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स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन बाबत निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 18.01.2021 को 'स्वामित्व योजना' के क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस (24 अप्रैल 2020) पर केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पंचायती राज पर इसके दूरगामी प्रभावों को देखते हुए राजस्व विभाग एवं पंचायती राज विभाग के संयुक्त प्रयासों से क्रियान्वयन करना है।
योजना की मुख्य बातें और प्रक्रिया
- ड्रोन फोटोग्राफी और मैपिंग: भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) द्वारा प्रत्येक राजस्व ग्राम की आबादी भूमि का मानचित्र ड्रोन के जरिए फोटोग्राफी कर तैयार किया जाएगा।
- चूना मार्किंग: ड्रोन उड़ान से पहले राजस्व ग्राम की आबादी भूमि की बाहरी सीमा (outer line) पर चार इंच चौड़ाई की चूना लाइन डालकर सीमा मार्क की जाएगी। खाली पड़े भूखंडों को भी चूना लाइन डालकर चिह्नित किया जाएगा।
- सर्वे समिति का गठन: प्रत्येक राजस्व ग्राम हेतु सर्वे समिति का गठन किया जाएगा जिसमें ग्राम सेवक, दो वार्ड पंच (संबंधित राजस्व ग्राम व अन्य वार्ड पंच) और पंचायत का एक कार्मिक (कनिष्ठ लिपिक अथवा ग्राम रोजगार सहायक) शामिल होंगे। यह समिति प्राप्त इमेज मैप के अनुसार प्रत्येक भूखंड और निर्मित भवन का सर्वे कर निर्धारित प्रपत्र में जानकारी संकलित करेगी।
- आपत्तियां एवं निस्तारण: ग्राम पंचायत द्वारा सर्वे प्रपत्र और इमेज मैप की प्रति पंचायत भवन एवं सार्वजनिक स्थल पर चस्पा की जाएगी। राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-148 के प्रावधानुसार 07 दिवस के भीतर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जिनका निस्तारण ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा।
- पट्टा वितरण: आपत्तियों के निराकरण के बाद फाइनल इमेज मैप (आईडी नंबरिंग सहित) के आधार पर संबंधित लाभार्थियों को राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के प्रावधानों के तहत पट्टा, रजिस्ट्री एवं पीडीएफ कॉपी मोबाइल नंबर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रथम चरण: राज्य में इस योजना का सबसे पहले क्रियान्वयन जैसलमेर जिले में किया जाना है।
