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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 23-01-2024 को क्रमांक एफ.4(3)दिशा-निर्देश/विधि/पंश/2024/27 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों की कार्यवाही के संधारण के संबंध में महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- नियम-44 के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-44 के अनुसार पंचायत में सरपंच, पंचायत समिति में विकास अधिकारी तथा जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही का अभिलेखन हिंदी में किया जाना अनिवार्य है।
- हस्ताक्षर की प्रक्रिया: बैठक समाप्त होने के पश्चात कार्यवाही विवरण के अंत में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर करवाए जाएं। विवरण के अंत में बिना कोई रिक्त स्थान छोड़े हस्ताक्षर कराए जाएं ताकि बाद में कोई विवरण दर्ज न किया जा सके।
- प्राइवेट प्रिंटेड रजिस्टरों पर रोक: बाजार से खरीदे गए प्राइवेट प्रिंटेड कार्यवाही विवरण रजिस्टरों (जिन पर प्रपत्र संख्या 24 छपा होता है) का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए, क्योंकि राजस्थान पंचायत एवं न्याय पंचायत (सामान्य) नियम, 1961 का वह नियम निरस्त हो चुका है और वर्तमान में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 अस्तित्व में नहीं है।
- लाइनदार रजिस्टर का उपयोग: कार्यवाही विवरण दर्ज करने हेतु किसी प्रिंटेड रजिस्टर की आवश्यकता नहीं है, केवल सामान्य लाइनदार रजिस्टर का उपयोग किया जा सकता है।
