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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आज्ञा दिनांक 30.09.2021
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा क्रमांक एफ.4(3)निर्देश/पट्टा/विधि/पंवै/2020/849 दिनांक 30.9.2021 के माध्यम से ग्राम पंचायतों की आबादी भूमि के आवासीय से अन्य उपयोग में भू-परिवर्तन, भू-खंडों के उप-विभाजन, पुनर्गठन, पट्टों के पुनर्रधिमान्यकरण (Revalidation) तथा हस्तांतरण/नामांतरण (Mutation) के संबंध में विस्तृत प्रक्रिया और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
- आवासीय भूमि का वाणिज्यिक एवं अन्य प्रयोजनार्थ भू-उपयोग संपरिवर्तन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 173-क से 173-ज के अंतर्गत विभिन्न प्रयोजनों (वाणिज्यिक, औद्योगिक, लोक उपयोग, संस्थागत, चिकित्सा सुविधा, सौर या पवन ऊर्जा संयंत्र) के लिए संपरिवर्तन शुल्क और प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
- आपत्तियां आमंत्रित करना व नोटिस: भूमि उपयोग परिवर्तन के आवेदन पर आसपास के क्षेत्र में नोटिस चस्पा करके, डुगडुगी बजवाकर या समाचार पत्र में प्रकाशित कर 30 दिवस के भीतर आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं।
- भू-खंडों का उप-विभाजन एवं पुनर्गठन: नियम 173-ख के अंतर्गत भू-खंडों के उप-विभाजन या पुनर्गठन के लिए प्रारूप 51 में आवेदन करना होता है, जिसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद द्वारा 45 दिनों में निपटाया जाता है।
- पट्टों का पुनर्रधिमान्यकरण (Revalidation): निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुके पट्टों के पुनर्रधिमान्यकरण हेतु नियम 157, 158, 159 एवं 162 के अधीन फीस निर्धारित की गई है।
- हस्तांतरण/नामांतरण (Mutation): आबादी भूमि के पट्टों के हस्तांतरण हेतु उत्तराधिकार, वसीयतनामा, गिफ्ट डीड आदि मामलों के लिए आवश्यक दस्तावेज और शुल्क/दरें (प्रारूप 48 से 52) तय की गई हैं।
