Document Description
राजस्थान पंचायती राज (दूसरा संशोधन) नियम, 2018
ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 10 जुलाई, 2018 की अधिसूचना (जी.एस.आर.61) के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन करते हुए नया 'अध्याय-9क' अंतःस्थापित किया गया है। यह दस्तावेज मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के उपयोग परिवर्तन और भू-खंडों के उप-विभाजन या पुनर्गठन से संबंधित है।
मुख्य बिंदु और विशेषताएँ:
- नया अध्याय-9क: आबादी क्षेत्र में भूमि के उपयोग का परिवर्तन और भू-खंडों के उप-विभाजन/पुनर्गठन की प्रक्रिया का विस्तृत प्रावधान।
- प्रारूप 48: किसी व्यक्ति द्वारा आबादी क्षेत्र में भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन करने हेतु निर्धारित प्रारूप।
- संपरिवर्तन प्रभार (Conversion Charges): गैर-आवासीय प्रयोजनों (जैसे वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधा आदि) के लिए संपरिवर्तन प्रभार की दरें निर्धारित की गई हैं।
- प्रारूप 51: गाँव के आबादी क्षेत्र में स्थित भूमि के भू-खंडों के उप-विभाजन या पुनर्गठन की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन।
- अभिलेख संधारण: प्रत्येक पंचायत द्वारा 'प्रारूप 53' में गाँव के पंचायत क्षेत्र के भीतर स्थित आबादी भूमि का अभिलेख (आबादी भूमि का रजिस्टर) रखा जाएगा।
यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में दिनांक 10 जुलाई, 2018 को प्रकाशित की गई थी और इसके तहत नए प्रारूप (प्रारूप 48 से प्रारूप 53) जोड़े गए हैं ताकि ग्राम पंचायतों में भूमि उपयोग परिवर्तन और उप-विभाजन से जुड़े कार्यों का सुचारू संचालन किया जा सके।
