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अध्याय 9: स्थावर संपत्तियाँ और आबाद भूमि
यह दस्तावेज़ राज पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत स्थावर संपत्तियों, आबाद भूमि, भूखंडों की नीलामी, पट्टा आवंटन, और राजस्व संवर्धन से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इसमें ग्राम पंचायत और पंचायती राज संस्थाओं द्वारा संपत्तियों के प्रबंधन, निरीक्षण और आबाद भूमि के उपयोग से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
- पंचायत की संपत्तियां (नियम 136): पंचायत सर्किल के आबाद क्षेत्र के भीतर आने वाली सभी सरकारी भूमियां, कॉमन भूमियां और सार्वजनिक मार्ग पंचायत में निहित होते हैं।
- आबाद भूमि और भूखंडों की नीलामी (नियम 141-143): आबाद भूमि का विक्रय सामान्यतः खुली नीलामी के माध्यम से किया जाता है। आवासीय और वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार भूखंडों की सूची तैयार की जाती है।
- कमजोर वर्गों को आबाद भूमि का आवंटन (नियम 158): अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, स्वच्छता कर्मियों, पिछड़े वर्गों, विकलांगों और बाढ़ग्रस्त परिवारों को रियायती दरों पर 150 वर्ग गज तक की आबाद भूमि का पट्टा दिया जा सकता है।
- भूमि का अस्थायी उपयोग और किराए पर देना (नियम 163-164): धार्मिक उत्सवों, पशु मेलों और बाजारों के लिए आबाद भूमि के अस्थायी उपयोग हेतु पट्टा-किराया निर्धारित किया गया है। पंचायती राज भवन और दुकानें खुली नीलामी के माध्यम से पट्टे पर दी जाती हैं।
- अतिक्रमण हटाना (नियम 165): सार्वजनिक भूमियों, तालाब-तलों और चरागाहों पर अतिक्रमण की जांच के लिए हर वर्ष जनवरी और जुलाई में सर्वेक्षण किया जाता है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है।
