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ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या जी.एस.आर.98 (क्रमांक एफ.4(7) अमे/रूल्स/लीगल/पी.आर./2017/1457, दिनांक 22 नवम्बर 2017) के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन किए गए हैं। इन्हें राजस्थान पंचायती राज (पंचम संशोधन) नियम, 2017 कहा गया है। यह राजपत्र में प्रकाशन की तिथि (23 नवम्बर 2017) से प्रवृत्त हो गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं संशोधन
- नियम 21 का संशोधन: नियम 21 के उप-नियम (1) और उप-नियम (2) में अधिकारियों के पदों के स्थान पर अब "सक्षम प्राधिकारी" अभिव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया है।
- नया नियम 167-क अंतःस्थापित: नियमों में नया नियम 167-क जोड़ा गया है जो विक्रय विलेख, पट्टा या पट्टा विलेख का पुनर्वितिमान्यकरण से संबंधित है।
- पुनर्वितिमान्यकरण की प्रक्रिया: पंचायत द्वारा जारी किए गए विक्रय विलेख, पट्टा या पट्टा विलेख का पुनर्वितिमान्यकरण कराने के इच्छुक व्यक्ति को मूल दस्तावेज और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट फीस के साथ पंचायत में आवेदन करना होगा।
- पंचायत अपने अभिलेख से समाधान करने के पश्चात विक्रय विलेख, पट्टा या पट्टा विलेख को पुन: विधिमान्य कर सकेगी और इस प्रभाव का पृष्ठांकन करेगी।
यह आदेश राज्यपाल के आदेश से राजेन्द्र शेखर मक्कड़, शासन उप सचिव द्वारा जारी किया गया है।
