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विधवा/विधुर के विवाह पंजीयन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत विधवा/विधुर के विवाह पंजीयन के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जिला नोडल विवाह पंजीयन अधिकारी एवं उप/सहायक निदेशकों को पत्र प्रेषित किए गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं प्रक्रिया
- शपथ पत्रों का सत्यापन: विवाह पंजीयन हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्रों को पब्लिक नोटरी से प्रमाणित कराना एवं नियमानुसार नोटरी टिकट लगाना अनिवार्य है।
- आवश्यक शपथ पत्र:
- विवाह के मृत पक्ष (वर/वधु) की ओर से माता/पिता अथवा संरक्षक की ओर से दिया जाने वाला शपथ पत्र।
- विधवा/विधुर द्वारा पाई पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र।
- विवाह की पुष्टि हेतु दो स्वतंत्र गवाहों के शपथ पत्र अलग-अलग पाई पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित।
- मृत्यु प्रमाण पत्र: विवाह पंजीयन हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्र के साथ विवाह के मृत पक्ष का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक रूप से लिया जाए।
- माता-पिता/संरक्षक द्वारा शपथ पत्र न देने पर प्रक्रिया: यदि मृत पक्ष के माता-पिता या संरक्षक द्वारा 15 दिवस में शपथ पत्र नहीं दिए जाते हैं या उपस्थित नहीं होते हैं, तो रजिस्ट्रार विवाह में उपस्थित अन्य चार प्रतिष्ठित गवाहों के शपथ पत्र एवं बयान पश्चात संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगा और स्वयं की संतुष्टि उपरांत विवाह का पंजीयन करेगा तथा पंजीयन रजिस्टर में संबंधित गवाहों के हस्ताक्षर भी लेगा।
