ग्राम पंचायत स्तर पर 'बर्तन बैंक' की स्थापना एवं संचालन

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'बर्तन बैंक' की स्थापना हेतु संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रथम चरण में एक हजार ग्राम पंचायतों में स्टील के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्य बिंदु एवं कार्यप्रणाली:

  • उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी बैठकों, व्यक्तिगत, सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक/डिस्पोजल के स्थान पर स्टील के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • बर्तन सेट विवरण: प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु न्यूनतम 400 सेट उपलब्ध होंगे। एक सेट में 1 प्लेट, 3 कटोरी, 1 चम्मच एवं 1 गिलास (कुल 6 बर्तन) होंगे।
  • संचालन: बर्तन बैंक का संचालन आजीविका की महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा किया जाएगा।
  • शुल्क निर्धारण: प्रत्येक बर्तन के सेट हेतु उपयोगकर्त्ता के लिए किराया 3.00 रुपये प्रति सेट रहेगा। बीपीएल, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा आदि श्रेणियों या विशेष परिस्थितियों में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकेगी।
  • वित्तीय प्रावधान: ग्राम पंचायत द्वारा GF&AR तथा RTPP Act & Rules के अनुसार अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की राशि से उच्च गुणवत्ता के स्टील बर्तन क्रय किए जाएंगे। यह व्यय राज्य वित्त आयोग मद से किया जाएगा।
  • एम.ओ.यू. (MOU): बर्तन बैंक के संचालन हेतु ग्राम पंचायत और आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह के मध्य समझौता ज्ञापन (MOU) निष्पादित किया जाएगा।

यह दिशा-निर्देश वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332500493 दिनांक 24.03.2025 से अनुमोदित हैं।