पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत नियम और प्रक्रियाएं

यह दस्तावेज़ पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत अचल संपत्ति की नीलामी, बाजार कीमत, पट्टा, और आवादी भूमि के आवंटन से संबंधित नियमों की जानकारी प्रदान करता है।

मुख्य बिंदु:

  • नीलामी समिति (नियम 151): स्थावर संपत्ति की सभी नीलामी एक नीलामी समिति द्वारा की जाएगी जिसमें सरपंच, उप-सरपंच, सतर्कता समिति का अध्यक्ष, महिला/आरक्षित वर्ग का एक पंच, और भू-राजस्व निरीक्षक या पटवारी शामिल होंगे।
  • बाजार कीमत और बोलियां (नियम 152): नीलामी समिति यह सुनिश्चित करेगी कि बोली स्वतंत्र और उचित हो। विकास अधिकारी प्रत्येक वर्ष अप्रैल मास में उप-registrar कार्यालय से सूचक दरें प्राप्त करेंगे।
  • विफल होने पर संदाय और पुनर्बिक्री (नियम 153): उच्चतम बोली लगाने वाले व्यक्ति को स्थल पर 10 प्रतिशत और चौबीस घंटों के भीतर 15 प्रतिशत तथा शेष राशि 60 दिवस के भीतर जमा करानी होगी।
  • विक्री की पुष्टि (नियम 154): उच्चतम बोली की स्वीकृति और पट्टा जारी करने से पहले निर्धारित प्राधिकारियों (जैसे पंचायत समिति, जिला परिषद या राज्य सरकार) से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है।
  • प्राइवेट बातचीत द्वारा आवादी भूमि का अंतरण (नियम 156): कुछ विशेष परिस्थितियों में पंचायत प्राइवेट बातचीत द्वारा विक्रय कर सकेगी, बशर्ते बाजार कीमत से कम कीमत पर अंतरण न हो।
  • पुराने गृहों को विियमितीकरण (नियम 157): 50 वर्ष से अधिक पूर्व निर्मित मकानों हेतु 100 रुपये (चयनित परिवार से राशि वसूल नहीं होगी) और 50 वर्ष के दौरान बने पुराने मकानों हेतु 200 रुपये की राशि जमा कराने के पश्चात पट्टा जारी किया जा सकेगा।
  • कमजोर वर्गों को आबंटन (नियम 158): पंचायत कमजोर वर्गों (अनुसूचित जातियों, जनजातियों, भूमिहीन व्यक्तियों आदि) को 150 वर्ग गज तक की आवादी भूमि रियायती दरों पर आबंटित कर सकेगी।