंचायत समिति को निर्देशित किया जाता है कि समस्त कार्य विभाग द्वारा अनुमोदित ड्राइंग, गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी विनिर्देशों के अनुरूप ही संपन्न हों तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाए।
दिनांक 29 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान सरकार का महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा आदेश जारी कर राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में दिनांक 29 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष ग्राम सभा के मुख्य बिंदु एवं उद्देश्य
ग्रामीण सेवा शिविर-2026: दिनांक 12 जून, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक आयोजित हो रहे जन कल्याण शिविरों के तहत ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, कार्य प्रस्ताव प्राप्त करना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत किस्तें व लंबित स्वीकृतियां जारी करना तथा भूमिहीन लाभकारियों को भूमि आवंटन आदि गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
वीबी-जी राम जी योजना: दिनांक 01 जुलाई, 2026 से वीबी-जी राम जी योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा में योजना का प्रचार-प्रसार, प्राप्त कार्यों के प्रस्ताव एवं कार्ययोजना का अनुमोदन किया जाना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (आवास प्लस सर्वे-2024): 'सभी के लिए आवास' योजना के तहत आवास प्लस सर्वे-2024 के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई वरीयता सूची का ग्राम सभा में अनुमोदन कराया जाना आवश्यक है।
अतः सभी जिला परिषद के मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 29 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन सुनिश्चित कराएं।
जल जीवन मिशन (JJM) के अंतर्गत नल जल मित्र के चयन और प्रशिक्षण हेतु दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग - नल जल मित्र चयन मार्गदर्शन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जल जीवन मिशन (JJM) के अंतर्गत नल जल मित्र के चयन और प्रशिक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु और दिशा-निर्देश:
चयन प्रक्रिया: प्रत्येक ग्राम पंचायत में 2 नल जल मित्र का चयन किया जाना है। इसमें से एक नल जल मित्र पेयजल योजनाओं के संचालन में पूर्व अनुभव वाला तथा दूसरा बिना अनुभव वाला होगा।
वरीयता: वर्तमान में जनता जल योजना एवं अन्य पेयजल योजनाओं में कार्य कर रहे पंप चालकों को 'Recognition of Prior Learning' (RPL) के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता: नए चयन किए जाने वाले नल जल मित्र के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (जैसे 12वीं कक्षा उत्तीर्ण, 10वीं के बाद सिविल इंजीनियरिंग में 3 वर्ष का डिप्लोमा, 10वीं पास आईटीआई के साथ 2 वर्ष का अनुभव आदि) निर्धारित की गई है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम: चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण आरएसएलडीसी (RSLDC) या कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के माध्यम से कराया जाएगा, जिसमें कक्षा-कक्ष प्रशिक्षण (Classroom training), प्रायोगिक प्रशिक्षण (Practical training) और ओजेटी प्रशिक्षण (OJT Training) शामिल है।
ई-पंचायत पोर्टल पर प्रविष्टि: चयनित नल जल मित्रों के नामों का विवरण ई-पंचायत पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
अनुमोदन: जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSM) की बैठक में इनका अनुमोदन किया जाना आवश्यक है।
राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 – ग्राम विकास अधिकारी की वरिष्ठता सूची से संबंधित अधिसूचना
राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 04 जून, 2026 को अधिसूचना जारी कर राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन किया गया है। इसे राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 कहा गया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं संशोधन
नियम 285 का संशोधन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 285 के परंतुक में खंड (iv) और (v) जोड़े गए हैं।
8 जून, 2016 या उसके पश्चात नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी: इनकी वरिष्ठता सूची भर्ती एजेंसी से प्राप्त योग्यता/मेरिट सूची के आधार पर तैयार की जाएगी।
अनुकंपात्मक आधार पर नियुक्ति: 8 जून, 2016 या उसके पश्चात अनुकंपा के आधार पर नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों के मामले में वरिष्ठता उनके पदग्रहण (joining) की तारीख के आधार पर निर्धारित होगी।
राज्य स्तर पर वरिष्ठता: ग्राम विकास अधिकारी की वरिष्ठता सूची अब राज्य स्तर पर रखी जाएगी।
आदेश क्रमांक: [सं.एफ.4(09)अमेंड/रूल्स/लीगल/पीआर/2026/37]
जारीकर्ता: भारत भूषण गोयल, उप शासन सचिव, राज्यपाल के आदेश से।
पचपदरा, बालोतरा में एचआरआरएल रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम के लाइव प्रसारण हेतु व्यवस्था
एचआरआरएल रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा पचपदरा, बालोतरा में माननीय प्रधानमंत्री महोदय की उपस्थिति में दिनांक 21.04.2026 को होने वाले HRRL रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर दिखाने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रसारण व्यवस्था: सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर लाइव प्रसारण की समुचित व्यवस्था (टीवी/स्क्रीन/एलईडी व्यवस्था, फर्नीचर, टेंट, पेयजल, व्यवस्थित बैठक व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा ग्राम पंचायत भवन पर स्थापित ई-मित्र प्लस मशीन के माध्यम से प्रसारण)।
वित्तीय प्रावधान: छठे राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान राशि से प्रति ग्राम पंचायत अधिकतम राशि 5,000/- रुपये तक के व्यय/उपयोग की सहमति प्रदान की गई है।
अनुमोदन: यह सहमति वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332600669 दिनांक 19.04.2026 द्वारा अनुमोदित है।
पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में करवाने बाबत
पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में करवाने के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में आयोजित कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र के माध्यम से सभी मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जिला परिषद (समस्त राजस्थान) को अवगत कराया गया है कि विभिन्न स्तरों पर बैठकों का आयोजन तय समय सीमा के भीतर किया जाए।
मुख्य बिंदु और प्रावधान
ग्राम पंचायत: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-45 के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की साधारण सभा की बैठक प्रत्येक पन्द्रह दिवस में कम से कम एक बार (प्रत्येक माह की दिनांक 5 एवं 20 को) आयोजित की जाती है। अवकाश होने पर आगामी दिवस को बैठक आयोजित होती है।
पंचायत समिति: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-46 के तहत पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक प्रत्येक माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाती है।
जिला परिषद: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-46 के तहत जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक कम से कम 45 दिन के अंतराल पर आयोजित की जाए तथा इनमें जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बैठकों की अध्यक्षता संबंधी नियम
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की साधारण सभा की बैठकों की अध्यक्षता क्रमशः सरपंच, प्रधान और प्रमुख द्वारा की जाती है। यदि वे किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रहते हैं, तो अध्यक्षता उप-सरपंच, उप-प्रधान या उप-प्रमुख द्वारा की जाएगी। उनके भी अनुपस्थित रहने पर बैठक में उपस्थित वार्ड पंचों, पंचायत समिति सदस्यों या जिला परिषद सदस्यों में से किसी एक को चुनकर अध्यक्षता सौंपी जाएगी।
जन्म के दो अनुज्ञा (Permission) प्रकरणों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
राजस्थान सरकार, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा दिनांक 25.02.2026 को एक परिपत्र (क्रमांक-एफ13/1/3/आरजीआई/बीएस/डीईएस/2017/158) जारी किया गया है। यह परिपत्र जन्म और मृत्यु के पंजीयन के संबंध में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 और राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2000 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विलंबित पंजीयन: जन्म की 30 दिवस से एक वर्ष की अवधि की घटनाओं का पंजीयन धारा 13(2) एवं राज्य नियम 9(2) तथा एक वर्ष से अधिक की अवधि का पंजीयन धारा 13(3) एवं राज्य नियम 9(3) के तहत जारी अनुज्ञा के आधार पर किया जाता है।
दो अनुज्ञा के प्रकरण: कई प्रकरणों में माता-पिता/संरक्षक द्वारा जन्म की विलंबित घटनाओं का पंजीयन दो अलग-अलग अनुज्ञा जारी करवाकर अलग-अलग तिथियों में करवा लिया जाता है, विशेषकर शैक्षणिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से।
निर्णय एवं निर्देश: जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 की धारा 4(3) एवं 4(4) के प्रावधान के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है कि जिला रजिस्ट्रार/ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी/रजिस्ट्रार द्वारा दोनों जन्म प्रमाण पत्रों की सत्यता की जाँच, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों की संतुष्टि के उपरांत प्रथम बार अनुज्ञा से जारी जन्म प्रमाण पत्र को यथावत रखा जावे और दूसरा अनुज्ञा से जारी जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त किया जावे।
संस्थागत जन्म के मामले में, यदि जन्म राजकीय या निजी चिकित्सा संस्थान में हुआ है, तो ऐसी स्थिति में चिकित्सा संस्थानों में नियुक्त उप-रजिस्ट्रार द्वारा जारी जन्म प्रमाण ही मान्य होगा।
जिला सिरोही की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सիमांकन के संबंध में शुद्धि पत्र
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/892 दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला सिरोही की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने एवं प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात संशोधन कर शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
संदर्भित पत्र संख्या एवं दिनांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/892, दिनांक 28-12-2025
पूर्व अधिसूचनाएं: क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/846 दिनांक 21.11.2025 तथा राजपत्र में दिनांक 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को प्रकाशित सूचनाएं।
विषय: जिला सिरोही के अंतर्गत ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों हेतु पूर्व प्रकाशित विवरण में संशोधन (जैसे रेवदर और सिरोही पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले गांवों/क्षेत्रों के नाम)।
नोट: नीचे दिए गए कॉलम संख्या 6 में अंकित विवरण के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही समझा पढ़ा जाए। विस्तृत विवरण के लिए आधिकारिक अधिसूचना का अवलोकन करें।
जिला सलूंबर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन से संबंधित शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी शुद्धि पत्र
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/889 दिनांक 28-12-2025 के तहत जिला सलूंबर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसर्जन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटिवश हुए गलत प्रकाशन को सुधारने हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
विवरण: पूर्व प्रकाशित अधिसूचनाओं (संख्या एफ.15(39)पंवारा/पंचायत समिति गठन/2025/803 दिनांक 20.11.2025 एवं संख्या एफ.15(39)पंवारा/पंचायत समिति गठन/2025/843 दिनांक 21.11.2025) में प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात कॉलम संख्या 6 के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही पढ़ा जाए।
राजसमंद जिले की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन संबंधी शुद्धि पत्र - 24.12.2025
राजसमंद जिले के पुनर्गठन और परिसीमन से संबंधित शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजसमंद जिले की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में जारी पूर्व अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों के सुधार हेतु नया शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य विवरण:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
क्रमांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/889
दिनांक: 24-12-2025
संदर्भ: विभागीय अधिसूचना क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2025/842 दिनांक 20.11.2025 एवं 21.11.2025
मुख्य बिंदु:
राजपत्र प्रकाशन में हुई लिपिकीय त्रुटियों व प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात आमेठ, कुंभलगढ़, देवगढ़, भीम, रेलमगरा और राजसमंद पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के विवरण में संशोधन किया गया है। कॉलम संख्या 6 के स्थान पर कॉलम संख्या 7 में दिए गए विवरण को सही पढ़ा जाए।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
जिला प्रतापगढ़ की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन संबंधी शुद्धि पत्र
जिला प्रतापगढ़ पुनर्गठन शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जिला प्रतापगढ़ की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में जारी अधिसूचना में लिपिकीय त्रुटियों के संशोधन हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य विवरण:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार
क्रमांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव/2024/887
दिनांक: 28-12-2025
विषय: जिला प्रतापगढ़ की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन के संबंध में पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं (दिनांक 21.11.2025 एवं 26.11.2025) में लिपिकीय त्रुटियों का संशोधन।
जारी किए गए विवरण के अनुसार, कॉलम संख्या 6 में अंकित पूर्व प्रकाशित विवरण के स्थान पर कॉलम संख्या 7 में दिए गए संशोधित विवरण को सही समझा जाए। इसमें दलॉट, प्रतापगढ़, पीपलखूट, सुहागपुरा और अरनोद पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों एवं विवरणों में संशोधन किया गया है।
जिला खैरथल-तिजारा के पुनर्गठन/पुनर्सীमांकन संबंधी शुद्धि पत्र
ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/881 दिनांक 24-12-2025 के माध्यम से जिला खैरथल-तिजारा की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों के संशोधन हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
अधिसूचना संदर्भ: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/795 दिनांक 20.11.2025 एवं संख्या एफ.15(39)पुनर्गठन/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/835 दिनांक 21.11.2025
संशोधित क्षेत्र: जिला खैरथल-तिजारा की ग्राम पंचायतें एवं पंचायत समितियाँ (जैसे तिजारा, किशनगढ़बास, मुण्डावर, ततारपुर)
विवरण: राजपत्र में पूर्व प्रकाशित विवरण में लिपिकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने की वजह से तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात कॉलम 6 के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही समझा जाए।
जिला जोधपुर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन संबंधी शुद्धि पत्र आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जिला जोधपुर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसंयोजन के संबंध में एक महत्वपूर्ण शुद्धि पत्र जारी किया गया है। यह आदेश दिनांक 28-12-2025 को जारी किया गया है, जिसका पत्र क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव/2024/879 है।
आदेश का मुख्य उद्देश्य
विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव/पंचायत समिति गठन/2025/833 दिनांक 21.11.2025 एवं अन्य पूर्व प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों के कारण हुए गलत प्रकाशन और प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात इस शुद्धि पत्र के माध्यम से विवरणों को संशोधित किया गया है।
मुख्य विवरण एवं निर्देश
ग्राम पंचायतों हेतु संशोधन: तिंवरी, बालेसर, ओसियां, बावड़ी, लूणी, मण्डोर, शेरगढ़, सेखाला, चामू, भोपालगढ़, बिलाड़ा और पीपाड़ शहर आदि पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के विवरण, नाम, और कॉलम की प्रविष्टियों में सुधार किया गया है।
पंचायत समितियों हेतु संशोधन: बावड़ी, हतुण्डी, लूणी, बिलाड़ा, कापरड़ा, भोपालगढ़, पीपाड़ शहर, उम्मेदनगर और झंवर मुख्यालय पाल रोड से संबंधित पंचायत समिति क्षेत्रों के विवरणों को संशोधित किया गया है।
निर्देश: संबंधित तालिकाओं में कॉलम 6 के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही समझ कर पढ़ा जाए।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है तथा इसकी प्रतियां संबंधित सभी उच्च अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जिला परिषदों और निर्वाचन आयोग को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं।
जिला झुंझुनू की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन हेतु शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/874 दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला झुंझुनू की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन बाबत पूर्व में जारी अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने के कारण एवं प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात संशोधन एवं शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
क्रमांक एवं दिनांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/874, दिनांक 28-12-2025
संबंधित जिला: झुंझुनू
उद्देश्य: ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन एवं पुनर्सीमांकन संबंधी पूर्व प्रकाशन में लिपकीय त्रुटियों का संशोधन।
विविध ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों (जैसे उदयपुरवाटी, अलसीसर, झुंझुनू, चिड़ावा, मंडावा, सिंहाना, पिलानी, बुहाना, खेतड़ी, बबाई, टोडीगुढ़ा आदि) के संबंध में कॉलम संख्या 6 के पूर्व प्रकाशित विवरण को कॉलम संख्या 7 के संशोधित विवरण के अनुसार पढ़ा जाए।
जैसलमेर जिला: ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सिमांकन के संबंध में शुद्धि पत्र
जैसलमेर जिले के पुनर्गठन और पुनर्सिमांकन से संबंधित शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवरे/2024/875 (दिनांक 28-12-2025) के माध्यम से जिला जैसलमेर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन और नवसृजन के संबंध में पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटियों को सुधारने हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
संदर्भित पूर्व अधिसूचनाएं: विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवरे/2024/789 दिनांक 20.11.2025 एवं संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/830 दिनांक 21.11.2025।
कारण: 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को राजस्थान राजपत्र विशेष अंक भाग 6(ग) में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने के कारण प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात यह संशोधन किया गया है।
विवरण: जारी किए गए शुद्धि पत्र में ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के कॉलम में पूर्व प्रकाशित विवरण के स्थान पर संशोधित विवरण को सही समझा पढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
जिला हनुमानगढ़ की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन संबंधी शुद्धि पत्र अधिसूचना दिनांक 28-12-2025
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंचा/2024/873 दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला हनुमानगढ़ की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने के कारण संशोधन हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
दिनांक: 28-12-2025
विषय: जिला हनुमानगढ़ की ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन संबंधी पूर्व प्रकाशन में लिपिकीय त्रुटियों का संशोधन।
विवरण: पीलीबंगा, भादरा, संगरिया, हनुमानगढ़, टिब्बी, रावतसर, पल्लू और नोहर सहित विभिन्न पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों एवं राजस्व क्षेत्रों से संबंधित विवरण को कॉलम संख्या 6 (पूर्व प्रकाशित विवरण) के स्थान पर कॉलम संख्या 7 (संशोधित विवरण) के अनुसार पढ़ने हेतु संशोधित किया गया है।
संबंधित ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के उपयोगकर्ता और अधिकारी इस शुद्धि पत्र के अनुसार अपने अभिलेखों में सुधार कर सकते हैं।
डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन के संबंध में शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/87/ दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला डूंगरपुर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसृजन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने के कारण यह संशोधन शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
संदर्भित पूर्व अधिसूचनाएं: क्रमांक एफ.15(39)पंवारा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/826 दिनांक 20.11.2025 एवं संख्या 827 दिनांक 21.11.2025।
संशोधन का कारण: राजस्थान राजपत्र विशेषांक भाग 6(ग) में 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों और प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात यह संशोधन किया गया है।
विवरण: ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों हेतु जारी सूचियों में कॉलम संख्या 6 में अंकित विवरण के स्थान पर कॉलम संख्या 7 में अंकित विवरण को सही पढ़ा जाए।
विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक प्रपत्र और संबंधित जिले की सूचियों का अवलोकन करें।
जिला डीग में ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन संबंधी शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), जयपुर द्वारा दिनांक 28-12-2025 को एक शुद्धि पत्र (क्रमांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/868) जारी किया गया है। यह आदेश जिला डीग की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश हुए गलत प्रकाशन को सुधारने के लिए जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
आदेश दिनांक: 28-12-2025।
विषय: जिला डीग की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन से संबंधित पूर्व अधिसूचनाओं में संशोधन।
विवरण: पूर्व प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटियों के कारण, प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात अब कॉलम संख्या 6 में अंकित विवरण के स्थान पर कॉलम संख्या 7 में अंकित विवरण को सही पढ़ा जाएगा।
यह संशोधन ग्राम पंचायतों तथा पंचायत समितियों दोनों के लिए जारी सूचियों पर लागू होता है।
संबंधित उपयोगकर्ता और अधिकारी विस्तृत जानकारी के लिए मूल अधिसूचना देख सकते हैं।
डीडवाना कुचामन ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन संबंध में शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी संशोधन सूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 28-12-2025 को एक शुद्धि पत्र (क्रमांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/870) जारी किया गया है। यह आदेश डीडवाना कुचामन जिले की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों के सुधार के संबंध में है।
मुख्य विवरण
विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंवारा/2024/784 (दिनांक 20.11.2025) एवं एफ.15(39)विधि/पंचायत गठन/2025/825 (दिनांक 21.11.2025) तथा राजस्थान राजपत्र विशेष अंक भाग 6(ग) में दिनांक 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को प्रकाशित सूचनाओं में हुई लिपिकीय त्रुटियों को आपत्तियों/आवेदन पत्रों के निस्तारण के पश्चात संशोधित किया गया है।
संशोधित विवरण के अंतर्गत विभिन्न पंचायत समितियों (जैसे नावा, परबतसर, मौलासर, डीडवाना, कुचामन सिटी और मकराना) के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के नामों और विवरणों में सुधार किया गया है, जिसे संलग्न सूचियों के अनुसार पढ़ा जाए।
जिला दौसा की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन संबंधी शुद्धि पत्र
अति आवश्यक सूचना - जिला दौसा
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जिला दौसा की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसर्जन के संबंध में अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/867, दिनांक 28-12-2025 जारी की गई है।
यह शुद्धि पत्र विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव्रा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/822 दिनांक 21.11.2025 एवं अन्य पूर्व प्रकाशित अधिसूचनाओं में राजपत्र विशेष अंक भाग 6(ग) में लिपिकी त्रुटि व गलत प्रकाशन होने तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
दिनांक: 28-12-2025
क्रमांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/867
विषय: जिला दौसा की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन से संबंधित पूर्व प्रकाशित विवरण में संशोधन/शुद्धि।
जारीकर्ता: डॉ० जोगा राम, शासन सचिव (राजपाल की आज्ञा से)।
संबंधित ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के उपयोगकर्ता एवं अधिकारी इस अधिसूचना के अनुसार अपने रिकॉर्ड और विवरण को सही रूप में पढ़ व समझ सकते हैं।
बीकानेर जिला की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमन संबंधी शुद्धि पत्र आदेश
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/863 दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला बीकानेर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमन/नवसृजन के संबंध में पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों के सुधार हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
आदेश क्रमांक एवं दिनांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंव्रा/2024/863, दिनांक 28-12-2025।
संशोधन का कारण: दिनांक 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को राजस्थान राजपत्र विशेष अंक भाग 6(ग) में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटि व प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात।
संबंधित क्षेत्र: बीकानेर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतें (जैसे बज्जू खालसा, हदां, खाजूवाला, कोलायत) और पंचायत समितियां।
नोट: कॉलम संख्या 6 में अंकित विवरण के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही समझ कर पढ़ा जाए।
जिला भरतपुर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सիमांकन संबंधी शुद्धि पत्र
राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा शुद्धि पत्र
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/861, दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जिला भरतपुर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सिमांंकन तथा नवसृजन के संबंध में पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटियों के सुधार हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य विवरण
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
दिनांक: 28-12-2025
संदर्भित जिले: भरतपुर
उद्देश्य: पूर्व प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात विवरणों में संशोधन करना।
इस शुद्धि पत्र में भुसावर, उच्चैन, सेवर, बयाना और वैर पंचायत समितियों के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों के विवरणों (जैसे बाछरैन, सलेमपुर खुर्द, झारौटी, हींगोटा, ऊहलू, नंगला तुला, आदि) में आवश्यक संशोधन एवं विलोपन किए गए हैं। संबंधित उपयोगकर्ता और अधिकारी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक प्रपत्र देख सकते हैं।
ब्यावर जिला ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन बाबत शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जयपुर, दिनांक 28-12-2025 को एक शुद्धि पत्र जारी किया गया है। इसका क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/860 है।
यह शुद्धि पत्र विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पुनर्गठन/विधि/पंरा/पंचायत समिति गठन/2025/774 दिनांक 20.11.2025 एवं संख्या एफ.15(39)पुनर्गठन/विधि/पंरा/पंचायत समिति गठन/2025/815 दिनांक 21.11.2025 के संदर्भ में है, जो जिला ब्यावर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन बाबत दिनांक 21.11.2025 एवं 24.11.2025 को राजस्थान राजपत्र विशेषनांक भाग 6(ग) में प्रकाशित हुई थीं।
मुख्य बिंदु
कारण: पूर्व में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपकीय त्रुटिवश गलत प्रकाशन होने की वजह से व प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण पश्चात यह संशोधन किया गया है।
संशोधन विवरण: ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों (जैसे रायपुर, जैतारण, जवाजा, रास) से संबंधित प्रविष्टियों, कॉलम संख्या और विवरण में सुधार किया गया है।
निर्देश: नीचे दिए गए कॉलम संख्या 6 में अंकित विवरण के स्थान पर कॉलम 7 में अंकित विवरण को सही समझ कर पढ़ा जाए।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है तथा इसकी प्रतिलिपि आवश्यक सूचनार्थ विभिन्न संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई है।
राजस्थान सरकार - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग: जिला अजमेर शुद्धि पत्र
ग्राम पंचायत पुनर्गठन संशोधन शुद्धि पत्र - जिला अजमेर
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/854 दिनांक 28.12.2025 के संदर्भ में जिला अजमेर की ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन से संबंधित पूर्व में प्रकाशित अधिसूचना में लिपकीय त्रुटि सुधार हेतु शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
अधिसूचना क्रमांक एवं दिनांक: एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/854, दिनांक 28.12.2025
संबंधित जिला: अजमेर
संशोधन विवरण: पंचायत समिति सिलोरा के अंतर्गत पूर्व में प्रकाशित विवरण (कॉलम 6) में अंकित 'चुन्दड़ी' के स्थान पर संशोधित विवरण (कॉलम 7) में 'बड़गांव' पढ़ा जाए।
ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप शिविर 17 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक आयोजित करने बाबत
ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप शिविर आयोजन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा वर्तमान सरकार के 02 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप शिविर आयोजित किए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
शिविर की मुख्य तिथियां एवं अवधि
शिविर अवधि: 17 दिसंबर, 2025 से 24 दिसंबर, 2025 तक (दिनांक 21.12.2025 को छोड़कर)।
शिविर आयोजन स्थल एवं व्यवस्थाएं
शिविरों का आयोजन पंचायत भवन, स्कूल भवन या उपलब्ध अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किया जाएगा।
भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त मुख्यालय पर राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आगंतुकों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, मेज, कुर्सियां, दरियां और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं ग्राम पंचायत द्वारा की जाएंगी।
वित्तीय प्रावधान एवं व्यय की अनुमति
षष्ठ राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान राशि के उपयोग के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के बिंदु संख्या (अ) 3 XIII के अंतर्गत संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा शिविर आयोजन हेतु राशि रु. 25,000/- (अधिकतम) का व्यय षष्ठ राज्य वित्त आयोग अंतर्गत उपलब्ध अनुदान राशि से करने की सहमति प्रदान की जाती है। यह सहमति वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332501835 दिनांक 05.12.2025 द्वारा अनुमोदित है।
इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
मनरेगा योजनान्तर्गत व्यक्तिगत लाभ के कार्य निजी कृषि भूमि में टांका निर्माण मय पक्का एवं कच्चा पायथन कार्य की अनुमति के संबंध में
राजस्थान सरकार - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग
पत्रांक: एफ 55(1)ग्रावि/नरेग/भारत सरकार/एनएलएम/2023-24/05104
विषय: महात्मा गांधी नरेग योजनान्तर्गत व्यक्तिगत लाभ के कार्य निजी कृषि भूमि में टांका निर्माण मय पक्का एवं कच्चा पायथन कार्य का अनुमत करने के सम्बन्ध में।
ग्रामीण विकास विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी इस पत्र के अनुसार, भारत सरकार के पत्र के क्रम में महात्मा गांधी नरेग योजनान्तर्गत टांका निर्माण कार्यों का निष्पादन "Farm Pond for Individuals" की अनुज्ञेय श्रेणी के अन्तर्गत किये जाने की अनुमति प्रदान की गई है।
मुख्य बिंदु:
महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के प्रावधानों, दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित उचित प्रक्रियाओं की सख्ती से पालना की जानी है।
टांका निर्माण कार्य की योजना, कार्यान्वयन एवं निगरानी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना 2025
राजसमंद जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/842 (दिनांक 21 नवंबर 2025)
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, तथा धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों के तहत यह पुनर्गठन किया गया है।
प्रभावित क्षेत्र: राजसमंद जिले की पंचायत समितियां (जैसे आमेट, भीम, कुंभलगढ़, रेलमगरा और राजसमंद) और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतें।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखें।
करौली जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन की अधिसूचना
करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए करौली जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित हुई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/834 (दिनांक 21 नवंबर 2025)।
अधिकार क्षेत्र: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई के उपरांत राज्य सरकार के अनुमोदन से करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
नया कार्यकाल: पुनर्गठित/पुनर्रसीमांकित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, पुरानी पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
जैसलमेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना 2025
जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/830 दिनांक नवंबर 21, 2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10, 101 और 98 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार कर, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां (जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं) उस तारीख से अस्तित्व में नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
जारीकर्ता: राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगाराम, शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
हनुमानगढ़ जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हनुमानगढ़ जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर 2025 में प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक एवं दिनांक: संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/828-, दिनांक 21 नवंबर 2025।
जारीकर्ता: डॉ. जोगा राम, शासन सचिव, राज्यपाल की आज्ञा से।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, आपत्तियां आमंत्रित करने और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने तथा राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात हनुमानगढ़ जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों का गठन किया गया है तथा संबंधित ग्राम पंचायतों का निर्धारण किया गया है।
श्रीगंगानगर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन
श्रीगंगानगर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीगंगानगर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/827-, दिनांक: जयपुर, नवम्बर 21, 2025।
प्रभावित क्षेत्र: श्रीगंगानगर जिले के अंतर्गत आने वाली पंचायत समितियां जैसे सादुलशहर, अनूपगढ़, घड़साना, सूरतगढ़ और नई सृजित पंचायत समितियां।
कार्यकाल संबंधी निर्देश: पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात् उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची में निर्दिष्ट हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
डूंगरपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
डूंगरपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 24 नवम्बर, 2025 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/826 जारी की गई है।
यह अधिसूचना राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है। इसके तहत डूंगरपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुर्नसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/826 (दिनांक: नवम्बर 21, 2025)
संबंधित जिला: डूंगरपुर
प्रमुख प्रावधान: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात् राज्य सरकार के अनुमोदन से डूंगरपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
चुनाव पश्चात प्रभाव: अनुसूची के स्तम्भ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तम्भ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बन्द कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ हो सके।
विस्तृत जानकारी के लिए राजस्थान राजपत्र के भाग 6 (ग) का अवलोकन करें।
बांसवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनसीमांकन
बांसवाड़ा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन एवं नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पांरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/812 (दिनांक नवंबर 21, 2025) के अंतर्गत बांसवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन किया गया है। यह कार्रवाई राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों तथा धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के तहत जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम के तहत कार्रवाई: संबंधित जिला कलेक्टर को ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन हेतु प्रस्ताव तैयार करने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई करने हेतु अधिकृत किया गया था।
अधिकारिता: अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियां स्तम्भ 5 में वर्णित स्थानीय क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
विद्यमान समितियों की समाप्ति: अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां (जो स्तम्भ 2 में वर्णित हैं) उस तारीख से अस्तित्व में नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
भीलवाड़ा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं पुनर्रसीमांकन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/817, दिनांक नवंबर 21, 2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा 98, 9, 10 एवं 101।
संबंधित विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
जारीकर्ता: राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव।
प्रक्रिया: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार कर, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात यह पुनर्गठन किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ होगा।
जयपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन अधिसूचना
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना आदेश क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/829, दिनांक 21-11-2025 के तहत जारी की गई है।
मुख्य बिंदु
अधिनियम के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा यह पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकन किया गया है।
जिला कलेक्टर की कार्रवाई: संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकनार्थ एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई करने की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
नया कार्यभार और नाम: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित एवं नवसृजित पंचायत समितियां उसी नाम से जानी जाएंगी और निर्धारित स्थानीय क्षेत्र पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
चुनाव और कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और उनका कार्यभार समाप्त माना जाएगा, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन आदेश
राजसमंद जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 को जारी की गई है, जिसका क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/842 है।
प्रमुख बिंदु
अधिनियम के तहत कार्रवाई: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के अंतर्गत यह पुनर्गठन किया गया है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: संबंधित जिले के जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित किए गए थे और एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित कर सुनवाई की गई थी।
राज्य सरकार का अनुमोदन: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों एवं आपत्तियों की परीक्षण के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन किया गया है।
प्रभावित पंचायत समितियां: इस अधिसूचना के तहत राजसमंद जिले की प्रमुख पंचायत समितियों (जैसे आमेट, भीम, कुंभलगढ़, रेलमगरा, राजसमंद) के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों का पुनर्रसीमांकन और नई सूची तैयार की गई है।
कार्यकाल और प्रभाव: सूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो सूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
फलोदी जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम सं. 13) की धारा-9, 10 एवं 101 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए फलोदी जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 (क्रमांक: एफ.15(39)पंवरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/840) को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम और प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 और 101 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग।
जिला कलेक्टर की कार्यवाही: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों, सार्वजनिक अवलोकन और एक माह की अवधि में प्राप्त आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
कार्यकाल प्रारंभ: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
विस्तृत जानकारी के लिए संलग्न दस्तावेज या संबंधित विभाग के आदेश का अवलोकन करें।
बीकानेर जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा बीकानेर जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 20 नवंबर, 2025 को प्रकाशित हुई है।
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग।
कार्रवाई: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं अभिशषाओं का परीक्षण कर राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात बीकानेर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
शामिल पंचायत समितियां: इस अधिसूचना के तहत लूनकरनसर, श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, नोखा, पाँचू, बज्जू खालसा, खाजूवाला, पूगल और हदां पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले ग्राम क्षेत्रों का पुनर्गठन किया गया है।
कार्यकाल संबंधी निर्देश: अनुसूची के स्तम्भ संख्या 4 में यथावर्णित ग्राम पंचायतों के चुनाव के पश्चात संबंधित जिले की विद्यमान वे ग्राम पंचायतें जो स्तम्भ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई ग्राम पंचायतों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी और विस्तृत राजस्व ग्राम सूची के लिए कृपया संलग्न मूल राजपत्र अधिसूचना देखें।
झुंझुनूं जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन एवं नवसृजन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
झुंझुनूं जिले की ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन एवं नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/792 (दिनांक नवंबर 20, 2025) जारी की गई है। इसके माध्यम से झुंझुनूं जिले में विभिन्न ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन एवं नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं प्रक्रिया
संवैधानिक प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 में वर्णित शक्तियों तथा विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/02 (दिनांक 10.01.2025) के तहत जिला कलेक्टर को प्रस्ताव तैयार करने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने और एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित कर सुनवाई करने हेतु अधिकृत किया गया था।
राज्य सरकार का अनुमोदन: जिला कलेक्टर्स द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों एवं अभिशंषाओं का परीक्षण करने के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से झुंझुनूं जिले की ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन/पुनसीमांकन/नवसृजन किया गया है।
अधिकारिता: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित ग्राम पंचायतें स्तंभ 5 में दर्शाए गए स्थानीय क्षेत्रों एवं राजस्व ग्रामों पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
विद्यमान पंचायतों का कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित नई ग्राम पंचायतों के चुनाव के पश्चात स्तंभ 2 में उल्लेखित वर्तमान ग्राम पंचायतें उस तारीख से अस्तित्व में नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पुनर्गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
शामिल पंचायत समितियां
इस अधिसूचना के अंतर्गत झुंझुनूं जिले की निम्नलिखित पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का पुनर्गठन किया गया है:
बुहाना
चिड़ावा
खेतडी
मण्डावा
नवलगढ़
पिलानी
सिंघाना
सूरजगढ़
उदयपुरवाटी
अलसीसर
झुंझुनूं
यह अधिसूचना राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है।
बाड़मेर जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनसीममार्कन और नवसृजन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) अधिसूचना
यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। इसके अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा बाड़मेर जिले के विभिन्न पंचायत समितियों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनसीममार्कन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
संबद्ध विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार।
कार्रवाई का आधार: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों, आपत्तियों पर सुनवाई और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात यह अंतिम अधिसूचना जारी की गई है।
प्रभाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित नई एवं पुनर्गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल संबंधित पंचायतों के चुनावों के पश्चात प्रारंभ होगा, और स्तंभ 2 में उल्लेखित पुरानी पंचायतें उस तिथि से अस्तित्व में नहीं रहेंगी।
विस्तृत विवरण और पंचायत समिति वार (जैसे सेड़वा, रामसर, गडाररद, धोरीमन्ना, बायतू, शिव, गुड़ामालानी, फागलिया आदि) नवगठित ग्राम पंचायतों एवं उनमें सम्मिलित राजस्व ग्रामों की सूची आधिकारिक राजपत्र में उपलब्ध है।
जिला परिषद बालोतरा का गठन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
जिला परिषद बालोतरा का गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद, बालोतरा का गठन किया गया है।
आधार: राजस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक प-9(18)रास-1/2022-(2) दिनांक 05.08.2023 द्वारा बाड़मेर जिले के पुनर्गठन के फलस्वरूप नवीन जिला बालोतरा का गठन, जिसका मुख्यालय बालोतरा है।
क्षेत्राधिकार: नवगठित जिला परिषद, बालोतरा का क्षेत्राधिकार राजस्व विभाग की अधिसूचना में वर्णित क्षेत्र में से नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका (नगरीय क्षेत्र) को छोड़कर समस्त क्षेत्र रहेगा। यह क्षेत्र जिला परिषद बाड़मेर के वर्तमान क्षेत्राधिकार से पृथक होगा।
कार्यकाल: जिला परिषद बाड़मेर अपने वर्तमान स्वरूप में उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेगी और कार्य करना बंद कर देगी जब नवीन जिला परिषद बालोतरा एवं पुनर्गठित जिला परिषद बाड़मेर का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
नवीन जिला परिषद डीग का गठन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
नवीन जिला परिषद डीग का गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या एफ15(1)परा/विधि/जिपगठन/2025/762 दिनांक 19 नवम्बर 2025 के माध्यम से नवीन जिला परिषद डीग के गठन की सूचना जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
नवीन जिला गठन: राजस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक प-9(18)राज-1/2022-(4) दिनांक 05.08.2023 के द्वारा भरतपुर जिले का पुनर्गठन कर नवीन जिला डीग का गठन किया गया है, जिसका मुख्यालय डीग रखा गया है।
जिला परिषद का गठन: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद, डीग का गठन किया गया है।
क्षेत्राधिकार: नवगठित जिला परिषद, डीग का क्षेत्राधिकार राजस्व विभाग की उक्त अधिसूचना में वर्णित क्षेत्र में से नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका (नगरीय क्षेत्र) को छोड़कर समस्त क्षेत्र रहेगा। यह क्षेत्र जिला परिषद भरतपुर के वर्तमान क्षेत्राधिकार से पृथक रहेगा।
भरतपुर जिला परिषद का कार्य: जिला परिषद भरतपुर वर्तमान स्वरूप में उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेगी और कार्य करना बंद कर देगी जब नवीन जिला परिषद डीग एवं पुनर्गठित जिला परिषद भरतपुर का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राजस्थान राज्य सूचना आयोग का सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत महत्वपूर्ण निर्णय
राजस्थान राज्य सूचना आयोग निर्णय - दिनांक 16.10.2025
राजस्थान राज्य सूचना आयोग (जयपुर) द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत द्वितीय अपील एवं परिवार मामलों पर एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया है। यह निर्णय मुख्य सूचना आयुक्त श्री मोहन लाल लाठर द्वारा दिनांक 16-10-2025 को जारी किया गया।
मुख्य बिंदु एवं विवरण
अपीलार्थी/परिवादी: श्री सज्जन सिंह (निवासी - जोधपुर, राजस्थान) द्वारा वर्ष 2018 से 2025 के बीच आयोग में कुल 1127 द्वितीय अपीलें एवं परिवार दायर किए जा चुके हैं।
लक्ष्यित विभाग: अधिकांश अपीलें/शिकायतें पंचायती राज विभाग के ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति स्तर के लोक सूचना अधिकारियों (ग्राम विकास अधिकारी, विकास अधिकारी आदि) के विरुद्ध संस्थित की गई हैं। बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर और फलोदी जिलों से संबंधित प्रकरण इसमें शामिल हैं।
शीर्ष न्यायालयों के निर्णय का हवाला: आदेश में माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों (जैसे सीबीआई बनाम आदित्य बंधोपाध्याय) का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि आरटीआई अधिनियम का दुरुपयोग, अत्यधिक या पुनरावृत्ति (Repetitive/Excessive) वाले आवेदन, और लोक प्राधिकारियों के सीमित मानव संसाधनों पर अत्यधिक भार डालना कानून की भावना के अनुकूल नहीं है।
कैशबुक व अन्य दस्तावेजों की मांग: आयोग ने अपने निर्णय में यह भी रेखांकित किया है कि एक ही अवधि के कैशबुक की बार-बार प्रतियां मांगना लोक प्राधिकारी के सीमित संसाधनों का अनावश्यक विचलन है।
आयोग का निष्कर्ष: परिशिष्ट-01 में वर्णित मामलों की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए, चूंकि प्रार्थी को पूर्व में समुचित सूचना/विनिश्चय प्रेषित किया जा चुका है, अतः शेष प्रकरणों में अतिरिक्त सूचना उपलब्ध कराने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं और प्रकरणों को निस्तारित किया गया है।
ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन
ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, श्रीगंगानगर को ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
पत्राचार संदर्भ: आपका राजकाज क्रमांक 17879858 दिनांक 19.09.2025 के संदर्भ में।
विभाग का मार्गदर्शन: वर्तमान में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों को मानदेय के संबंध में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 एवं राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में कोई प्रावधान नहीं है।
यह पत्र वित्तीय सलाहकार, कृष्ण कन्हैया मीणा द्वारा जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि निजी सचिव, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग, जयपुर को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन
ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के मानदेय भुगतान पर मार्गदर्शन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन जारी किया गया है। यह पत्र मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद श्रीगंगानगर को संबोधित है।
मुख्य बिंदु:
विषय: ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के सम्बन्ध में मार्गदर्शन बाबत।
संदर्भ: आपका राजकाज क्रमांक 17879858 दिनांक 19.09.2025।
विभाग का स्पष्टीकरण: वर्तमान में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों को मानदेय के सम्बन्ध में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 एवं राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में कोई प्रावधान नहीं है।
यह पत्र वित्तीय सलाहकार कृष्ण कन्हैया मीणा द्वारा जारी किया गया है तथा इसकी प्रतिलिपि निजी सचिव, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग, जयपुर को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
ग्राम पंचायतियों की कालावधि के दौरान पट्टे जारी करने के संबंध में निर्देश
ग्राम पंचायतों की कालावधि के दौरान पट्टे जारी करने के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों की कालावधि के दौरान पट्टे जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
संदर्भ: विभागीय अधिसूचना दिनांक 16.01.2025
प्रशासनिक समिति का गठन: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-95 के तहत जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया है, उनमें निवर्तमान सरपंच को प्रशासक नियुक्त किया गया है तथा संबंधित ग्राम पंचायत के उप सरपंच एवं वार्ड पंचों को प्रशासक समिति का सदस्य बनाया गया है।
शक्तियों का प्रयोग: प्रशासक द्वारा अधिनियम और राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में वर्णित समस्त शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग प्रशासनिक समिति की बैठक में परामर्श उपरांत किया जाएगा।
पट्टा आवंटन प्रक्रिया: पट्टा आवंटन से संबंधित कार्यवाही में राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के प्रावधानों के तहत जहाँ वार्ड पंच की कमेटी गठित किया जाना आवश्यक है, वहाँ प्रशासक द्वारा प्रशासनिक समिति के सदस्यों की कमेटी गठित कर पट्टा आवंटन संबंधी कार्यवाही की जाए।
यह आदेश डॉ. जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किया गया है।
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन बाबत महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
राजस्थान सरकार पंचायती राज विभाग द्वारा निर्देश
राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा क्रमांक: एफ 4(1)स्वामित्व/विधि/पंव्रा/2020/पार्ट-3/E-File - 00439 के अंतर्गत स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम द्वारा जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
प्रशासक की नियुक्ति: राज्य की ऐसी ग्राम पंचायतें जिनका कार्यकाल दिनांक 16.01.2025, 11.03.2025 व 23.09.2025 तक समाप्त हो गया है और जिनके चुनाव अपरिहार्य कारणों से संपन्न नहीं हो पा रहे हैं, उनमें संबंधित ग्राम पंचायत के निवर्तमान सरपंच को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक समिति का गठन: ग्राम पंचायतों के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासक की सहायता हेतु प्रशासनिक समिति गठित की गई है। इसमें कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व संबंधित ग्राम पंचायत के उप सरपंच एवं वार्ड पंचों को सदस्य बनाया गया है।
सर्वे समिति में कार्य: विभागीय पत्र क्रमांक 48 दिनांक 18.01.2021 के अनुसार स्वामित्व योजनांतर्गत गठित सर्वे समिति में 2 वार्ड पंचों کے स्थान पर प्रशासनिक समिति के 2 सदस्यों द्वारा सर्वे समिति का कार्य संपादित किया जाएगा।
समस्त जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जिला परिषदों को इस योजना के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
माननीय प्रधानमंत्री महोदय के दिनांक 25.09.2025 के कार्यक्रम के सीधे प्रसारण हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्था के संबंध में
माननीय प्रधानमंत्री महोदय के कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 165(7)ले.ब./परावि/एसएफसी-6/2025-26 के अंतर्गत दिनांक 25.09.2025 को बांसवाड़ा में माननीय प्रधानमंत्री महोदय की उपस्थिति में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह के लाइव प्रसारण को ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर दिखाने की समुचित व्यवस्था के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं वित्तीय स्वीकृति
कार्यक्रम: दिनांक 25.09.2025 को बांसवाड़ा में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह का जिला, ब्लॉक व ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर लाइव प्रसारण।
उद्देश्य: आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।
व्यवस्थाएं: टी.वी./स्क्रीन व्यवस्था, फर्नीचर, दरी, पेयजल आदि से संबंधित व्यय।
वित्तीय प्रावधान: छठे राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान राशि से प्रति ग्राम पंचायत अधिकतम रु. 10,000/- (दस हजार रुपये) तक के व्यय/उपयोग करने की सहमति प्रदान की जाती है।
अनुमोदन: यह सहमति वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332501526 दिनांक 23.09.2025 द्वारा अनुमोदित है।
यह आदेश डॉ. जोंगा राम, शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किया गया है।
ग्राम पंचायतों में स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्रों एवं ग्राम पंचायत भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग का महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्रों एवं ग्राम पंचायत भवनों की मरम्मत और एकरूप रंग-रोगन के संबंध में आदेश जारी किया गया है। यह आदेश क्रमांक एफ 4(1111) परावि/पीसी/विविध/22-00409, दिनांक 19.09.2025 के अंतर्गत जारी किया गया है, जिसके हस्ताक्षर डॉ. जोगा राम, शासन सचिव एवं आयुक्त द्वारा किए गए हैं।
प्रमुख निर्देश एवं समय-सीमा
जिन भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है: ऐसे भवनों के लिए राज्य वित्त आयोग एवं पंद्रहवां वित्त आयोग के अंतर्गत मरम्मत और रंग-रोगन की स्वीकृति तत्काल जारी करते हुए दिनांक 15.11.2025 तक कार्य पूर्ण किया जाए।
जिन भवनों में केवल रंग-रोगन की आवश्यकता है: ऐसे भवनों के लिए तत्काल स्वीकृति जारी करते हुए दिनांक 31.10.2025 तक कार्य पूर्ण किया जाए।
रंग-रोगन के लिए निर्धारित मानक
बाहरी दीवारें: अच्छी गुणवत्ता का Pink शेड का Paint (PU + Silicon Modified 100% Acrylic Exterior Emulsion) किया जाए।
आंतरिक दीवारें: Cream / Off White शेड का Paint किया जाए।
सीलिंग (छत): White शेड का Paint (PU Reinforced Luxury Acrylic Emulsion) किया जाए।
प्रगति निगरानी
उक्त कार्यों की प्रगति दर्ज करने के लिए पृथक से गूगल स्प्रेडशीट/फॉर्मेट का लिंक भेजा जा रहा है, जिस पर नियमित रूप से प्रगति दर्ज कराई जानी है। संबंधित सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (जिला परिषद) को इन निर्देशों की समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायतों में स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्रों एवं ग्राम पंचायत भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्राम पंचायत भवनों एवं भारत निर्माण सेवा केंद्रों की मरम्मत और एकरूप रंग-रोगन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 4(1111) परावि/पीसी/विविध/22-00409 (दिनांक 19.09.2025) के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री महोदय की समीक्षा बैठक के निर्देशों के पालन में सभी ग्राम पंचायतों एवं भारत निर्माण सेवा केंद्रों में मरम्मत और एकरूप रंग-रोगन के कार्य करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्देश एवं समय-सीमा
मरम्मत और रंग-रोगन (वित्तीय स्वीकृति सहित): जिन भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है, वहां राज्य वित्त आयोग एवं पंद्रहवां वित्त आयोग के अंतर्गत तुरंत स्वीकृति जारी करते हुए 15.11.2025 तक कार्य पूर्ण किया जाए।
केवल रंग-रोगन: जिन भवनों में केवल रंग-रोगन की आवश्यकता है, वहां तत्काल स्वीकृति जारी करते हुए 31.10.2025 तक कार्य पूर्ण किया जाए।
रंग एवं पेंट के मानक: भवन की बाहरी दीवारों पर अच्छी गुणवत्ता का Pink शेड का Paint (PU + Silicon Modified 100% Acrylic Exterior Emulsion), आंतरिक दीवारों पर Cream/Off White एवं छत (सीलिंग) पर White शेड का Paint (PU Reinforced Luxury Acrylic Emulsion) किया जाए।
प्रगति की मॉनिटरिंग: उक्त कार्यों की प्रगति हेतु अलग से Google Spreadsheet/Format का लिंक भेजा जा रहा है, जिस पर नियमित प्रगति दर्ज की जाए।
राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत विधवा/विधुर के विवाह पंजीयन के संबंध में दिशानिर्देश
विधवा/विधुर के विवाह पंजीयन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत विधवा/विधुर के विवाह पंजीयन के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जिला नोडल विवाह पंजीयन अधिकारी एवं उप/सहायक निदेशकों को पत्र प्रेषित किए गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं प्रक्रिया
शपथ पत्रों का सत्यापन: विवाह पंजीयन हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्रों को पब्लिक नोटरी से प्रमाणित कराना एवं नियमानुसार नोटरी टिकट लगाना अनिवार्य है।
आवश्यक शपथ पत्र:
विवाह के मृत पक्ष (वर/वधु) की ओर से माता/पिता अथवा संरक्षक की ओर से दिया जाने वाला शपथ पत्र।
विधवा/विधुर द्वारा पाई पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र।
विवाह की पुष्टि हेतु दो स्वतंत्र गवाहों के शपथ पत्र अलग-अलग पाई पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित।
मृत्यु प्रमाण पत्र: विवाह पंजीयन हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्र के साथ विवाह के मृत पक्ष का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक रूप से लिया जाए।
माता-पिता/संरक्षक द्वारा शपथ पत्र न देने पर प्रक्रिया: यदि मृत पक्ष के माता-पिता या संरक्षक द्वारा 15 दिवस में शपथ पत्र नहीं दिए जाते हैं या उपस्थित नहीं होते हैं, तो रजिस्ट्रार विवाह में उपस्थित अन्य चार प्रतिष्ठित गवाहों के शपथ पत्र एवं बयान पश्चात संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगा और स्वयं की संतुष्टि उपरांत विवाह का पंजीयन करेगा तथा पंजीयन रजिस्टर में संबंधित गवाहों के हस्ताक्षर भी लेगा।
ग्रामीण सेवा शिविर 18 सितम्बर, 2025 से आयोजित किये जाने बाबत
ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर "ग्रामीण सेवा शिविर" का आयोजन 18 सितम्बर, 2025 से किया जाना है।
मुख्य निर्देश एवं व्यवस्थाएं
अभियान की अवधि तब तक होगी जब तक कि प्रत्येक पंचायत समिति की प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर का आयोजन न हो जावे।
शिविर स्थल पंचायत मुख्यालय पर पंचायत भवन, स्कूल भवन या उपलब्ध अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित किए जाएंगे।
आगंतुकों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, मेज, कुर्सियां, दरियां और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं ग्राम पंचायत द्वारा की जाएंगी।
वित्तीय प्रावधान एवं व्यय
शिविर आयोजन एवं संचालन हेतु षष्ठ राज्य वित्त आयोग अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान राशि के उपयोग हेतु विभागीय पत्रांक 347 राजकाज क्रमांक 13247621 दिनांक 28.01.2025 के दिशा-निर्देशों के बिंदु सं. (अ)(3)(XIII) के अंतर्गत ग्राम पंचायत को स्वीकृत अनुदान राशि में से अधिकतम राशि रु. 25,000/- प्रति ग्राम पंचायत व्यय/उपयोग करने की सहमति प्रदान की जाती है।
यह सहमति वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332501444 दिनांक 16.09.2025 द्वारा अनुमोदित है। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी क्रमांक एफ44(51)पंच्रावि/प्रशि./स्वामित्व/2023/पार्ट-1/E-File - 01834 (दिनांक 27.08.2024) के अंतर्गत 'स्वामित्व योजना' के क्रियान्वयन में जिलों में आ रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु राजस्व विभाग एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रसारित किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
सीमाज्ञान एवं चूना मार्किंग: आबादी क्षेत्र की बाहरी सीमा का सीमाज्ञान संबंधित पटवारी द्वारा किए जाने के उपरांत ग्राम पंचायत के कर्मियों द्वारा चूना मार्किंग की जाएगी। चूना मार्किंग के समय पटवारी की उपस्थिति अनिवार्य है।
सड़क सीमा एवं रेलवे लाइन दूरी: राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 161 के अनुसार, जिन व्यक्तियों के मकान आबादी भूमि में स्थित हैं किंतु सड़क सीमा या रेलवे लाइन सीमा में आ रहे हैं, उन्हें प्रॉपर्टी पार्सल का वितरण नहीं किया जाए।
एक से अधिक भूखंड: किसी व्यक्ति के स्वामित्व में एक से अधिक भूखंड होने और उनका पट्टा न होने पर सिर्फ पट्टा शुद्धा भूखंड का प्रॉपर्टी पार्सल देय है, शेष का नहीं।
महिला पट्टा धारक: राजस्थान पंचायती राज नियम 157(2) के तहत 300 वर्गगज तक के महिला पट्टा धारक की प्रॉपर्टी आईडी का क्षेत्रफल 300 वर्गगज से अधिक होने पर नियम 165(4) के अनुसार डीएलसी दर से प्रभार लेकर विक्रय विलेख दिया जा सकता है, अन्यथा प्रॉपर्टी आईडी विवादग्रस्त अंकित की जाए।
आपत्तियां एवं अपील: स्वामित्व योजना अंतर्गत आपत्तियों के आमंत्रण हेतु विज्ञापन नियमानुसार प्रकाशित किए जाएं। पट्टे या प्रॉपर्टी कार्ड वितरण में त्रुटि/विवाद होने पर राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 166 एवं अधिनियम 1994 की धारा 97 के संबंधित अपीलीय प्रावधान ही लागू होंगे।
ग्राम पंचायत द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र परिवारों को पट्टा जारी करने के संबंध में निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पट्टा आवंटन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टा जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
विषय: ग्राम पंचायत द्वारा पट्टा जारी करने बाबत।
कारण: राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया था कि कतिपय ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता/वरीयता सूची में सम्मिलित परिवारों को आबादी भूमि का पट्टा आवंटित नहीं हो पा रहा है।
योजना का महत्व: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल है।
निर्देश: सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को निर्देशित किया गया है कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता/वरीयता सूची में शामिल समस्त परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया अपनाते हुए नियमनुसार भूमि/पट्टे आवश्यक रूप से आवंटित किया जाना सुनिश्चित करावें।
यह आदेश शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किया गया है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं में बैठक कार्यवाही विवरण संधारण बाबत परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 23-01-2024 को क्रमांक एफ.4(3)दिशा-निर्देश/विधि/पंश/2024/27 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों की कार्यवाही के संधारण के संबंध में महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
नियम-44 के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-44 के अनुसार पंचायत में सरपंच, पंचायत समिति में विकास अधिकारी तथा जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही का अभिलेखन हिंदी में किया जाना अनिवार्य है।
हस्ताक्षर की प्रक्रिया: बैठक समाप्त होने के पश्चात कार्यवाही विवरण के अंत में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर करवाए जाएं। विवरण के अंत में बिना कोई रिक्त स्थान छोड़े हस्ताक्षर कराए जाएं ताकि बाद में कोई विवरण दर्ज न किया जा सके।
प्राइवेट प्रिंटेड रजिस्टरों पर रोक: बाजार से खरीदे गए प्राइवेट प्रिंटेड कार्यवाही विवरण रजिस्टरों (जिन पर प्रपत्र संख्या 24 छपा होता है) का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए, क्योंकि राजस्थान पंचायत एवं न्याय पंचायत (सामान्य) नियम, 1961 का वह नियम निरस्त हो चुका है और वर्तमान में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 अस्तित्व में नहीं है।
लाइनदार रजिस्टर का उपयोग: कार्यवाही विवरण दर्ज करने हेतु किसी प्रिंटेड रजिस्टर की आवश्यकता नहीं है, केवल सामान्य लाइनदार रजिस्टर का उपयोग किया जा सकता है।
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
स्वामित्व योजना क्रियान्वयन निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन के संबंध में समस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, राजस्थान को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
सम्पत्ति दस्तावेज तैयार करना: स्वामित्व योजनांतर्गत भू-खण्ड धारकों का सम्पत्ति दस्तावेज (टाईटल डॉक्यूमेंट) तैयार करते समय पंचायती राज नियम 1996 के अध्याय 9 में वर्णित स्थावर सम्पत्तियों से संबंधित प्रावधान अनुरूप पुराने गृहों का विनियमितीकरण, भूमियों का कमजोर वर्गों को आवंटन, भूमियों का रियायती कीमत पर आवंटन, सरकारी संस्थाओं को आबाद भूमि का आवंटन एवं नीलामी से संबंधित नियमों में वर्णित प्रावधान अनुरूप ही नियमानुसार कार्यवाही की जानी है।
भौतिक सर्वेक्षण एवं पट्टा निर्माण: भौतिक सर्वेक्षण उपरांत भारतीय सर्वेक्षण विभाग से मैप-2 प्राप्त होने पर राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के प्रावधानों के तहत पट्टा निर्माण की कार्यवाही की जावे। साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लिया जावे कि पूर्व में जारी पट्टे एवं वर्तमान कब्जे के आधार पर क्षेत्रफल कम या अधिक होने की स्थिति में, पट्टे में नियमानुसार संशोधन कर लेवें तथा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि पंचायती राज संस्थाओं को किसी भी प्रकार की राजस्व हानि न हो।
सभी जिलों में इन निर्देशों का अध्ययन कर योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन गांव के संग अभियान 2023 के दौरान पट्टा जारी करने के संबंध में निर्देश
राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2023 एवं प्रशासन गांव के संग अभियान
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा प्रशासनिक आदेश क्रमांक एफ 139 (45) परावि/विधि/संशो/2021/190 दिनांक 02/06/2023 जारी किया गया है। इसके माध्यम से राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना विवरण: विभागीय अधिसूचना दिनांक 23.5.2023 (जी.एस.आर. 28) के तहत राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2023 लागू किए गए हैं जो तुरंत प्रभाव से प्रवृत्त हो गए हैं।
नियम 157 में संशोधन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 के उप-नियम (1) के परंतुक में "प्रशासन गांव के संग अभियान 2021" के स्थान पर "प्रशासन गांव के संग अभियान 2021 और प्रशासन गांव के संग अभियान 2023" प्रतिस्थापित किया गया है।
पट्टा जारी करने की दर: प्रशासन गांव के संग अभियान 2023 के दौरान ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए जाने वाले पट्टों की दर/प्रभार में छूट के संबंध में उपर्युक्त अधिसूचना के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारीकर्ता:निशु कुमार अग्निहोत्री, उपुयक्त एवं उप शासन सचिव (प्रथम), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
ग्राम विकास अधिकारियों की राज्यस्तरीय अंतिम वरिष्ठता सूची (01 अप्रैल, 2020 की स्थिति)
ग्राम विकास अधिकारियों की राज्यस्तरीय अंतिम वरिष्ठता सूची जारी
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 23/01/2023 को आदेश क्रमांक एफ.28(67)पंरावि/प्रशा.2/ग्राविवो/वरि० सूची/2022/313 जारी किया गया है। यह आदेश विभागीय आदेश क्रमांक 4573 दिनांक 16.12.2022 के क्रम में ग्राम विकास अधिकारियों की 01 अप्रैल, 2020 की स्थिति के अनुसार राज्यस्तरीय अस्थायी वरिष्ठता सूची पर जिला परिषदों से प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
पद का नाम: ग्राम विकास अधिकारी
स्थिति की तिथि: 01 अप्रैल, 2020
क्षेत्र: टीएसपी (TSP) एवं नॉन टीएसपी (Non-TSP) क्षेत्र
संबंधित ग्राम विकास अधिकारी एवं पंचायत समितियां इस सूची को आधिकारिक पोर्टल से देख सकते हैं।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 के अंतर्गत पुराने गृहों के वि नियमितीकरण एवं पट्टा जारी करने के संबंध में दिशा-निर्देश
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: एफ.4(1) दिशा-निर्देश/विधि/पंव/2023/04, दिनांक: 11.1.23) के अनुसार राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157-पुराने गृहों के विनिियमितीकरण के अंतर्गत 300 वर्गगज एवं उससे अधिक क्षेत्रफल के भूखंड का पट्टा जारी करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
नियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 का नियम 157 (पुराने गृहों का विनिियमितीकरण)।
क्षेत्रफल: 300 वर्गगज संनिर्मित क्षेत्रफल से अधिक भूमि जो आवासीय परिसर के साथ उपयोग में आ रही खाली आबादी भूमि का पट्टा नियम 157(1)(ii), उपयुक्त खण्ड (i) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्रफल के लिए है।
शर्ते एवं प्रक्रिया: ऐसे अधिक क्षेत्रफल पर राजस्थान स्टाम्प नियम, 2004 के नियम 58 के खण्ड (ख) के अधीन गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा सिफारिश की गई नई बाजार दरों का 25 प्रतिशत राशि जमा करके भूखंडधारी के उपयोग में आ रही कब्जा शुदा (संपूर्ण) आबादी भूमि का पट्टा जारी किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत निःशुल्क पट्टा आवंटन बाबत
मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को निःशुल्क पट्टा आवंटन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
पट्टा आवंटन का अधिकार: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 153 के अंतर्गत कमजोर वर्गों को आवंटन का प्रावधान है, जिसके तहत पंचायत सर्किल की आबादी भूमि में बीपीएल परिवारों को निःशुल्क पट्टे आवंटन करने का अधिकार ग्राम पंचायत में निहित है।
विनियमितीकरण: नियम 153 के अंतर्गत पुराने ग्रहों का विनियामितीकरण कर पट्टे जारी करने की शक्ति भी पंचायत में निहित है।
प्रक्रिया: उपरोक्त प्रावधानों के अंतर्गत आवंटन/पट्टा जारी किए जाने बाबत ग्राम पंचायत द्वारा संकल्प पारित किया जाकर आवंटन/पट्टा जारी करने की कार्यवाही की जा सकती है।
नियमों का पालन: नियम 157 एवं 158 के अंतर्गत आवंटन व पट्टा जारी करने के लिए नीलामी किए जाने संबंधी प्रक्रियात्मक प्रावधान नियम 145 से 156 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की पालना अपेक्षित/आवश्यक नहीं है।
भूमि की उपलब्धता: जिला कलेक्टरों से अपेक्षा की जाती है कि जिन ग्राम पंचायतों के अधीन पंचायत सर्किल में आवंटन हेतु आबादी भूमि उपलब्ध नहीं है, उन ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध राज्य सरकार के स्वामित्व की अन्य उपयोग की भूमि को आबादी उपयोगार्थ परिवर्तित करते हुए आवंटन हेतु ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाए।
वित्तीय वर्ष 2011-12 की सामग्री क्रय की निविदा को अंतिम रूप देने के संबंध में आदेश
वित्तीय वर्ष 2011-12 की सामग्री क्रय निविदा के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (अनुभाग-3), राजस्थान सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए सामग्री क्रय की निविदा को अंतिम रूप देने के संबंध में पत्र क्रमांक 20(31) प्रावि/नरेगा/क्रय पालिसी/2011, दिनांक 26 APR 2011 जारी किया गया है। यह पत्र समस्त जिला कलक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राजस्थान को संबोधित है।
मुख्य बिंदु:
निर्णय की स्थिति: अधिकांश जिलों में केवल 20-25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में ही निर्माण सामग्री की निविदाएं अंतिम रूप से निर्णीत हो पाई हैं, जिससे भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का निर्माण प्रभावित हो रहा है।
जिन ग्राम पंचायतों में निविदा प्राप्त नहीं हुई: उन मामलों में संबंधित ग्राम पंचायत अपनी समिति की संस्तुति से समीप की ग्राम पंचायत/समिति की पंचायत समिति की दरों पर सामग्री क्रय करने की अनुमति पंचायत समिति के विकास अधिकारी के स्तर पर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
पुरानी दरों पर क्रय की अनुमति: जिन ग्राम पंचायतों में पिछले कुछ महीनों पूर्व ही निविदा निर्णीत की गई है और सप्लायर वित्तीय वर्ष 2011-12 में भी पुरानी दरों पर आपूर्ति करने को सहमत हो, वहां आगामी निविदा कार्यवाही होने तक पुरानी दरों पर क्रय की अनुमति दी जाती है।
निर्देश: जिला कार्यक्रम समन्वयकों से अपेक्षा की जाती है कि वे भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के निर्माण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा कराना सुनिश्चित करें।
राजस्थान पंचायती राज (तृतीय संशोधन) नियम, 2010 - आ आबादी एवं आपत्ति अवधि संबंधित अधिसूचना
राजस्थान पंचायती राज (तृतीय संशोधन) नियम, 2010
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक [No.F.4(7)Am/Rule/Legal/PR/2010/2113] दिनांक 26 नवम्बर, 2010 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी।
मुख्य बिंदु:
नियम संशोधन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 148 के उप-नियम (1) के परन्तुक में संशोधन किया गया है।
आपत्ति अवधि में छूट: राजस्व अभियान या प्रशासन गांवों के संघ अभियान के दौरान आपत्तियां आमंत्रित करने की अवधि एक महीने के स्थान पर सात (7) दिन होगी।
प्रारूप संशोधन: फॉर्म XXII के अंतर्गत भी नोट जोड़ा गया है कि राजस्व अभियान या प्रशासन गांवों के संघ अभियान के दौरान फाइलिंग आपत्तियां दर्ज करने की अवधि एक महीने के स्थान पर सात दिन होगी।
लागू होना: यह नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि (30 नवम्बर, 2010) से प्रभावी हो गए हैं।
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2008 - नए पट्टा प्ररूप (प्ररूप 23-क, 23-ख और 23-ग)
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2008
राजस्थान सरकार, पंचायती राज विभाग द्वारा दिनांक 1.2.2008 को अधिसूचना सं. एफ.4(11)पी.आर.डी./लॉ/रूल/एमेण्ड/07/445 जारी की गई है। इस अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन किया गया है और नए पट्टा प्ररूप जोड़े गए हैं।
मुख्य बिंदु:
नियम 157 का संशोधन: नियम 157 के उप-नियम (1) में 'प्ररूप 23-क' और उप-नियम (2) में 'प्ररूप 23-ख' जोड़ा गया है।
नियम 158 का संशोधन: नियम 158 के उप-नियम (1) में 'प्ररूप 23-ग' जोड़ा गया है।
प्ररूप 23-क: आवासीय भूमि का पट्टा (नियम 157 (1) के अंतर्गत)।
प्ररूप 23-ख: आबादी भूमि का आवंटन / परिवारों के कब्जे के अस्थायी मकानों/कच्चे मकानों की नियमितीकरण (नियम 157 (2) के अंतर्गत)।
प्ररूप 23-ग: आबादी भूमि का रियायती दर पर / निःशुल्क आवंटन (नियम 158 के अंतर्गत)।
यह संशोधन ग्राम पंचायतों में आवासीय भूमि के आवंटन, पट्टा जारी करने और कच्चे मकानों के नियमितीकरण प्रक्रिया से संबंधित प्ररूपों को स्पष्ट करता है।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 और 158 में संशोधन - अधिसूचना दिनांक 9-4-2007
राजस्थान पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा अधिसूचना क्रमांक F.4(7)/PRD/LAW/Rule-Amnd/07/1166, दिनांक 9-4-2007 जारी की गई है जिसके तहत राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
नियम 157 में संशोधन: ऐसे परिवार जिनके पास कहीं भी कोई मकान या भूखंड नहीं है और जो वर्ष 2003 तक केhutment/kutcha house बनाकर आबादी भूमि पर काबिज हैं, उन्हें अधिकतम 300 वर्ग गज तक भूमि निःशुल्क नियमितीकरण के लिए पात्र माना जाएगा। इस प्रकार की भूमि का पट्टा परिवार की महिला मुखिया के नाम जारी किया जाएगा।
नियम 158 में संशोधन: नियम 158 के उप-नियम (2) के अंतर्गत यह प्रावधान जोड़ा गया है कि गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन बसर करने वाले परिवारों को आबादी भूमि के आवंटन के मामले में पंचायत भूमि निःशुल्क आवंटित कर सकेगी।
यह अधिसूचना राज्यपाल के आदेश से श्रीचन्द मीणा, शासन उप सचिव द्वारा जारी की गई है तथा इसकी प्रतियां संबंधित विभागों, जिला कलेक्टरों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और विकास अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 - अवलोकन एवं मुख्य प्रावधान
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996
यह दस्तावेज़ राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 का आधिकारिक संकलन है, जिसे ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत बनाया गया है। यह नियम राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और ज़िला परिषद) के प्रशासन, कार्यप्रणाली, ग्राम सभा, कर एवं शुल्क निर्धारण, अ आबादी भूमि के प्रबंधन, और सेवा नियमों से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम सभा और सतर्कता समिति (विजिलेंस कमेटी): ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन, कोरम, एजेंडा, कार्यवाही का रिकॉर्ड और 7 सदस्यीय सतर्कता समिति के गठन व उसके कार्यों का प्रावधान।
कर, शुल्क और राजस्व: पंचायतों द्वारा भवन कर, वाटर टैक्स, वाहन कर, व्यावसायिक फसलों पर कर, और विभिन्न सेवाओं पर शुल्क (फीस) लगाने और उनकी वसूली की प्रक्रिया।
आबादी भूमि और संपत्ति प्रबंधन: आबादी भूमि के पट्टे जारी करने, पुरानी बसावटों के नियमतिकरण, भूमि आवंटन, नीलामी समिति और उप-विभाजन (सब-डिवीजन) के नियम।
कार्य, अनुबंध और खरीदारी: वार्षिक कार्य योजना (एनुअल एक्शन प्लान), निर्माण कार्यों के निष्पादन, ठेकेदारों पर प्रतिबंध और सामग्री की खरीद के लिए पारदर्शी प्रक्रिया (बी.एस.आर. और निविदाएं)।
बजट, लेखा और लेखापरीक्षा (ऑडिट): बजट का निर्माण, कैलेंडर, रोकड़ बही (कैश बुक), वित्तीय औचित्य के मानक और स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम के तहत ऑडिट का प्रावधान।
स्थापना और सेवा नियम: पंचायती राज संस्थाओं में विभिन्न श्रेणियों के पदों, भर्ती, आरक्षण, वरिष्ठता, परिवीक्षा काल और अनुशासनात्मक कार्रवाई के नियम।