दिनांक 29 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान सरकार का महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा आदेश जारी कर राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में दिनांक 29 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष ग्राम सभा के मुख्य बिंदु एवं उद्देश्य
ग्रामीण सेवा शिविर-2026: दिनांक 12 जून, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक आयोजित हो रहे जन कल्याण शिविरों के तहत ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, कार्य प्रस्ताव प्राप्त करना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत किस्तें व लंबित स्वीकृतियां जारी करना तथा भूमिहीन लाभकारियों को भूमि आवंटन आदि गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
वीबी-जी राम जी योजना: दिनांक 01 जुलाई, 2026 से वीबी-जी राम जी योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा में योजना का प्रचार-प्रसार, प्राप्त कार्यों के प्रस्ताव एवं कार्ययोजना का अनुमोदन किया जाना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (आवास प्लस सर्वे-2024): 'सभी के लिए आवास' योजना के तहत आवास प्लस सर्वे-2024 के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई वरीयता सूची का ग्राम सभा में अनुमोदन कराया जाना आवश्यक है।
अतः सभी जिला परिषद के मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 29 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन सुनिश्चित कराएं।
दिनांक 29 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत
विशेष ग्राम सभा आयोजन निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र (क्रमांक: एफ.15(20)पंच्रावि/विधि/वि0ग्रा0सभा/2026/ई-81146, दिनांक 22-06-2026) के माध्यम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा के संबंध में निर्देश प्रेषित किए गए हैं।
विशेष ग्राम सभा के मुख्य एजेंडे एवं बिंदु
ग्राम पंचायत क्षेत्राधिकार से मांस की अवैध दुकानें हटाया जाना।
चरागाह एवं जलाशय क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों के नाम ग्राम सभा में सार्वजनिक कर अतिक्रमण हटाना।
एक गांव-एक चरागाह विकास गतिविधि- तय फॉर्मेट मय क्षेत्रफल का विवरण अंकित कराते हुए।
चरागाह विकास समिति के पुनर्गठन का अनुमोदन करना।
ग्राम पंचायत की समस्त परिसंपत्तियों (चरागाह, आबादी भूमि, पंचायत के अधीन निर्मित भवन इत्यादि) की सूची को ग्राम सभा में उपलब्ध कराकर परिसंपत्ति रजिस्टर में इंदराज के प्रमाणीकरण का अनुमोदन करना।
जलग्रहण विकास समितियों का पुनर्गठन एवं नए सचिव का चयन।
पं. दीनदयाल उपाध्याय चरागाह विकास एवं गौमाता आश्रय स्थल हेतु चयनित ग्राम पंचायतों में चरागाह भूमि (25 हेक्टेयर से अधिक) का चिन्ह्नीकरण।
घुमन्तु परिवारों को आवासीय भूखंडों के पट्टे आवंटन करना।
समस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) और विकास अधिकारी (पंचायत समिति) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में इन बिंदुओं को सम्मिलित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
दिनांक 26 मई, 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत आवश्यक दिशा-निर्देश
विशेष ग्राम सभा आयोजन (26 मई, 2026)
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र (क्रमांक: एफ.15(20)पंवैधि/वि0ग्रा0सभा/2026/ई-81146, दिनांक: 23.05.2026) के अनुसार दिनांक 26 मई, 2026 को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है।
ग्राम सभा के मुख्य एजेंडा एवं बिंदु:
ग्राम (ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट) 2026 के बारे में जानकारी:
राज्य सरकार द्वारा 23 से 25 मई, 2026 तक प्रस्तावित 'GRAM-2026' आयोजन को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ईंधन संयम की अपील और मुख्यमंत्री महोदय के ईंधन बचत हेतु निर्देशों के कारण कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है, जो शीघ्र ही आयोजित होगा।
ग्राम सभा में नागरिकों को इस आयोजन की रूपरेखा, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रेसिजन फार्मिंग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया जाएगा।
किसानों, स्टार्टअप्स और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर कृषि को अधिक लाभदायक बनाने पर चर्चा होगी।
ग्रामोत्थान शिविरों / ग्राम रथ यात्रा की प्रगति की जानकारी:
ग्राम उत्थान शिविर अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र के समस्त 2770 गिरदावर सर्किल पर शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 31.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इन शिविरों में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा राजस्व विभाग ने भाग लिया तथा मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया।
अधिकारियों की उपस्थिति एवं निर्देश:
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति यह सुनिश्चित करेंगे कि दिनांक 26 मई, 2026 को आयोजित होने वाली प्रत्येक ग्राम सभा में जिला स्तर या पंचायत समिति स्तर का कोई अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे तथा ग्राम सभाओं का प्रभावी पर्यवेक्षण किया जाए।
दिनांक 05 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन बाबत
विशेष ग्राम सभा के आयोजन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 05 जून, 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
विषय: दिनांक 05 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन।
संदर्भ: पंचायतीराज मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त संयुक्त अ.शा. पत्र क्रमांक M-11015/169/2026-CB दिनांक 21.05.2026।
अभियान: भारत सरकार द्वारा "स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु" अभियान के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून के अवसर पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
निर्देश: सभी जिलों की सभी ग्राम पंचायतों में विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) के अवसर पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें तथा संदर्भित पत्र में वर्णित निर्देशों की पालना की जाए।
यह आदेश भरत भूषण गोयल, उपायुक्त एवं उप शासन सचिव (प्रथम) द्वारा जारी किया गया है।
24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाने के संबंध में निर्देश
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 का आयोजन
पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: एफ 4(0) PR / DP / राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 / 81591) के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोहपूर्वक आयोजित किया जाएगा।
मुख्य उद्देश्य एवं महत्व
73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के लागू होने की याद में प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर सहभागी लोकतंत्र की भावना को मजबूत करना और आत्मनिर्भर पंचायत की परिकल्पना को साकार करना है।
आयोजित की जाने वाली मुख्य गतिविधियाँ
आम नागरिकों व लाइन विभागों के अधिकारियों/कार्मिकों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ग्राम सभा का आयोजन।
आयोजित ग्राम सभा की बैठक कार्यवाही विवरण सभा सार के माध्यम से तैयार करना।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों का अभिनंदन।
सामुदायिक सहभागिता एवं जागरूकता सृजन संबंधी गतिविधियाँ।
महिला नेतृत्व वाले विकास, पंचायत उन्नति सूचकांक के अंतर्गत प्रदर्शन, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (LSDGs) में प्रगति और ओएसआर (OSR) को बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा।
पंचायती राज मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो व टैग करना।
व्यय और वित्त पोषण
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों/समारोहों में किया जाने वाला व्यय ओएसआर (OSR)/आरजीएसए (RGSA) के ई.ई.सी. (IEC) मद या अन्य केंद्रीय व राज्य ग्रामीण विकास योजनाओं से किया जा सकता है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश
दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: एफ.15(20)पंव्रावि/विधि/वि0ग्रा0सभा/2026/ई-81146, दिनांक: 2026.04.11) के अनुसार, राज्य की सभी ग्राम पंचायत में दिनांक 20 अप्रैल, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है।
ग्राम सभा के मुख्य एजेंडा एवं चर्चा योग्य बिंदु
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान: ग्राम पंचायत के संदर्भ में सूचकांकों पर चर्चा व अनुमोदन तथा आकांक्षाओं (Aspirations)/प्राथमिकताओं (Priorities) के संबंध में चर्चा।
वृक्षारोपण अभियान (मिशन हरियालो राजस्थान): वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए पौधों के जीवित रहने, उनके रख-रखाव, VBGRAMG (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)) योजना के तहत श्रमिक उपलब्ध करवाने तथा वर्ष 2026 में पौधारोपण के लक्ष्यों (प्रत्येक ग्राम पंचायत में 2000 या 4000 पौधे) के संबंध में चर्चा।
'वंदे गंगा' जल संरक्षण जन अभियान (25 मई से 05 जून 2026): इस 12 दिवसीय अभियान के तहत जल संरक्षण, जन-जागरूकता, जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण/जीर्णोद्धार, प्रभात फेरी, श्रमदान, पौधारोपण और विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित गतिविधियों के संबंध में चर्चा।
अटल ज्ञान केंद्र: बजट घोषणा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों के उद्देश्यों, प्रस्तावित गतिविधियों, संरचनाओं और कार्य निष्पादन पर चर्चा।
समस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) और विकास अधिकारी (पंचायत समिति) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में उपर्युक्त एजेंडे के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करें।
ग्राम स्तर पर प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को जनसुनवाई के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जनसुनवाई व्यवस्था
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा माननीय पंचायती राज मंत्री महोदय की दिनांक 17.03.2026 को आयोजित बैठक में प्रदत्त निर्देशों की पालना के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
ग्राम स्तर पर जनसुनवाई: प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को ग्राम स्तर पर नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।
गायों का चयन: प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनसुनवाई हेतु सबसे कम जनसंख्या वाले ग्राम का सर्वप्रथम चयन किया जाए।
अधिकारियों की मॉनीटरिंग: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा 2 माह में कम से कम एक बार तथा खण्ड विकास अधिकारी (BDO) द्वारा माह में कम से कम एक बार आवश्यक रूप से जन-समस्याओं के समाधान की मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
जारीकर्ता: डॉ. जोगा राम, शासन सचिव एवं आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों (सरपंच, वार्ड पंच, प्रधान व जिला प्रमुख) के मानदेय एवं बैठक भत्तों की वर्षवार दरें
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के मानदेय एवं बैठक भत्ते
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी विभिन्न अधिसूचनाओं के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों (जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच एवं वार्ड सदस्यों) के मानदेय और बैठक भत्तों में वर्षवार संशोधन किए गए हैं। इस पोस्ट में वर्ष 2013 से 2025 तक के मानदेय और भत्तों का विवरण दिया गया है।
जिला परिषद
वर्ष
जिला प्रमुख मानदेय प्रतिमाह
जिला परिषद सदस्य बैठक भत्ता
2013
₹9,000
₹500
2017
₹10,000
₹500
2022
₹12,000
₹600
2023
₹13,800
₹690
2024
₹15,180
₹690
2025
₹16,698
₹690
पंचायत समिति
वर्ष
प्रधान मानदेय प्रतिमाह
पंचायत समिति सदस्य बैठक भत्ता
2013
₹6,000
₹350
2017
₹7,000
₹350
2022
₹8,400
₹420
2023
₹9,660
₹483
2024
₹10,626
₹483
2025
₹11,689
₹483
ग्राम पंचायत
वर्ष
सरपंच मानदेय प्रतिमाह
वार्ड पंच बैठक भत्ता
2013
₹3,500
₹200
2017
₹4,000
₹200
2022
₹4,800
₹240
2023
₹5,520
₹276
2024
₹6,072
₹276
2025
₹6,679
₹276
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि की अधिसूचना
पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में संशोधन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 27 से 30 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के मानदेय की दरों में संशोधन किया गया है। यह अधिसूचना माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 27.02.2026 को वित्त एवं विनियोग विधेयक (बजट 2026-27) पर चर्चा की घोषणाओं के बिंदु सं.-69 के क्रम में जारी की गई है।
संशोधित मानदेय की दरें
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान मानदेय 16,698/- रुपये से बढ़कर 18,368/- रुपये प्रति माह
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान मानदेय 11,689/- रुपये से बढ़कर 12,858/- रुपये प्रति माह
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान मानदेय 6,679/- रुपये से बढ़कर 7,347/- रुपये प्रति माह
मुख्य बिंदु एवं निर्देश
जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा।
यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 332600452 दिनांक 19.03.2026 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।
मानदेय में यह वृद्धि 01.04.2026 (April Paid in May) से प्रभावी होगी।
पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों के कार्यवाही विवरण संधारण के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों के संबंध में परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों के कार्यवाही विवरण (Minutes of Meetings) के संधारण और पालना के संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। यह दस्तावेज सभी ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए बैठकों की कार्यप्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जारी किया गया है।
मुख्य दिशा-निर्देश एवं बिंदु
हिन्दी भाषा में अभिलेखन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-44 के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव, पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी और जिला परिषद स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही विवरण अनिवार्य रूप से हिन्दी में लिखा जाना चाहिए।
हस्ताक्षर और उपस्थिति: बैठकों में उपस्थित सदस्यों की उपस्थिति, उनके हस्ताक्षर तथा लिए गए विनििश्चय स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाने चाहिए। कार्यवाही विवरण के अंत में बिना कोई रिक्त स्थान छोड़े हस्ताक्षर कराए जाएं ताकि बाद में कोई प्रस्ताव न जोड़ा जा सके।
निजी प्रिंटेड रजिस्टरों का प्रयोग बंद करने बाबत: राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 (जो कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 124 के तहत निरस्त हो चुका है) के प्रपत्र संख्या 24 (नियम 164) वाले निजी प्रिंटेड कार्यवाही विवरण रजिस्टरों का उपयोग विधि विरुद्ध है। अतः इनका उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और केवल सामान्य लाइनदार रजिस्टर का उपयोग किया जाए।
संकल्पों की रिपोर्टिंग: अधिनियम या नियमों के विपरीत पारित किसी संकल्प के संबंध में 24 घंटे के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट किया जाना आवश्यक है।
प्रतियों का प्रेषण: कार्यवाही विवरण की प्रतियां संबंधित पंचायत समिति, जिला परिषद तथा सभी वार्ड पंचों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों को भेजी जाएं।
पंचायत निर्णय एवं सभा सार पोर्टल: ग्राम सभा बैठक का कार्यवाही विवरण फोटो आदि के साथ पंचायत निर्णय एवं सभा सार पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में करवाने बाबत
पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में करवाने के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं की साधारण सभा की बैठकें नियमित समयावधि में आयोजित कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र के माध्यम से सभी मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जिला परिषद (समस्त राजस्थान) को अवगत कराया गया है कि विभिन्न स्तरों पर बैठकों का आयोजन तय समय सीमा के भीतर किया जाए।
मुख्य बिंदु और प्रावधान
ग्राम पंचायत: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-45 के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की साधारण सभा की बैठक प्रत्येक पन्द्रह दिवस में कम से कम एक बार (प्रत्येक माह की दिनांक 5 एवं 20 को) आयोजित की जाती है। अवकाश होने पर आगामी दिवस को बैठक आयोजित होती है।
पंचायत समिति: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-46 के तहत पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक प्रत्येक माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाती है।
जिला परिषद: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-46 के तहत जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक कम से कम 45 दिन के अंतराल पर आयोजित की जाए तथा इनमें जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बैठकों की अध्यक्षता संबंधी नियम
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की साधारण सभा की बैठकों की अध्यक्षता क्रमशः सरपंच, प्रधान और प्रमुख द्वारा की जाती है। यदि वे किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रहते हैं, तो अध्यक्षता उप-सरपंच, उप-प्रधान या उप-प्रमुख द्वारा की जाएगी। उनके भी अनुपस्थित रहने पर बैठक में उपस्थित वार्ड पंचों, पंचायत समिति सदस्यों या जिला परिषद सदस्यों में से किसी एक को चुनकर अध्यक्षता सौंपी जाएगी।
दिनांक 22 जनवरी, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन एवं गिरदावर सर्किल स्तर पर विशेष शिविरों के संबंध में निर्देश
विशेष ग्राम सभा और विशेष शिविर आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) और कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिनांक 22 जनवरी, 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है। इस विशेष ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य आगामी GRAM-2026 (Global Rajasthan Agri-Tech Meet-2026) और विभिन्न विभागीय अभियानों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
मुख्य बिंदु एवं दिशा-निर्देश:
ग्राम सभा आयोजन: दिनांक 22 जनवरी, 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित होगी जिसमें स्वामित्व कार्ड वितरण और अनुपयोगी विद्यालय भवन में नई स्वीकृत ग्राम पंचायत का कार्यालय प्रारंभ करने जैसे विषयों पर चर्चा व कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गिरदावर सर्किल स्तर पर विशेष शिविर: बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर दिनांक 23 जनवरी, 2026 से इन शिविरों का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात दिनांक 24, 25 एवं 31 जनवरी, 2026 तथा 01 एवं 05 से 09 फरवरी, 2026 (कुल 10 दिवस) तक प्रत्येक गिरदावर वृत्त (ILR) पर प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
भाग लेने वाले विभाग: इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एवं कर्मचारी भाग लेंगे।
विभागीय गतिविधियां: शिविरों में सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, पीएम किसान निधि डीबीटी, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पीएम आवास योजना (PMAY-G) के तहत गृह प्रवेश, पीएम सूर्य घर योजना पंजीकरण और विभिन्न स्वरोजगार व अनुदान योजनाओं के आवेदन तैयार किए जाएंगे।
दिनांक 24 दिसंबर, 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन - विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 बाबत
विशेष ग्राम सभा आयोजन: दिनांक 24 दिसंबर, 2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: एफ.15(10)पंरावि/विधि/वि0ग्रा0सं0/2024/ईफाइल 22379) के अनुसार, राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में 24 दिसंबर, 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है।
इस विशेष ग्राम सभा में 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' (VB-G RAM G Act, 2025), विकसित भारत पर जागरूकता, रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन जैसे विषयों पर चर्चा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की मुख्य विशेषताएँ:
125 दिनों की रोजगार गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है।
बेरोजगारी भत्ता: मांग प्रस्तुत करने के पश्चात निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य प्रदान न किए जाने पर बेरोजगारी भत्ता भुगतान का प्रावधान है।
समय पर मजदूरी भुगतान: मजदूरी में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा।
ग्राम स्तर पर योजना निर्माण: कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय की जाएगी और ग्राम पंचायत 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' तैयार करेगी।
कार्य श्रेणियाँ: जल सुरक्षा और संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्य शामिल किए गए हैं।
कृषि-मजदूरी समन्वय: बुवाई एवं कटाई के व्यस्ततम समय हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करने का प्रावधान, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से चल सकें।
प्रशासनिक मद में वृद्धि: प्रशासनिक मद की सीमा 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गई है।
समस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) और विकास अधिकारी (पंचायत समिति) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयन्ती पर 15 नवम्बर 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन
विशेष ग्राम सभा आयोजन एवं निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र (एफ.15(10)पंरावि/विधि/वि0ग्रा0सं0/2024/ईफाइल 22379, दिनांक: 14-11-2025) के अनुसार जनजाति गौरव वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयन्ती के अवसर पर दिनांक 15 नवम्बर, 2025 को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है।
मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
चारागाह विकास: ग्राम पंचायतों में चारागाह विकास हेतु ग्राम सभा में 'एक पंचायत-एक चारागाह' एवं 'एक गांव-एक चारागाह' गतिविधि के संबंध में प्रस्ताव लेकर संलग्न मॉडल प्रारूप के अनुसार चारागाह विकास को ग्राम सभा के स्थायी एजेंडे में जोड़कर प्रस्ताव पारित किए जाने हैं।
चारागाह समिति और अतिक्रमण: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अंतर्गत चारागाह विकास समिति को क्रियाशील बनाने, चारागाह भूमि का संरक्षण करने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: वर्ष 2025 के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों के वार्षिक भौतिक सत्यापन तथा अपात्र पेंशनर्स के प्रकरणों को निस्तारित करने हेतु ग्राम सभाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
किसान गिरदावरी: पंचायत स्तर पर आयोजित ग्राम सभाओं में आने वाले किसानों को 'किसान गिरदावरी' मोबाइल ऐप डाउनलोड करने तथा लॉगिन प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
जन योजना अभियान (पीपीसी): 'सबकी योजना सबका विकास' के तहत ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ (GPDP) तैयार करने के लिए ग्राम सभा की बैठकों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अतः सभी मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति को उक्त निर्देशों की अक्षरशः पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन
ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, श्रीगंगानगर को ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों के मानदेय भुगतान के संबंध में मार्गदर्शन जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
पत्राचार संदर्भ: आपका राजकाज क्रमांक 17879858 दिनांक 19.09.2025 के संदर्भ में।
विभाग का मार्गदर्शन: वर्तमान में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों को मानदेय के संबंध में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 एवं राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में कोई प्रावधान नहीं है।
यह पत्र वित्तीय सलाहकार, कृष्ण कन्हैया मीणा द्वारा जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि निजी सचिव, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग, जयपुर को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
दिनांक 02 अक्टूबर, 2025 को आयोजित होने वाली ग्राम सभा के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निर्देश
राजकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 02 अक्टूबर, 2025 को ग्राम सभा का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इस ग्राम सभा में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई संपादित की जानी है:
1. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से संबंधित बिंदु
वर्ष 2025 के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों के वार्षिक भौतिक सत्यापन का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
असतत्यापित पेंशनर्स के रुके हुए पेंशन भुगतान और विभिन्न कारणों से अपात्र हुए पेंशनर्स के मामलों के निस्तारण हेतु ग्राम सभा में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
शत-प्रतिशत पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन कराया जाए तथा अपात्र पाए गए पेंशनर्स की सूची व गलत सूचना के आधार पर निरस्त प्रकरणों की जांच उपरांत पुनः प्रारंभ (री-ओपन) करने की कार्रवाई रिपोर्ट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को भेजी जाए।
2. किसान गिरदावरी से संबंधित बिंदु
ग्राम सभाओं में आने वाले किसानों को 'किसान गिरदावरी' मोबाइल ऐप डाउनलोड करने तथा लॉगिन प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
DOIT&C द्वारा तैयार स्क्रीन रिकॉर्डेड वीडियो एवं व्हाट्सएप टेम्पलेट्स का प्रचार-प्रसार किया जाए और व्हाट्सएप चैनल को फॉलो कराया जाए।
3. चारागाह विकास से संबंधित बिंदु
ग्राम पंचायतों में चारागाह और संपत्ति विवरण रजिस्टर का संधारण सुनिश्चित किया जाए।
ग्राम सभा में "एक पंचायत-एक चारागाह" एवं "एक गांव-एक चारागाह" गतिविधि के संबंध में प्रस्ताव लेकर चारागाह विकास हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अंतर्गत चारागाह विकास समिति का गठन/नवीनीकरण किया जाए और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
4. जन योजना अभियान (पीपीसी) - सबकी योजना सबका विकास
पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र दिनांक 17.09.2025 एवं विभागीय पत्र दिनांक 25.09.2025 के अनुसार ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ (GPDP) तैयार करने के लिए ग्राम सभा की बैठक में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
दिनांक 15 अगस्त 2025 को ग्राम सभा के आयोजन बाबत दिशा-निर्देश
दिनांक 15 अगस्त 2025 को ग्राम सभा का आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा आदेश क्रमांक एफ.15(10)पेरांवि/विधि/विशेष ग्राम सभा/2024/EFile-22379 के अंतर्गत दिनांक 15 अगस्त 2025 को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम सभा के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
ग्राम सभा के मुख्य एजेंडा बिंदु
पेंशनभोगियों का सत्यापन: ग्राम सभा में पेंशनभोगियों की संपूर्ण सूची का सत्यापन किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
मृत्यु प्रमाण-पत्र और पहचान पोर्टल: पहचान पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण-पत्र नियमित रूप से जारी किया जाना चाहिए, जिससे प्रमाण-पत्र जारी होने के उपरांत पेंशन की स्थिति स्वतः ही अद्यतन हो जाती है।
अक्षय ऊर्जा योजनाओं का प्रचार (MNRE): पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रेषित एजेंडा के अनुसार, PM Surya Ghar और PM-KUSUM जैसी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का प्रचार, संबलन और नामांकन।
आवारा पशुओं का प्रबंधन: आवारा पशुओं से संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए सामुदायिक उपाय, चरागाह/आश्रय स्थलों की पहचान, टीकाकरण और टैगिंग के लिए पशुपालन विभाग के साथ समन्वय, तथा GPDPs में प्रासंगिक गतिविधियों को शामिल करना।
पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 1.0 परिणाम: पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागी योजना को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर के प्रदर्शन परिणामों को समुदाय के साथ साझा करना।
समस्त मुख्य/अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) और विकास अधिकारी (पंचायत समिति) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इन निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें।
दिनांक 20 जून 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के संबंध में निर्देश
विशेष ग्राम सभा आयोजन निर्देश
कार्यालय जिला परिषद बाड़मेर द्वारा दिनांक 20 जून 2025 को समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
विकास कार्य योजना: वित्तीय वर्ष 2025-26 के समस्त विकास कार्यों एवं कार्यों से संबंधित कार्ययोजना का अवलोकन एवं अनुमोदन।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा: दिनांक 24 जून से 09 जुलाई 2025 तक आयोजित होने वाले पखवाड़े का प्रचार-प्रसार।
योग दिवस: दिनांक 21 जून 2025 को योग दिवस का आयोजन एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना।
कंटीजेंसी कार्य: ग्राम सभा में जन स्वास्थ्य एवं अभि. विभाग के समर कंटीजेंसी कार्यों का सत्यापन करवाना।
समस्त विकास अधिकारी, पंचायत समिति समस्त बाड़मेर / बालोतरा को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान (5 जून से 20 जून 2025) के तहत विशेष ग्राम सभाओं और गतिविधियों का आयोजन
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान एवं विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन
कार्यालय जिला परिषद बाड़मेर एवं ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार राज्य में 5 जून, 2025 से 20 जून, 2025 तक 'वंदे गंगा' जल संरक्षण जन अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बाड़मेर एवं बालोतरा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु एवं निर्देश
विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन: दिनांक 05.06.2025 एवं 20.06.2025 को प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें जल संचय जन भागीदारी अभियान से संबंधित कम से कम 20 कार्यों का चिह्नीकरण किया जाएगा जिन्हें 30 नवंबर 2025 तक पूर्ण किया जा सके।
पीपल पूजन एवं वृक्षारोपण: 05 जून को हर ग्राम पंचायत में 21 महिलाओं द्वारा पीपल पूजन का कार्यक्रम कराया जाएगा तथा प्रत्येक राजस्व ग्राम में न्यूनतम एक कार्य जल संरक्षण के तहत आवश्यक रूप से करवाया जाएगा।
अभियान संकल्प: प्रत्येक दिन के कार्यक्रमों के साथ 'वंदे गंगा' जल संरक्षण जन अभियान संकल्प दिलाया जाएगा।
चारागाह एवं ओरिएंट चिह्नीकरण: पखवाड़े (05 जून से 20 जून 2025) के दौरान चारागाहों/औरॉण गोचर का चिह्नीकरण और पौधारोपण कार्यों की अग्रिम तैयारी की जाएगी।
श्रमदान: श्रमदान कार्यक्रम यथासंभव प्रातः 6:30 से 9:30 तक सुनिश्चित किया जाएगा जिसमें मनरेगा श्रमिकों, आम-जन और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी होगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण, पर्यावरण संरक्षण, हरियालो राजस्थान, और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनांक 24 अप्रैल 2025 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के वार्षिक भौतिक सत्यापन के संबंध में
विशेष ग्राम सभा आयोजन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र (पत्रांक एफ.15(10)पंरावि/विधि/विशेष ग्राम सभा/2024/EFile-22379, दिनांक 23-04-2025) एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पत्र दिनांक 03-04-2025 के क्रम में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 24 अप्रैल, 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं निर्देश
वार्षिक भौतिक सत्यापन: सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थीयों की वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया प्रति वर्ष 1 नवंबर से शुरू होती है। वर्ष 2025 के लिए शत-प्रतिशत पेंशनर्स का वार्षिक भौतिक सत्यापन दिनांक 30-04-2025 तक करवाया जाना अनिवार्य है।
पेेंशन भुगतान पर प्रभाव: निर्धारित तिथि (30 अप्रैल 2025) तक वार्षिक सत्यापन न करवाने की स्थिति में पेंशनर्स का मई, 2025 (देय माह जून, 2025) के बाद पेंशन भुगतान रोका जा सकता है।
पेंशन निरस्तीकरण पर रोक थाम: पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारियों के स्तर से बिना पूर्ण जांच के पेंशन लाभार्थियों को मृत अथवा राज्य से अन्यत्र पलायन दिखाकर पेंशन निरस्त करने के मामलों की रोकथाम के लिए, ऐसे प्रकरणों में निरस्तीकरण की कार्यवाही का विशेष ग्राम सभा में अनुमोदन करवाने के पश्चात ही आगे की कार्यवाही किए जाने के निर्देश हैं।
अतः समस्त मुख्य / अति0 मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें।
दिनांक 21 मार्च, 2025 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत (विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस)
विशेष ग्राम सभा आयोजन के संबंध में निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: एफ.15(10)पंरावि/विधि/वि०ग्रा०सभा/24/इफाईल 22379, दिनांकित आदेश और भारतीय मानक ब्यूरो, जयपुर शाखा के पत्रों के संदर्भ में) राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में 21 मार्च, 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य उद्देश्य एवं बिंदु
विशेष ग्राम सभा: विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में उपभोक्ता सशक्तिकरण और जागरूकता पर चर्चा हेतु सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन।
बीआईएस केयर ऐप (BIS Care App): आम नागरिकों को रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और BIS गुणवत्ता चिह्न की प्रामाणिकता की जाँच के लिए 'BIS Care App' के उपयोग की जानकारी देना।
रिपोर्टिंग: कार्यक्रम के पूर्ण होने पर कुछ फोटो, वीडियो और प्रतिभागियों की संख्या सहित व्हाट्सएप के माध्यम से श्री राजेन्द्र कुमार मीना (मोबाइल नंबर - 9636845891) को भेजना सुनिश्चित किया जाए।
प्रतिलिपि एवं सूचसूचना
यह निर्देश समस्त मुख्य/अति० मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति (राजस्थान) को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किए गए हैं।
पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के मानदेय में संशोधन के संबंध में अधिसूचना
अधिसूचना विवरण
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) द्वारा राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 27 से 30 के अनुसार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्यों/जनप्रतिनिधियों के मानदेय की दरों में संशोधन किया गया है। यह संशोधन बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के बिंदु सं.-99 के क्रम में किया गया है।
संशोधित मानदेय की दरें
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान मानदेय रु. 15180/- प्रतिमाह से बढ़ाकर संशोधित मानदेय रु. 16698/- प्रतिमाह किया गया है।
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान मानदेय रु. 10626/- प्रतिमाह से बढ़ाकर संशोधित मानदेय रु. 11689/- प्रतिमाह किया गया है।
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान मानदेय रु. 6072/- प्रतिमाह से बढ़ाकर संशोधित मानदेय रु. 6679/- प्रतिमाह किया गया है।
मुख्य बिंदु
जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा।
यह आदेश दिनांक 01.04.2025 से लागू होगा।
यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 332500330 दिनांक 05.03.2025 से प्राप्त सहमति के अनुसार जारी की गई है।
दिनांक 26 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाली ग्राम सभा के संबंध में दिशा-निर्देश
26 जनवरी 2025 को ग्राम सभा का आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ.15(10)पंरावि/विधि/वि0ग्रा0सभा/24/ईफाईल 22379 (दिनांक 23.01.2025) के अनुसार राज्य की सभी ग्राम पंचायत में दिनांक 26 जनवरी 2025 को ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है। इस संबंध में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम सभा के मुख्य एजेंडा बिंदु
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से संबंधित बिंदु: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पत्रांक 12901185 दिनांक 09.01.2025 के अनुसरण में, दिनांक 26 जनवरी 2025 की ग्राम सभा में पेंशनर्स के वार्षिक भौतिक सत्यापन, विभिन्न कारणों से निरस्त की गई पेंशन स्वीकृतियों की सूची का पठन, अपात्र पेंशनर्स के पी.पी.ओ. निरस्त करने तथा पात्र पेंशनर की गलत सूचनाओं के आधार पर निरست की गई पेंशन को पुनः प्रारंभ किए जाने हेतु अनुमोदन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र में भेजी जाएगी।
राज-किसान गिरदावरी मोबाइल ऐप: बजट घोषणा 2024-25 के अनुसार एग्रीस्टेक के माध्यम से किसान स्तर से स्वयं के खसरे पर जाकर फसल की फोटो लेकर (geo-location with photo based) ऑनलाइन गिरदावरी किए जाने का प्रावधान है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के एग्रीस्टेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत रबी संवत 2081 से राज्य की ऑनलाइन तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे (ई-गिरदावरी) दिनांक 01.01.2025 सेारंभ किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण कार्य योजना एवं उपभोक्ता सशक्तिकरण शपथ: गांव में प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाना, जैविक खेती को प्रोत्साहित करना, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में उपभोक्ता सशक्तिकरण के लिए गुणवत्ता शपथ ग्रहण कराई जाएगी।
विशेष निर्देश: ग्राम सभा के दौरान भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सहयोग से उपभोक्ता सशक्तिकरण के लिए गुणवत्ता शपथ ग्रहण करवाने तथा संबंधित फोटो व वीडियो श्री राजेन्द्र कुमार मीणा (मोबाइल नंबर - 9636845891) को व्हाट्सएप पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनांक 20 दिसम्बर 2024 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत
विशेष ग्राम सभा आयोजन आदेश
कार्यालय जिला परिषद (पंचायत प्रकोष्ठ) बाड़मेर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, माननीय मुख्य सचिव महोदय द्वारा दिनांक 28.11.2024 को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षात्मक बैठक में लिए गए निर्णयों एवं निर्देशों के क्रम में राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में दिनांक 20 दिसम्बर 2024 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाना है।
मुख्य बिंदु एवं आवश्यक निर्देश
वार्षिक भौतिक सत्यापन: वर्ष 2024 के लिए असत्यापित पेंशनर्स से व्यक्तिगत संपर्क कर उनके वार्षिक भौतिक सत्यापन को सुनिश्चित किया जाना है।
मृत्यु, पलायन या अपात्रता: यदि कोई पेंशनर वर्तमान में मृत्यु, पलायन अथवा अन्य कारणों से अपात्र हो गया है, तो उनकी पेंशन निरस्त करने के लिए संबंधित स्वीकृतिर्त्ताओं अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर आवश्यक कार्यवाही की जानी है।
निरस्त पेंशन स्वीकृतियों की सूची चस्पा करना: दिनांक 1 अप्रैल, 2022 से 30 नवंबर, 2024 की अवधि में विभिन्न कारणों से निरस्त की गई पेंशन स्वीकृतियों के संबंध में ऐसे प्रकरणों की सूची को चस्पा कर अपात्र पेंशनर्स के पी.पी.ओ. निरस्त करने तथा पात्र पेंशनर की गलत सूचनाओं के आधार पर पेंशन निरस्त की गई हो तो अनुमोदन कर संबंधित स्वीकृतिर्त्ता अधिकारी के स्तर से पेंशन पुनः प्रारम्भ करवाया जावे।
अतः सभी संबंधित विकास अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करावें।
दिनांक 26 नवम्बर 2024 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन बाबत
संविधान दिवस (Constitution Day) के अवसर पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) के पत्र क्रमांक एफ.15(10)पंरावि/विधि/विग्र0सभा/24/ईफाइल 22379 जयपुर, दिनांक 21.11.2024 के माध्यम से सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद और विकास अधिकारी, पंचायत समिति को निर्देश दिए गए हैं कि दिनांक 26 नवम्बर 2024 को संविधान लागू होने के 75वें वर्ष के उत्सव के रूप में सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाए।
विशेष ग्राम सभा में आयोजित की जाने वाली मुख्य गतिविधियाँ:
संविधानिक मूल्य पर प्रश्नोत्तरी: युवा पीढ़ी को शिक्षित करने और नागरिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए।
स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के साथ जुड़ाव: महिलाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनके आवश्यक योगदान पर चर्चा।
आदिवासी समुदायों में क्षमता निर्माण (पेसा गांव): संवैधानिक अधिकारों और कानूनी हकदारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
अधिकारों और कर्तव्यों पर बहस: स्थानीय निकायों में नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर चर्चा।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय भाषा में संविधान के अमृत महोत्सव के बारे में बताना तथा संविधान की प्रस्तावना पढ़ना भी सुनिश्चित किया जाए।
दिनांक 15 नवम्बर 2024 को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा के संबंध में दिशा-निर्देश
विशेष ग्राम सभा और जनजातीय गौरव दिवस आयोजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र क्र. एफ.15(10)पंरावि/विधि/विग्रामसभा/24/ईफाइल 22379 दिनांक 14.11.2024 के माध्यम से दिनांक 15 नवम्बर 2024 को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
विशेष ग्राम सभा का आयोजन: आदिवासी नेता और महान व्यक्तित्व भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम (FRA) गांवों में 15 नवम्बर 2024 को विशेष ग्राम सभा सह-अभिविन्यास/प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।
आदर्श आचार संहिता: जिन विधानसभा क्षेत्रों में राजस्थान विधानसभा उप चुनाव, 2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, उन जिलों में विशेष ग्राम सभा सह-अभिविन्यास/प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाने हैं।
माननीय प्रधानमंत्री महोदय का संबोधन: पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 15 नवम्बर 2024 को जमुई, बिहार में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का संबोधन माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा किया जा रहा है। इसका सीधा प्रसारण 15 नवम्बर 2024 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में किया जाना है।
रिकॉर्डेड संस्करण: 15 नवम्बर 2024 के बाद आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में माननीय प्रधानमंत्री महोदय के संबोधन का रिकॉर्डेड संस्करण प्रसारित किया जाएगा।
पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में संशोधन की अधिसूचना
पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के मानदेय में संशोधन
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.951(19)(41)परावि/लेखा/नि.आ./बजट घोषणा/2022-23 के अनुसार, माननीय उप मुख्यमंत्री (वित्त) महोदया की दिनांक 08.02.2024 की बजट घोषणा के बिंदु सं.-48 के क्रम में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मानदेय की दरों में संशोधन किया गया है।
मानदेय की संशोधित दरें
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान दर 13800/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 15180/- रुपये प्रति माह की गई है।
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान दर 9660/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 10626/- रुपये प्रति माह की गई है।
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान दर 5520/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 6072/- रुपये प्रति माह की गई है।
जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा। यह आदेश दिनांक 01.04.2024 से लागू होगा। यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 332400440 दिनांक 14.03.2024 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं में बैठक कार्यवाही विवरण संधारण बाबत परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 23-01-2024 को क्रमांक एफ.4(3)दिशा-निर्देश/विधि/पंश/2024/27 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों की कार्यवाही के संधारण के संबंध में महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
नियम-44 के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-44 के अनुसार पंचायत में सरपंच, पंचायत समिति में विकास अधिकारी तथा जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही का अभिलेखन हिंदी में किया जाना अनिवार्य है।
हस्ताक्षर की प्रक्रिया: बैठक समाप्त होने के पश्चात कार्यवाही विवरण के अंत में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर करवाए जाएं। विवरण के अंत में बिना कोई रिक्त स्थान छोड़े हस्ताक्षर कराए जाएं ताकि बाद में कोई विवरण दर्ज न किया जा सके।
प्राइवेट प्रिंटेड रजिस्टरों पर रोक: बाजार से खरीदे गए प्राइवेट प्रिंटेड कार्यवाही विवरण रजिस्टरों (जिन पर प्रपत्र संख्या 24 छपा होता है) का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए, क्योंकि राजस्थान पंचायत एवं न्याय पंचायत (सामान्य) नियम, 1961 का वह नियम निरस्त हो चुका है और वर्तमान में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 अस्तित्व में नहीं है।
लाइनदार रजिस्टर का उपयोग: कार्यवाही विवरण दर्ज करने हेतु किसी प्रिंटेड रजिस्टर की आवश्यकता नहीं है, केवल सामान्य लाइनदार रजिस्टर का उपयोग किया जा सकता है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय और बैठक भत्तों में संशोधन (अधिसूचना 21-02-2023)
पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के मानदेय और बैठक भत्तों में वृद्धि
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 21-02-2023 की अधिसूचना (क्रमांक: एफ.951(19)(41)प्राविवि/लेखा/नि.आ./बजट घोषणा/2022-23/210) के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्यों व जनप्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तों की दरों में संशोधन किया गया है। यह आदेश माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा 10.02.2023 को की गई बजट घोषणा के बिंदु संख्या 162 के क्रम में जारी किया गया है।
मानदेय की संशोधित दरें (प्रति माह):
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान 12,000/- रुपये से बढ़कर 13,800/- रुपये प्रति माह।
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान 8,400/- रुपये से बढ़कर 9,660/- रुपये प्रति माह।
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान 4,800/- रुपये से बढ़कर 5,520/- रुपये प्रति माह।
बैठक भत्तों की संशोधित दरें (प्रति बैठक):
सदस्य, जिला परिषद: वर्तमान 600/- रुपये से बढ़कर 690/- रुपये प्रति बैठक।
सदस्य, पंचायत समिति: वर्तमान 420/- रुपये से बढ़कर 483/- रुपये प्रति बैठक।
सदस्य, ग्राम पंचायत: वर्तमान 240/- रुपये से बढ़कर 276/- रुपये प्रति बैठक।
मुख्य बिंदु:
जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय एवं बैठक भत्तों का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा। यह आदेश दिनांक 01.04.2023 से लागू होगा। यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 332300155 दिनांक 17.02.2023 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तों में संशोधन (बजट घोषणा 2022-23)
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों का मानदेय और बैठक भत्ता संशोधित
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.951(19)(41)परावि/लेखा/नि.आ./बजट घोषणा/2022-23/623, दिनांक 07.04.2022 के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री की बजट घोषणा वर्ष 2022-23 के तहत पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तों की दरों में संशोधन किया गया है। यह आदेश 01.04.2022 से लागू होगा।
मानदेय की संशोधित दरें (प्रतिमाह)
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान 10,000/- रुपये से बढ़ाकर 12,000/- रुपये
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान 7,000/- रुपये से बढ़ाकर 8,400/- रुपये
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान 4,000/- रुपये से बढ़ाकर 4,800/- रुपये
बैठक भत्तों की संशोधित दरें
सदस्य, जिला परिषद: वर्तमान 500/- रुपये से बढ़ाकर 600/- रुपये
सदस्य, पंचायत समिति: वर्तमान 350/- रुपये से बढ़ाकर 420/- रुपये
सदस्य, ग्राम पंचायत: वर्तमान 200/- रुपये से बढ़ाकर 240/- रुपये
विशेष निर्देश: जनप्रतिनिधियों को देय मानदेय एवं बैठक भत्तों का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनुदान राशि से किया जाएगा। यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आई.डी. संख्या 332200190 दिनांक 23.03.2022 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों के मानदेय में संशोधन संबंधी अधिसूचना
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के मानदेय में संशोधन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ 951(19) ( )प्रविवि/लेखा/नि.आ./जिला परिषद/सांख्य/7364 दिनांक 11/10/2017 के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के मानदेय की दरों में तत्काल प्रभाव से संशोधन किया गया है।
संशोधित मानदेय की दरें
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान दर 9000/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 10000/- रुपये प्रति माह की गई है।
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान दर 6000/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 7000/- रुपये प्रति माह की गई है।
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान दर 3500/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर संशोधित दर 4000/- रुपये प्रति माह की गई है।
जिला प्रमुख, प्रधान एवं सरपंच को मानदेय राशि का भुगतान राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली राशि से किया जाएगा। यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 101702662 दिनांक 01.06.2017 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तों में संशोधन - अधिसूचना 2013
राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय एवं बैठक भत्तों में संशोधन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.951(19).(41)प्ररावि/लेखा/निओअउ/बजट घोषणा/2012-13/2494 दिनांक 01-04-2013 के अनुसार राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 27 से 30 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मानदेय एवं बैठक भत्तों की दरों में आंशिक संशोधन किया गया है।
मानदेय की संशोधित दरें (प्रति माह):
जिला प्रमुख, जिला परिषद: वर्तमान 7,500/- रुपये से बढ़ाकर 9,000/- रुपये
प्रधान, पंचायत समिति: वर्तमान 5,000/- रुपये से बढ़ाकर 6,000/- रुपये
सरपंच, ग्राम पंचायत: वर्तमान 3,000/- रुपये से बढ़ाकर 3,500/- रुपये
बैठक भत्ता की संशोधित दरें:
सदस्य, जिला परिषद: वर्तमान 125/- रुपये से बदलकर 500/- रुपये
सदस्य, पंचायत समिति: वर्तमान 100/- रुपये से बदलकर 350/- रुपये
सदस्य, ग्राम पंचायत: वर्तमान 75/- रुपये से बदलकर 200/- रुपये
यह भत्ता संबंधित प्रतिनिधि द्वारा माह में बैठक आयोजित होने पर ही तथा माह हेतु निर्धारित बैठकों में उपस्थित होने पर ही देय होगा। यह अधिसूचना वित्त (व्यय-5) विभाग की आईडी संख्या 331300289 दि. 25.03.2013 से प्राप्त सहमति के अनुसरण में जारी की गई है।