Document Description
परिचय
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 08/01/2013 को जारी परिपत्र (क्रमांक: एफ.15(79)पंवारा/विधि/प्रशा.गाヴォं के संग अभि.2013/12/12) के माध्यम से आबादी भूमि के पट्टा वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य उद्देश्य एवं विवरण
विभाग के ध्यान में लाया गया था कि पंचायतों द्वारा आबादी भूमि का पट्टा देने के लिए कम से कम छह बैठकें करनी पड़ती हैं, जिससे प्रक्रिया में काफी विलम्ब होता है। इस संबंध में नियमों के प्रावधानों एवं मूल भावना को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया जाता है कि राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 145 से 147 में पट्टा दिए जाने की प्रक्रिया निर्धारित है। इसके तहत आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के पश्चात् ग्राम पंचायत द्वारा पट्टा दिए जाने की कार्यवाही अब केवल 3 बैठकों में पूर्ण की जा सकती है:
- प्रथम बैठक: तीन पंचों की समिति की प्रतिनियुक्ति।
- द्वितीय बैठक: रिपोर्ट का समिश्रण व आपत्ति आमंत्रण।
- तृतीय बैठक: यदि आपत्ति प्राप्त नहीं होती है तो पट्टा जारी करने की कार्यवाही की जा सकती है।
