Document Description
दत्तक-ग्रहण किए गए बच्चों के जन्म रिकार्ड में प्रविष्टि/परिवर्तन
भारत सरकार, गृह मंत्रालय, भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय द्वारा दिनांक 15.05.2015 का पत्र संख्या सं.1/7/2011 - वीएस - (सीआरएस)/619 जारी किया गया है। यह पत्र सभी मुख्य रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु को संबोधित है।
मुख्य बिंदु एवं निर्देश
- दत्तक-ग्रहण विलेख की अनिवार्यता: गैर-संस्थागत दत्तक-ग्रहण के संबंध में “हिन्दू दत्तक-ग्रहण और भरण-पोषण (एचएएमए) अधिनियम, 1956” की धारा 16 के अंतर्गत पंजीकृत और दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित दत्तक-ग्रहण विलेख प्रस्तुत करना पर्याप्त है। इसकी प्रामाणिकता की जांच केवल एचएएमए अधिनियम के मानदंडों के आधार पर की जाएगी।
- सम्बन्धियों/परिचितों में दत्तक लेना: देश के अन्दर सम्बन्धियों अथवा परिचितों में गैर-संस्थागत दत्तक-ग्रहण के लिए पंजीकृत दत्तक-ग्रहण (Adoption deed) विलेख पर्याप्त होगा और इसके लिए किसी न्यायालय के दत्तक ग्रहण आदेश प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- जन्म रिकार्ड में संशोधन और प्रमाण पत्र जारी करना: जन्म रिकार्ड में प्रविष्टि या परिवर्तन करने से पहले, दत्तक-ग्रहण विलेख की सत्यता जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित की जानी चाहिए। यदि विलेख वैध पाया जाता है, तो दत्तक माता-पिता और बच्चे का नाम दर्ज करके जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।
- विलंबित पंजीकरण: यदि दत्तक बच्चे की आयु एक वर्ष से अधिक है और उसका जन्म पहले से पंजीकृत नहीं है, तो जन्म और मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम, 1969 की धारा 13(3) के अनुसार स्थानीय मजिस्ट्रेट का आदेश पंजीकरण से पहले प्राप्त किया जाना चाहिए।
- समय-सीमा: संबंधित माता-पिता द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख से 7 से 10 दिनों के अंदर वांछित जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।
