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राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग का महत्वपूर्ण पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (ग्रामीण विकास, अनुभाग-5), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक एफ 27(212)ग्रावि/ग्रुप-5/पीएमजीवाई/अभि./बेरों पर निर्माण/2018-19 जयपुर, दिनांक जुलाई 2018) के माध्यम से बेरों (खेतों में कुओं) पर सड़क, सीसी सड़क एवं अन्य विकास/निर्माण कार्यों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है।
मुख्य बिंदु एवं दिशा-निर्देश
- अपना खेत अपना काम: व्यक्तिगत लाभ के कार्य महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत अनुमत किए गए हैं। विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय पत्र क्रमांक एफ 40(35)ग्रावि/नरेगा/व्यक्तिगत लाभ के कार्य/2011 दिनांक 04.05.11 व 27.05.2011 के द्वारा जारी किए गए हैं।
- भूमि सुधार एवं अन्य कार्य: भूमि सुधार, कृषि वानिकी, उद्यानिकी, जल संरक्षण, लघु सिंचाई (कच्चे धोरों बनाने का कार्य, कच्चे धोरों को पक्का करने का कार्य, फार्मपॉण्ड, डिग्गी टांके, जल हॉज निर्माण, नवीन कूप निर्माण, कूप गहरा करना आदि) तथा जल भराव क्षेत्रों से पानी निकास हेतु नाली निर्माण, चेकडेम आदि कार्य महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत अनुमत हैं।
- गाँवों और ढाणियों के रास्ते: गाँवों और ढाणियों में कदमी रास्ते जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, किन्तु लगातार उपयोग में आ रहे हैं, उन पर खंरजा, सड़क निर्माण कार्य संबंधित काश्तकारों से सहमति एवं नियमानुसार शपथ लेने के उपरान्त विभिन्न योजनान्तर्गत अनुमत हैं।
- पेयजल कार्य: राजकीय भूमि के अभाव में, भूमिधारक द्वारा राज्य सरकार के पक्ष में 100/- रुपये के स्टाम्प पेपर पर सहमति पत्र जारी करने पर निजी भूमि पर पेयजल हेतु ट्यूूबवेल, हैंडपंप, पानी की टंकी तथा टांका निर्माण कार्य कराया जाना अनुमत है।
