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स्थायी आदेश संख्या 32/2017
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (ग्रामीण विकास, अनुभाग-5), राजस्थान सरकार द्वारा क्रमांक एफ 27(263) ग्रावि/ग्रुप-5/जीकेएन/उपापन/2015-16/92279, दिनांक 13-04-2017 के तहत एक अति-आवश्यक स्थायी आदेश जारी किया गया है। यह आदेश विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ-27(79) ग्रावि/अनु.5/जीकेएन/प्रशा.अनु.स./2014 दिनांक 17.9.2014 के परिशिष्ट 3 में वर्णित तकनीकी स्वीकृति जारी करने की सीमा एवं परिशिष्ट 5 के बिन्दु संख्या 3 में वर्णित उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में संशोधित निर्देश जारी करने के लिए है।
मुख्य बिंदु:
- परिशिष्ट 3 (वित्तीय सीमा एवं मरम्मत/रखरखाव):
- कनिष्ठ तकनीकी सहायक / कनिष्ठ अभियन्ता: मरम्मत/रखरखाव हेतु अब 1 लाख रुपये तक की सीमा।
- सहायक अभियन्ता पं.स./जि.प.: 15.00 लाख तक (नवीन कार्य), मरम्मत/रखरखाव हेतु 2 लाख तक।
- अधिसाषी अभियन्ता पं.स./जि.प.: 50.00 लाख तक (नवीन कार्य), मरम्मत/रखरखाव हेतु 5 लाख तक।
- जिला दर निर्धारण समिति के अनुमोदन उपरान्त अधिसाषी अभियन्ता (अभि.) एवं सदस्य सचिव, जि.द.नि.स. जिला परिषद: 5 लाख से अधिक परन्तु 50 लाख से कम लागत के कार्य।
- परिशिष्ट 5 (उपयोगिता एवं पूर्णता प्रमाण पत्र):
महात्मा गांधी नरेगा योजना में व्यक्तिगत लाभ श्रेणी के सभी कार्यों एवं अन्य विभागीय योजनाओं में (हैण्डपम्प, ट्यूबवेल के कार्यों को छोड़कर) 1 लाख तक स्वीकृत राशि के निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र कनिष्ठ तकनीकी सहायक / कनिष्ठ अभियन्ता द्वारा जारी किये जा सकेंगे। हैण्डपम्प, ट्यूबवेल के कार्य एवं 1 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र शेड्यूल ऑफ पावर्स के प्रावधानों के अनुसार ही यथावत जारी किये जायेंगे। शेष प्रावधान शेड्यूल ऑफ पावर्स के अनुसार यथावत रहेंगे।
जारीकर्ता: (सुदर्शन सेठी), अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
