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पंचायती राज अधिनियम और नियम: संपत्ति नीलामी और पट्टा दिशा-निर्देश
यह दस्तावेज़ पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत अचल संपत्ति की नीलामी, बाजार कीमत निर्धारण, पुनर्विक्रय, बिक्री की पुष्टि, प्राइवेट बातचीत द्वारा आबाड़ी भूमि का अंतरण, पुराने गृहों का विनियामीकरण और कमजोर वर्गों को भूमि आबंटन से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु:
- नीलामी समिति (नियम 151): सरपंच, उप-सरपंच, सतर्कता समिति का अध्यक्ष, महिला/अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग का पंचायत द्वारा मनोनीत एक पंच, भू-राजस्व निरीक्षक या पटवारी शामिल होते हैं।
- बाजार कीमत (नियम 152): विकास अधिकारी प्रत्येक वर्ष अप्रैल मास में उप-registrar कार्यालय से क्षेत्र की आबाड़ी जमीनों के सूचक दर प्राप्त करते हैं।
- विक्रय की पुष्टि और अनुमोदन (नियम 154): 10,000 रुपये से अधिक की बोली के लिए पंचायत समिति (50,000 रु से अधिक), जिला परिषद (1,00,000 रु से अधिक) या राज्य सरकार (1,00,000 रु से अधिक) से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है।
- पुराने गृहों का विनियामीकरण (नियम 157): 50 वर्ष से अधिक पूर्व निर्मित मकानों हेतु 100 रुपये और 50 वर्ष के दौरान बने मकानों हेतु 200 रुपये (चयनित परिवारों के लिए राशि वसूल नहीं होगी; गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए भी छूट)।
- कमजोर वर्गों को आबंटन (नियम 158): गांव आबादियों में 150 वर्ग गज तक की आबाड़ी भूमि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, श्रम मजदूरों और भूमिहीन व्यक्तियों को रियायती दरों पर आबंटित की जा सकती है।
