ग्रामीण विकास मंत्रालय अधिसूचना: अकुशल हस्त कार्यकर्ताओं के लिए राज्य-वार मजदूरी दरें (1 जुलाई, 2026 से प्रभावी)
ग्रामीण विकास मंत्रालय अधिसूचना
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 30 जून, 2026 की अधिसूचना (का.आ. 3518 (अ)) के माध्यम से 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत – जी राम जी) अधिनियम, 2025' के अंतर्गत अकुशल हस्त कार्यकर्ताओं के लिए राज्य-वार संशोधित मजदूरी दरें जारी कर दी गई हैं। यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2026 से प्रवृत्त होगी।
मुख्य बिंदु:
यह अधिसूचना वर्ष 2025 के अधिनियम संख्या 36 की धारा 10 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है।
इसके तहत विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में अकुशल हस्त कार्य के लिए प्रतिदिन की मजदूरी दर निर्धारित की गई है।
हिमाचल प्रदेश के लिए गैर-अनुसूचित क्षेत्र में 300.00 रुपये और अनुसूचित क्षेत्र में 375.00 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सिक्किम के अधिकांश क्षेत्रों में 300.00 रुपये तथा इसकी 3 ग्राम पंचायतों (ज्ञानथांग, लाचुंग और लाचेन) के लिए 450.00 रुपये प्रति दिन तय किए गए हैं।
अंडमान और निकोबार के लिए, अंडमान जिला (348.00 रुपये) और निकोबार जिला (367.00 रुपये) की दरें अलग-अलग हैं।
फाइल संख्या: फा. सं. जे-11060/16/2026-आरई-III, हस्ताक्षर: रोहिणी रा भाजीभाकरे, संयुक्त सचिव।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 और SBM-ग्रामीण के अंतर्गत अनुपालन निर्देश
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026: एक परिचय
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 अधिसूचित किए गए हैं जो 1 अप्रैल 2026 से एसडब्ल्यूएम नियम, 2016 का स्थान लेते हुए लागू हैं। इस प्रस्तुति और दस्तावेज का मुख्य उद्देश्य चक्रीय अर्थव्यवस्था के माध्यम से लैंडफिल में शून्य अपशिष्ट सुनिश्चित करना है।
अपशिष्ट पृथक्करण की चार श्रेणियाँ (स्रोट पर अनिवार्य)
गीला कचरा: रसोई व खाद्य अपशिष्ट, छिलके (कम्पोस्ट / बायो-मीथेनेशन)।
सैनेटरी कचरा: डायपर, नैपकिन, आदि (लपेटकर अलग रखें)।
विशेष देखभाल कचरा: बैटरी, बल्ब, दवाइयाँ (केवल अधिकृत एजेंसियाँ)।
प्रत्येक अपशिष्ट उत्पादक के मुख्य कर्तव्य
कचरे को स्रोत पर चार श्रेणियों में अलग करें और कभी न मिलाएँ।
केवल अधिकृत संग्राहकों को निर्धारित समय पर सौंपें; न फैलाएँ, न जलाएँ, न डंप करें।
सैनेटरी व विशेष-देखभाल कचरा सुरक्षित रखें और निर्दिष्ट एजेंसियों को दें।
निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क चुकाएँ; अनुपालन न करने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (प्रदूषक भुगतान करे) लागू होगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर प्रमुख अनुपालन व कार्य
ग्राम पंचायत द्वारा गाँव स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजना एवं कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
खुले में डंपिंग एवं अपशिष्ट जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
मार्च 2027 तक उपनियम बनाएँ और अद्यतन करें तथा पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करें।
सरपंच, वार्ड पंच एवं PRI सदस्यों को स्रोत पृथक्करण जागरूकता हेतु लीड फैसिलिटेटर नामित किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: दिनांक 29.06.2026 को विशेष ग्राम सभा के आयोजन और ड्राफ्ट वरीयता सूची (PWL) के अनुमोदन के संबंध में
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत विशेष ग्राम सभा आयोजन निर्देश
ग्रामीण विकास विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास+ 2024 सर्वेक्षण के क्रम में तैयार ड्राफ्ट Permanent Wait List (PWL) का विशेष ग्राम सभा द्वारा दिनांक 29.06.2026 को अनुमोदन कराया जाना है।
मुख्य बिंदु एवं दिशा-निर्देश
ग्राम सभा का आयोजन: दिनांक 29.06.2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।
अंतिम तिथि: अंतिम वरीयता सूची आवास सॉफ्ट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 10.07.2026 निर्धारित की गई है।
आवास सॉफ्ट सूची: आवास सॉफ्ट पर ग्राम पंचायतवार प्रदर्शित ड्राफ्ट वरीयता सूची को 25.06.2026 तक डाउनलोड कर संबंधित ग्राम पंचायत, सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थलों के नोटिस बोर्ड पर आमजन के अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया जाना है।
अपील का प्रावधान: यदि किसी पात्र परिवार का नाम सूची में शामिल नहीं है या गलत तरीके से काटा गया है, तो वे निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सभा या जिला अपीलेट कमेटी के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकते हैं।
सभी संबंधित ग्राम पंचायतों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समयावधि में इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें।
विकसित भारत—रोजगार और आजीविका के लिए गारण्टी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रवर्तन की अधिसूचना
ग्रामीण विकास मंत्रालय अधिसूचना
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (ग्रामीण विकास विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या का.आ. 2382 (अ.), नई दिल्ली, दिनांक 11 मई, 2026 के अनुसार केंद्रीय सरकार ने विकसित भारत—रोजगार और आजीविका के लिए गारण्टी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत - जी राम जी) अधिनियम, 2025 (2025 का 36) की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए महत्वपूर्ण तिथि तय की है।
मुख्य बिंदु:
प्रवर्तन तिथि: 1 जुलाई, 2026 से उक्त अधिनियम के उपबंध भारत के सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में प्रवृत्त होंगे।
फाइल संख्या: [फा. सं. जे-11015/2/2025-यू.एस.- आर. ई. –V]
हस्ताक्षरकर्ता: रोहिणी रा भािीभाकरे, संयुक्त सचिव
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन एवं उन्हें अपात्र घोषित करने हेतु यह 'रिमांड ऑफ फॉर्म' (Remand Off Form) उपयोग
यह प्रपत्र PMAY-G की स्थाई वरीयता सूची (PWL) में शामिल लाभार्थियों के ग्राम सभा द्वारा भौतिक सत्यापन के लिए है।
ग्राम सभा की बैठक में योजनान्तर्गत निर्धारित मापदण्डों के परीक्षण उपरान्त लाभार्थियों को पात्र या अपात्र घोषित कर अनुमोदन किया जाता है।
प्रपत्र में लाभार्थी का नाम, पिता/पति का नाम, गाँव का नाम, PMAY-G ID एवं PWL में वरीयता क्रमांक दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है।
अपात्रता के मुख्य कारण (मापदंड):
प्रपत्र में अपात्रता के 16 बिंदु दिए गए हैं, जिनमें से किसी एक का होना अपात्रता (Remand Off) के लिए पर्याप्त है:
पूर्व में मकान होना या किसी आवास योजना से लाभान्वित होना।
लाभार्थी की मृत्यु हो जाना (तथा परिवार में कोई न होना) या ग्राम पंचायत से पलायन कर जाना।
किसी भी प्रकार का वाहन (मोटरसाईकिल, टेम्पो, कार, जीप, नाव) या 3-व्हीलर/4-व्हीलर मशीनरी होना।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट 50,000 रुपये से अधिक होना।
परिवार के किसी सदस्य का राजकीय सेवा में होना, गैर कृषि उद्यम में पंजीकृत होना या मासिक आय 10,000 रुपये होना।
आयकर (Tax) या पेशेवर कर (Professional Tax) का भुगतान करने वाला होना।
घर में फ्रीज या बेसिक फोन होना।
स्वयं की 2.5 एकड़ जमीन के साथ कृषि यंत्र होना, 5.0 एकड़ सिंचित भूमि होना, या कम से कम 7.5 एकड़ भूमि/1 सिंचाई उपकरण होना।
सोलहवाँ वित्त आयोग (2026-31): मुख्य रिपोर्ट और संस्तुतियां
सोलहवाँ वित्त आयोग (2026-31) की मुख्य रिपोर्ट
यह पोस्ट सोलहवें वित्त आयोग (2026-31) की मुख्य रिपोर्ट पर आधारित है। आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के खंड (1) और वित्त आयोग अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया गया था। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया हैं।
मुख्य बिंदु और संस्तुतियां
संस्तुति अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पाँच वर्ष की अवधि।
ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण (Vertical Devolution): आयोग ने विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी को 41 प्रतिशत के मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की सिफारिश की है।
क्षैतिज हस्तांतरण (Horizontal Devolution): राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे के लिए जनसंख्या (2011), जनसांख्यकीय प्रदर्शन, क्षेत्रफल, वन आवरण, प्रति व्यक्ति जीएसडीपी दूरी और जीएसडीपी में योगदान जैसे मानदंडों को शामिल किया गया है।
स्थानीय निकाय अनुदान: ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए अनुदानों को मूल और निष्पादन घटकों में वर्गीकृत किया गया है।
आपदा प्रबंधन वित्तपोषण: आपदा जोखिम प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ और एसडीएमएफ के लिए 2026-31 की अवधि हेतु कुल ₹2,04,401 करोड़ के कार्पर्स की सिफारिश की गई है।
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में फर्म को नोटिस प्रारूप
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में फर्म को नोटिस प्रारूप
सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई के संबंध में व्याख्यात्मक ज्ञापन (फरवरी 2026)
सोलहवें वित्त आयोग व्याख्यात्मक ज्ञापन - मुख्य विवरण
यह दस्तावेज़ वित्त मंत्रालय (बजट प्रभाग) द्वारा फरवरी 2026 में जारी किया गया व्याख्यात्मक ज्ञापन है, जो 17 नवंबर, 2025 को माननीय राष्ट्रपति को सौंपी गई सोलहवें वित्त आयोग (XXI-FC) की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई से संबंधित है। यह रिपोर्ट संविधान के अनुच्छेद 281 के अनुसरण में सदन के पटल पर प्रस्तुत की गई है। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए की गई मुख्य सिफारिशों और सरकार के निर्णयों का सारांश दिया गया है।
प्रमुख बिंदु
कर राजस्वों का साझा करना (ऊर्ध्वाधर अंतरण): आयोग ने राज्यों के हिस्से को केंद्रीय करों की निवल प्राप्तियों के 41 प्रतिशत पर बनाए रखा है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
स्थानीय निकाय अनुदान: वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए कुल 7,91,493 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की गई है।
अनुदान वर्गीकरण और शर्तें: ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान को मूल और निष्पादन घटकों में वर्गीकृत किया गया है। मूल घटक का 50 प्रतिशत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और/या जल प्रबंधन के लिए आरक्षित किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन वित्तपोषण: वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए कुल 2,04,401 करोड़ रुपये की कुल धनराशि की सिफारिश की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण: ग्राम सभा सत्यापन एवं अपात्रता प्रमाण पत्र प्रारूप
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) सत्यापन प्रमाण पत्र
कार्यालय ग्राम पंचायत, पंचायत समिति बाड़मेर ग्रामीण, जिला - बाड़मेर के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन और ग्राम सभा प्रस्ताव के लिए निर्धारित प्रारूप जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम सभा सत्यापन: प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की स्थायी वरीयता सूची में शामिल लाभार्थियों का ग्राम सभा द्वारा भौतिक सत्यापन एवं निर्धारित 14/16 मापदंडों के परीक्षण उपरांत पात्र या अपात्र घोषित किया जाता है।
अपात्रता के मुख्य कारण: विशेष ग्राम सभा में अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों के लिए निर्धारित बिंदु (जैसे पूर्व में आवास योजना से लाभान्वित होना, सरकारी सेवा में होना, तिपहिया/चारपहिया वाहन होना, 50,000 से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट, 10,000 मासिक आय, आयकरदाता होना आदि) शामिल हैं।
प्रमाण पत्र विवरण: इसमें लाभार्थी का नाम, पिता का नाम, गांव का नाम, PMAY-G ID, PWL में वरीयता क्रमांक तथा सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और विकास अधिकारी के हस्ताक्षर हेतु प्रावधान है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना - दिशा निर्देश 2025
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना: दिशा निर्देश 2025
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (गुण एवं नियंत्रण) द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना - दिशा निर्देश 2025 जारी किए गए हैं। यह योजना राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के बिन्दु संख्या 20 के अंतर्गत प्रारंभ की जा रही है जिसका मुख्य उद्देश्य जिलों के आर्थिक विकास और समावेशी सामाजिक विकास के दोहरे लक्ष्य को प्राप्त करना है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ और प्रावधान:
नोडल विभाग: ग्रामीण विकास विभाग इस योजना का नोडल विभाग रहेगा जो अन्य विभागों से समन्वय करते हुए कार्यों की स्वीकृति प्रदान करेगा।
योजना क्षेत्र: यह योजना राज्य के सभी जिलों में ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू की जाएगी।
वित्तीय प्रावधान: इस योजना का कुल बजट प्रावधान 500 करोड़ रुपये है, जो पूरी तरह राज्य वित्त पोषित योजना है।
मिशन टीम: जिलों में अति-स्थानीय नियोजन (hyper-local planning) और सेवा वितरण में सहयोग के लिए विशेष विशेषज्ञों की 'मिशन टीम' का गठन किया जाएगा।
शासन संरचना: योजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य स्तर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख शासन सचिव (ग्रामीण विकास) की अध्यक्षता में 'राज्य स्तरीय समिति' तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में 'जिला स्तरीय समिति' का गठन किया गया है।
अनुमत कार्य और क्षेत्र:
योजना के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन क्षेत्र, एमएसएमई क्षेत्र, खेल क्षेत्र और अन्य ग्रामीण व शहरी बुनियादी ढाँचे से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे। इसमें लोक सहभागिता (जनसहयोग) को भी प्राथमिकता दी गई है।
PM AAWAS नाम MISMATCH
PM AAWAS नाम MISMATCH Format
PM AAWAS Remand form
PM AAWAS Remand form
PMAY-G के अंतर्गत 25 मीटर से अधिक दूरी वाले आवासों का भौतिक सत्यापन
PMAY-G भौतिक सत्यापन प्रारूप
यह दस्तावेज़ प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 25 मीटर से अधिक दूरी पर आवास निर्माण करने वाले मामलों के भौतिक सत्यापन के लिए निर्धारित प्रपत्र है।
मुख्य विवरण
निरीक्षणकर्ता का विवरण: नाम, पद, मोबाइल नंबर और निरीक्षण दिनांक दर्ज करने का प्रावधान।
विवरण तालिका: क्र.सं., ग्राम पंचायत, PMAY-G ID, लाभार्थी का नाम और 25 मीटर से अधिक दूरी पर आवास निर्माण करने का कारण।
हस्ताक्षर: निरीक्षणकर्ता के हस्ताक्षर का स्थान।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों के संचालन एवं मॉडल टेंडर दिशा-निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्य और मॉडल टेंडर दिशा-निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (ग्रामीण विकास, अनुभाग-5), राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों को संपादित करने हेतु स्थायी आदेश संख्या 01/2024 (दिनांक 03/09/2024) जारी किया गया है। इसके माध्यम से बी.एस.आर. (BSR) सॉफ़्ट पर प्रदर्शित स्वच्छता संबंधी आइटम्स की नई दरें निर्धारित की गई हैं तथा मॉडल टेंडर डॉक्यूमेंट (Model Tender Document) के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु एवं निर्धारित दरें
घर-घर कचरा संग्रहण: वाहन उपलब्ध कराने पर अथवा संवेदक द्वारा वाहन, ड्राइवर, POL, श्रमिक व सुरक्षा उपकरणों सहित घर-घर कचरा संग्रहण व प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण।
कचरे का पृथक्करण: Degradable और Non-Degradable कचरे का पृथक्करण कार्य एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2016 के अनुसार निस्तारण।
सड़क, बाजार एवं मुख्य चौक सफाई: झाड़ू एवं सफाई कार्य, आवश्यक सुरक्षा उपकरण और मेडिकल किट के साथ कचरे को डंपिंग यार्ड पर पहुंचाना।
नाली सफाई: आवश्यक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ नाली सफाई कार्य।
सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC) सफाई: सीट, फर्श और टाइल्स की सफाई कार्य।
निविदा प्रक्रिया एवं समय-सीमा
परिवारों एवं साफ-सफाई का आकलन (वार्ड वार): सितंबर माह का प्रथम सप्ताह
निविदा जारी करना: सितंबर माह का द्वितीय सप्ताह
निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य आदेश जारी करना: सितंबर माह का चतुर्थ सप्ताह
कार्य प्रारम्भ करने का समय: 02 अक्टूबर
सभी ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों को आरटीपीपी (RTPP) नियमों के तहत मॉडल टेंडर के अनुसार पारदर्शी तरीके से निविदा की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत पादंगा में नाडेप, मैजिक पिट और वर्मी कंपोस्ट निर्माण कार्य
ग्राम पंचायत पादंगा में स्वच्छता और खाद निर्माण संरचनाएं
दस्तावेज़ में ग्राम पंचायत पादंगा (GP Padanga) के अंतर्गत पूरे किए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की फोटोग्राफ और जियो-टैग विवरण दिए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं:
मैजिक पिट (Magic Pit): गंदे पानी के निकास और सोखने के लिए निर्मित गोल और वर्गाकार संरचनाएं (नोट: मैजिक पिट कम्प्लीट जीपी पादंगा)।
वर्मी कंपोस्ट पिट (Vermi Compost Pit): जैविक खाद निर्माण हेतु कंक्रीट/ईंटों से निर्मित बहु-कक्षीय टैंक (नोट: वर्मी कंपोस्ट पिट कम्प्लीट जीपी पादंगा)।
नाडेप कंपोस्ट पिट (Nadep Pit): कचरे से खाद बनाने के लिए ईंटों की जालीदार दीवारों वाली संरचना (नोट: नाडेप कम्प्लीट जीपी पादंगा)।
इन सभी कार्यों के फोटोग्राफ्स में निर्माण की तिथि 15 अप्रैल 2024 और सटीक भौगोलिक निर्देशांक (Latitude & Longitude) दर्ज हैं, जो ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता और कंपोस्ट निर्माण कार्यों की प्रगति को दर्शाते हैं।
स्वच्छता कार्यों के लिए रजिस्टर प्रारूप (Register Format for Sanitation Works)
ग्राम पंचायतों में स्वच्छता कार्यों के लिए निर्धारित रजिस्टर प्रारूप
यह दस्तावेज़ ग्राम पंचायतों में संचालित होने वाले विभिन्न स्वच्छता कार्यों के रिकॉर्ड और मॉनिटरिंग के लिए आधिकारिक रजिस्टर प्रारूप प्रदान करता है। इसमें मुख्य रूप से चार प्रकार के रजिस्टरों के प्रारूप शामिल हैं:
घर-घर कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कार्य रजिस्टर-1
सड़क सफाई कार्य रजिस्टर-2
नाली सफाई कार्य रजिस्टर-3
सामुदायिक स्वच्छता परिसर सफाई कार्य रजिस्टर-4
सामान्य विवरण और मुख्य बिंदु
प्रत्येक रजिस्टर के मुख्य पृष्ठ (सामान्य विवरण) और दैनिक कार्य इंद्राज पृष्ठ पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करने का प्रावधान है:
ग्राम पंचायत का नाम एवं गाँव का नाम
गाँव में वार्डों की संख्या एवं परिवारों की संख्या
फर्म का नाम, मोबाइल नंबर और कार्य की अवधि
गाँव में झाड़ू लगाने का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर), नालियों की कुल लंबाई (मीटर) और सी.एस.सी. की संख्या
कार्य आदेश के अनुसार कार्य अंतराल
कार्य करने का दिनांकवार इंद्राज एवं कुल कार्य दिवस
फर्म के प्रतिनिधि के हस्ताक्षर तथा चैक करने वाले अधिकारी (सरपंच / LDC / VDO) के हस्ताक्षर, नाम व पद
ग्राम पंचायत स्तर पर 'बर्तन बैंक' की स्थापना हेतु दिशा-निर्देश
ग्राम पंचायत स्तर पर 'बर्तन बैंक' की स्थापना एवं संचालन
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'बर्तन बैंक' की स्थापना हेतु संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रथम चरण में एक हजार ग्राम पंचायतों में स्टील के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्य बिंदु एवं कार्यप्रणाली:
उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी बैठकों, व्यक्तिगत, सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक/डिस्पोजल के स्थान पर स्टील के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा देना।
बर्तन सेट विवरण: प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु न्यूनतम 400 सेट उपलब्ध होंगे। एक सेट में 1 प्लेट, 3 कटोरी, 1 चम्मच एवं 1 गिलास (कुल 6 बर्तन) होंगे।
संचालन: बर्तन बैंक का संचालन आजीविका की महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा किया जाएगा।
शुल्क निर्धारण: प्रत्येक बर्तन के सेट हेतु उपयोगकर्त्ता के लिए किराया 3.00 रुपये प्रति सेट रहेगा। बीपीएल, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा आदि श्रेणियों या विशेष परिस्थितियों में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकेगी।
वित्तीय प्रावधान: ग्राम पंचायत द्वारा GF&AR तथा RTPP Act & Rules के अनुसार अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की राशि से उच्च गुणवत्ता के स्टील बर्तन क्रय किए जाएंगे। यह व्यय राज्य वित्त आयोग मद से किया जाएगा।
एम.ओ.यू. (MOU): बर्तन बैंक के संचालन हेतु ग्राम पंचायत और आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह के मध्य समझौता ज्ञापन (MOU) निष्पादित किया जाएगा।
यह दिशा-निर्देश वित्त विभाग की आई.डी. संख्या 332500493 दिनांक 24.03.2025 से अनुमोदित हैं।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय की बजट घोषणा के अनुपालन में जनता जल योजनाओं का पीएचईडी विभाग को हस्तांतरण
जनता जल योजनाओं का पीएचईडी (PHED) विभाग को हस्तांतरण
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 4 (1050) पंरावि/पीसी/जेजेवाई पीएचईडी को हस्तांतरण/2022/910 दिनांक 29.04.2022 के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री महोदय की दिनांक 21.03.2022 की बजट घोषणा की पालना में जनता जल योजनाओं को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) विभाग को हस्तांतरित किए जाने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
घोषणा की पृष्ठभूमि: माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा वित्त विनिमय विधेयक चर्चा पर घोषणा की गई थी कि पंचायतों को जनता जल योजना चलाने में वित्तीय संसाधनों और तकनीकी मैनपावर की कमी के कारण समस्या आती है। अतः पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए इन्हें पीएचईडी विभाग को सौंपा जाएगा।
हस्तांतरण की तिथि: ग्राम पंचायतों के अधीन जनता जल योजनाएं दिनांक 30.04.2022 तक रहेंगी तथा दिनांक 01.05.2022 से उक्त जनता जल योजनाएं पीएचईडी विभाग के अधीन रहेंगी।
आवश्यक कार्रवाई: सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले की ग्राम पंचायतों की जनता जल योजनाओं को जिला स्तर पर पीएचईडी अधिकारियों को हस्तांतरित करें और इसकी पालना रिपोर्ट विभागीय ई-मेल पर भिजवाएं।
प्रधान मंत्री आवास योजना - ग्रामीण: मॉडल डिज़ाइन 2 और 3
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण
यह दस्तावेज़ प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के तहत मॉडल डिज़ाइन 2 और मॉडल डिज़ाइन 3 के संरचनात्मक प्लान और 3D मॉडल को प्रदर्शित करता है। ग्राम पंचायत और ग्रामीण उपयोगकर्ताओं के लिए यह जानकारी आवास निर्माण के लिए उपयोगी डिज़ाइन समझने में सहायक है।
मुख्य बिंदु:
मॉडल डिज़ाइन - 2: इसमें मल्टीपर्पस रूम (3.2M X 2.7M), स्टोर (2M X 2.7M), किचन (2.4M X 2.4M), बाथ, टॉयलेट और लॉबी/वरांडा शामिल हैं।
मॉडल डिज़ाइन - 3: इसमें दो मल्टीपर्पस रूम (3M X 2.7M और 3M X 2.6M), कुकिंग स्पेस, स्टोरेज, टॉयलेट, वॉशिंग एरिया और टैंक का प्रावधान दिया गया है।
नोट: यह विवरण केवल योजना के मॉडल डिज़ाइन और प्लान के दृश्यों पर आधारित है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) क्रियान्वयन फ्रेमवर्क: महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और मुख्य बिंदु
यह दस्तावेज ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के क्रियान्वयन का फ्रेमवर्क है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2022 तक देश के सभी बेघर परिवारों तथा कच्चे व जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
मुख्य विशेषताएं एवं वित्तीय प्रावधान:
लक्ष्य: 2016-17 से 2018-19 तक तीन वर्षों में एक करोड़ ग्रामीण आवास निर्माण का लक्ष्य।
आवास का आकार: मकान का न्यूनतम आकार बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर (साफ-सुथरे रसोई घर सहित) कर दिया गया है।
इकाई सहायता: मैदानी क्षेत्रों में 70,000 रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये तथा पर्वतीय राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों एवं आईएपी जिलों में 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये की गई है।
शौचालय निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), मनरेगा या अन्य स्रोतों से शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता।
मनरेगा मजदूरी: आवास निर्माण के लिए मनरेगा के अंतर्गत 90 / 95 दिनों की अकुशल मजदूरी का प्रावधान।
ऋण सुविधा: इच्छुक लाभार्थियों को वित्तीय संस्थाओं से 70,000 रुपये तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में मदद।
लाभार्थियों का चयन और सत्यापन:
लाभार्थियों का चयन सामाजिक आर्थिक जाति आधारित जनगणना (एसईसीसी) 2011 के आंकड़ों और मापदंडों के आधार पर ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवाससॉफ्ट (AwaasSoft) पोर्टल और आवास ऐप के माध्यम से ई-शासन, जिओ-टैगिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई है।
प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शपथ-पत्र प्रारूप
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शपथ-पत्र प्रारूप
यह दस्तावेज़ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वयं के आवास निर्माण हेतु अनुदान या सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदक द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ-पत्र का प्रारूप है।
मुख्य बिंदु:
आवेदक का देश में अन्यत्र कोई पक्का मकान नहीं है।
आवास निर्माण हेतु उपलब्ध भूखंड आवेदक के स्वयं के स्वामित्व का है।
पूर्व में किसी आवासीय योजना की सब्सिडी या लाभ नहीं लिया गया है।
परिवार के किसी भी सदस्य की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपए से कम है।
भूखंड रिक्त या कच्चा आवास है।
सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान राशि से न्यूनतम 25 वर्गमीटर प्लिंथ क्षेत्र का नवीन पक्का आवास अधिकतम 12 महीने में पूर्ण करने की वचनबद्धता।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: आवश्यक दस्तावेजों की चेक लिस्ट और पात्रता शर्तें
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण चेक लिस्ट
यह दस्तावेज़ कार्यालय ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता शर्तों की जानकारी प्रदान करता है। ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर आवेदन प्रक्रिया के लिए यह चेक लिस्ट अत्यंत उपयोगी है।
आवश्यक दस्तावेज
प्रार्थी की पासपोर्ट साईज़ प्रमाणित फोटो
फार्म में 14 बिन्दु की जांच रिपोर्ट
प्रार्थी का स्वयं का मोबाइल नम्बर अथवा रिश्तेदार का मोबाइल नम्बर
जॉब कार्ड के आन लाईन नम्बर / स्पष्ट छायाप्रति (स्वयं प्रमाणित)
प्रस्तावित भूखण्ड का प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत लाभार्थी का पट्टा / खातेदारी भूमि की नकल
बैंक पास बुक की स्पष्ट छाया प्रति (स्वयं प्रमाणित)
आधार कार्ड की स्पष्ट छाया प्रति (स्वयं प्रमाणित)
जन आधार / भामाशाह कार्ड की स्पष्ट छाया प्रति (स्वयं प्रमाणित)
विकलांग हो तो प्रमाण पत्र की स्पष्ट छाया प्रति (स्वयं प्रमाणित)
आवास स्वीकृति हेतु पात्रता की शर्तें (14 बिन्दु जांच रिपोर्ट मुख्य बिंदु)
मोटर साईकिल दुपहिया / तिपहिया / चौपहिया वाहन / मछली नाव नहीं है।
मेकेनाइज्ड तिपहिया / चौपहिया वाहन कृषि उपकरण नहीं है।
किसान कैडिट कार्ड, कैडिट सीमा के साथ 50 हजार या उससे अधिक का नहीं है।
परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी नहीं है।
परिवार के गैर कृषि उद्यमों का सरकार के साथ पंजीकृत नहीं है।
परिवार के किसी भी सदस्य की आय अधिकतम रुपये 10 हजार प्रति माह नहीं है।
इन्कमटैक्स नहीं देता हूँ।
व्यासायिक कर नहीं देता हूँ।
स्वयं का रेफ्रिजरेटर नहीं है।
स्वयं का लेण्डलाईन फोन नहीं है।
स्वयं 2.5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के साथ एक सिंचित उपकरण नहीं है।
5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के लिए दो या अधिक फसल मौसम नहीं है।
मालिक 7.5 एकड़ भूमि या अधिक, एक सिंचाई उपकरण के साथ नहीं है।
किसी भी सरकारी योजना में आवास निर्माण हेतु मेरे परिवार के पक्ष में आ दिनांक तक कोई स्वीकृति जारी नही हुई है अथवा कोई पक्का मकान आवंटन नहीं है।
नोट: सरकार द्वारा नवीन आवास हेतु निर्धारित अनुदान सहायता राशि से मैं न्यूनतम 25 वर्गमीटर प्लिंथ क्षेत्र का नवीन पक्का आवास निर्माण अधिकतम 12 माह की अवधि में पूर्ण कराने के लिए वचनबद्ध हूँ। आवासीय अनुदान सहायता से अधिक होने वाले व्यय की व्यवस्था मैं अपने स्तर पर स्वयं करूँगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता गतिविधियों के भुगतान के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता गतिविधियों के भुगतान संबंधी निर्देश
राजस्थान सरकार, निदेशालय, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने एवं संपादित स्वच्छता गतिविधियों के भुगतान के संबंध में आदेश क्रमांक एफ 12(परावि/एसबीएम/BSR Sanitation/2024-25/3037-44 दिनांक 05.02.2025 जारी किया गया है।
भुगतान की प्रक्रिया एवं मुख्य बिंदु:
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था हेतु ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्थायी आदेश संख्या 1/2024 दिनांक 03.09.2024 के तहत 05 आइटम की दरों का निर्धारण कर संवेदक के माध्यम से निविदा आमंत्रित कर कार्य करवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मॉडल टेंडर डॉक्यूमेंट के बिंदु संख्या 27, 28, 31 के अनुसार संवेदक द्वारा किए जा रहे स्वच्छता कार्य का भुगतान मासिक आधार पर निम्नलिखित प्रक्रिया से होगा:
सफाई कार्य की ग्राम पंचायत के दैनिक रजिस्टर में प्रविष्टि / रिपोर्ट।
ग्राम पंचायत में ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति की रिपोर्ट।
स्वच्छता कार्यों की ऑनलाइन पोर्टल लागू किए जाने पर ऐप की रिपोर्ट।
तकनीकी अधिकारी (कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता) द्वारा सड़क एवं नाली सफाई का सत्यापन एवं समस्त 4 संधारित रजिस्टरों में इन्द्राज कर हस्ताक्षर करना।
उक्तानुसार संधारित रजिस्टर/लॉगबुक की प्रतिलिपि प्रतिमाह विकास अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी।
हस्ताक्षर रजिस्टर की छायाप्रतियां बिल के साथ संलग्न कर भुगतान किया सकेगा।
कार्यों के सम्पादन हेतु सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम, RTPP Act and Rules, ग्रामीण कार्य निर्देशिका, 15वां वित्त आयोग / राज्य वित्त आयोग के प्रावधान लागू होंगे।
SOP के अनुसार संबंधित तकनीकी अधिकारियों के निरीक्षण/सत्यापन/प्रमाणीकरण उपरांत उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के पश्चात राशि का समायोजन 15वें वित्त आयोग एवं अन्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदक के माध्यम से स्वच्छता कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निरीक्षण हेतु स्वच्छता क्लस्टर प्रभारी नियुक्त करने के संबंध में
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग
राजस्थान सरकार, निदेशालय स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदक के माध्यम से संचालित स्वच्छता कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निरीक्षण हेतु स्वच्छता क्लस्टर प्रभारी नियुक्त किए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं निर्देश
पत्रांक एवं दिनांक: पत्रांक एफ 4 परावि/SBM(G)/BSR/2024-25/ 2928-34, दिनांक 24.01.2025
उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, सड़क एवं नाली की सफाई तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की सफाई कार्य को नियमित और प्रभावी रूप से सुनिश्चित करना।
क्लस्टर निर्धारण: प्रत्येक पंचायत समिति में सहायक अभियंता, अतिरिक्त विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता एवं कनिष्ठ तकनीकी सहायक के पदों की संख्या के आधार पर समान संख्या में ग्राम पंचायतों का क्लस्टर निर्धारित किया जाएगा।
अधिकारियों के दायित्व: विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी, स्वच्छता क्लस्टर प्रभारी, ब्लॉक समन्वयक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला स्तरीय स्वच्छता प्रभारी और जिला परियोजना समन्वयक के लिए अलग-अलग साप्ताहिक/दैनिक निरीक्षण और समीक्षा बैठक के निर्देश दिए गए हैं।
समस्त संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों की पालना 3 दिवस में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना के संबंध में नोटिस प्रारूप
ग्राम पंचायत सफाई एवं कचरा संग्रहण नोटिस प्रारूप
यह दस्तावेज़ ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान नियमित सफाई और घर-घर कचरा संग्रहण के लिए जारी किए जाने वाला आधिकारिक नोटिस प्रारूप है।
मुख्य बिंदु:
विषय: ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में।
उद्देश्य: संबंधित फर्म को यह सूचित करना कि उनके द्वारा निविदा में उल्लिखित शर्तों के अनुसार सफाई कार्य और घर-घर कचरा संग्रहण नहीं किया जा रहा है।
निर्देश: स्वच्छता टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चेतावनी: निर्देशों की पालना न करने पर निविदा शर्तों के अनुसार विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है जिसकी जिम्मेदारी स्वयं फर्म की होगी।
हस्ताक्षरकर्ता: सरपंच / प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी।
पन्द्रहवें वित्त आयोग (2021-26) की सिफारिशों के तहत पंचायती राज संस्थाओं के अनुदान उपयोग हेतु संशोधित दिशा-निर्देश
पन्द्रहवें वित्त आयोग दिशा-निर्देश 2021-26
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा पन्द्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत पंचायत अवधि (2021-26) के दौरान पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान राशि के उपयोग एवं कार्यान्वयन हेतु संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं (क्रमांक: एफ.165(13)पंचारावि/ले.ब./15वां वि.आ./दिशा-निर्देश/2021-22/301, दिनांक 15-2-2022)।
प्रमुख बिंदु एवं अनुदान का विभाजन
टाइड-ग्रैंड (Tied-Grant): कुल अनुदान का 60 प्रतिशत भाग राष्ट्रीय प्राथमिकताओं जैसे पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता के लिए निर्धारित किया गया है।
अनअटायड-ग्रैंड (Untied-Grant): कुल अनुदान का 40 प्रतिशत भाग पंचायती राज संस्थाओं द्वारा मूलभूत सेवाओं में सुधार लाने के लिए उपयोग किया जा सकेगा।
अनुदान हस्तांतरण का आधार: पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषदों को 5 प्रतिशत, पंचायत समितियों को 20 प्रतिशत एवं ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत) में राशि का वितरण किया गया है।
मूल (Untied) अनुदान के उपयोग के मुख्य क्षेत्र
स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से संबंधित गतिविधियां (जैसे टीकाकरण व कुपोषण की रोकथाम)।
ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण और मरम्मत।
ग्राम पंचायत क्षेत्रों के अंदर और अन्तर ग्राम पंचायत सड़कों व पैदल रास्तों का निर्माण व मरम्मत।
एलईडी स्ट्रीट लाइट्स और सोलर लाइटिंग की स्थापना व रख-रखाव।
श्मशान और कब्रिस्तान का निर्माण, मरम्मत एवं रख-रखाव।
सार्वजनिक पुस्तकालय, बच्चों के पार्क, खेल का मैदान और ग्रामीण हाट।
तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यय
15वें वित्त आयोग के तहत देय मूल (अनटायड) अनुदान का अधिकतम 10 प्रतिशत तकनीकी एवं प्रशासनिक व्ययों (जैसे संविदा पर डेटा एंट्री ऑपरेटर/इंजीनियर की सेवाएं, कंप्यूटर क्रय, इंटरनेट सुविधा, सिविल कार्यों की गुणवत्ता की जांच आदि) के लिए उपयोग किया जा सकता है।
बेंध-अनुदान (Tied Grants) के अंतर्गत प्राथमिकताएं
बेंध-अनुदान (Tied-Grant) की 50% राशि का उपयोग स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति तथा शेष 50% राशि का उपयोग पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और जल पुनर्चक्रण की बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई एवं घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना के संबंध में नोटिस प्रारूप
ग्राम पंचायत नोटिस प्रारूप: सफाई एवं कचरा संग्रहण निविदा शर्तें
यह दस्तावेज़ कार्यालय ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता और कचरा संग्रहण कार्य में संलग्न फर्मों को जारी किए जाने वाले नोटिस का आधिकारिक प्रारूप है। इसके माध्यम से संबंधित फर्मों को उनके द्वारा निविदा शर्तों की पालना नहीं किए जाने पर सूचित किया जाता है।
मुख्य बिंदु:
विषय: ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण की निविदा शर्तों की पालना नहीं करने के संबंध में।
वित्तीय वर्ष: वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत सफाई और घर-घर कचरा संग्रहण के लिए ली गई निविदाओं पर लागू।
निर्देश: संबंधित फर्म को स्वच्छता टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं।
चेतावनी: शर्तों की पालना न करने पर निविदा शर्तों के अनुसार विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है जिसकी जिम्मेदारी स्वयं फर्म की होगी।
नोटिस का क्रम: यह नोटिस आवश्यकतानुसार प्रथम, द्वितीय या तृतीय नोटिस के रूप में जारी किया जा सकता है।
इस प्रारूप का उपयोग सरपंच, प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा किया जा सकता है।
15वें वित्त आयोग वित्तीय वर्ष 2023-24 (टייד अनुदान द्वितीय किस्त) की राशि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मैनुअल रिसिप्ट वाउचर की प्रविष्टि के संबंध में
15वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड अनुदान की प्रविष्टि के संबंध में निर्देश
कार्यालय जिला परिषद, बाड़मेर एवं ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देय टाइड अनुदान की द्वितीय किस्त की राशि रुपये 872.86 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए) के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
विषय: 15वें वित्त आयोग अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देय टाइड अनुदान की द्वितीय किस्त की राशि रुपये 872.86 करोड़ राशि के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर मैनुअल रिसिप्ट वाउचर की एंट्री खुलवाने के संबंध में।
तकनीकी कारणों से छूट: 15वें वित्त आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देय टाइड अनुदान की प्रथम किस्त की राशि रुपये 791.34 करोड़ पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषदों, पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों) को हस्तांतरित की जा चुकी है, किंतु तकनीकी कारणों से संपूर्ण राशि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही थी।
अनुमति: पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उक्त राशि के मैनुअल रिसिप्ट दिनांक 20.02.2025 तक खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है।
निर्देश: 15वें वित्त आयोग अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देय टाइड अनुदान की द्वितीय किस्त की राशि रुपये 872.86 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए देय टाइड अनुदान की प्रथम किस्त की राशि रुपये 791.34 करोड़) पंचायती राज संस्थाओं यथा जिला परिषदों, पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की गई राशि की सीमा में ही मैनुअल रिसिप्ट वाउचर की एन्ट्री किया जाना सुनिश्चित करें।
व्यक्तिगत जिम्मेदारी: उक्त राशि की सीमा से अधिक राशि का इन्ड्राज किये जाने पर संबंधित व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
षष्ठ राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन एवं अनुदान उपयोग हेतु दिशा-निर्देश (वित्तीय वर्ष 2024-25)
षष्ठ राज्य वित्त आयोग (2020-25) दिशा-निर्देश 2024-25
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज), राजस्थान सरकार द्वारा क्रमांक एफ 165(07)पंकावि/एसएफसी/षष्ठ/दिशा-निर्देश/2024-25/347 दिनांक 28.01.2025 के अंतर्गत षष्ठ राज्य वित्त आयोग की अंतिम रिपोर्ट (2020-25) पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही विवरण (ATR) के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान के उपयोग हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अनुदान राशि का मुख्य विभाजन
मूलभूत एवं विकास कार्य (55 प्रतिशत राशि): ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई, स्वच्छता, पार्कों की चारदीवारी, सामुदायिक केंद्रों का निर्माण, आंतरिक सड़कों/सी.सी. रोड व नालियों का निर्माण (अधिकतम 40% सीमा तक), इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर क्रय, ऑडिट फीस का भुगतान, जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षण और मानदेय, तथा निजी आय बढ़ाने हेतु वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण आदि कार्य किए जा सकेंगे।
राष्ट्रीय/राज्य प्राथमिकता की योजनाएं/गतिविधियां (40 प्रतिशत राशि): सूचना प्रौद्योगिकी/ई-गवर्नेंस/डेटाबेस (प्रियासॉफ्ट, पीएफएमएस, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, कंप्यूटर ऑपरेटर), पेयजल/आर.ओ. प्रणाली, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना, स्वच्छता अभियान, श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, सौर/एल.ई.डी. लाइटें, अग्निशमन सेवाएं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और युवा विकास से जुड़े क्रियाकलाप।
लिंगानुकूल स्थान बनाने के लिए (2 प्रतिशत राशि): प्रत्येक पंचायती राज संस्थान में हाथ धोने की सुविधाओं सहित पृथक शौचालय, महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु आंतरिक समितियों का प्रदर्शन पट्ट, महिलाओं की अध्यक्षता में हेल्प डेस्क तथा महिला आगंतुकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था।
निष्पादन के लिए प्रोत्साहन अनुदान (3 प्रतिशत राशि): वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यदि कोई पंचायती राज संस्था अपनी स्वयं की कर/गैर-कर राजस्व (निजी आय) पिछले तीन वर्षों की औसत आय की तुलना में बढ़ाती है, तो उसे बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि के समान प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु आवंटन अनुपात
राज्य के स्वयं के शुद्ध कर राजस्व के 7.00 प्रतिशत हिस्से का वितरण 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय स्थानीय निकायों के मध्य 73.2 एवं 26.8 प्रतिशत के अनुपात में किया गया है। जिला परिषदों को 5 प्रतिशत, पंचायत समितियों को 20 प्रतिशत और ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत हिस्सा राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिए जाने की संस्कृति की गई है।
प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) नयाँ आवास आवेदन फॉर्म और आवश्यक दस्तावेज चेकलिस्ट
प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) आवेदन फॉर्म और दिशानिर्देश
यह दस्तावेज़ ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और पंचायती राज विभाग के अंतर्गत प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण के नए आवास निर्माण हेतु आवेदन पत्र, स्वीकृति प्रक्रिया, शपथ-पत्र, भूमि प्रमाण-पत्र, सहमति-पत्र और चेकलिस्ट का आधिकारिक प्रारूप प्रस्तुत करता है।
मुख्य उद्देश्य एवं प्रक्रिया
प्रपत्र-24(1/1): यह नया आवास प्राप्त करने के लिए ग्रामीण विकास अधिकारी, टैग अधिकारी या ई-मित्र के माध्यम से भरा जाने वाला आवेदन पत्र है।
योग्यता और पात्रता: आवेदक का नाम PWL-2021 की वरीयता सूची में होना चाहिए। आवेदक के पास पूर्व में पक्का मकान नहीं होना चाहिए और वह निर्धारित अपवर्जन मानदंडों (जैसे वाहन, सरकारी नौकरी, आयकरदाता, भूमि सीमा आदि) के दायरे में नहीं आना चाहिए।
अनुदान और निर्माण शर्तें: आवास निर्माण हेतु मिलने वाली सहायता राशि से न्यूनतम 25 वर्गमीटर प्लिथ क्षेत्र का नया आवास अधिकतम 12 माह की अवधि में पूरा करना अनिवार्य है।
स्वीकृति प्रक्रिया: ग्राम विकास अधिकारी या टैग अधिकारी द्वारा पात्रता की जाँच, जियो टैग फोटो, Aawas Soft पर रजिस्ट्रेशन और पंचायत समिति स्तर पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी जाती है।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट
वरीयता अनुसार भरा हुआ पूर्ण रजिस्ट्रेशन फॉर्म (प्रपत्र-1) और प्रमाणित फोटो
जमीन से संबंधित दस्तावेज की प्रमाणित प्रति या भूमि संबंधित प्रमाण-पत्र / सहमति-पत्र
ग्राम पंचायत की आबादी भूमि में रहवासी होने का प्रमाण-पत्र (सरपंच/ग्राम विकास अधिकारी द्वारा)
जॉब कार्ड, जन आधार कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड की प्रमाणित प्रतियाँ
आवेदक स्वयं की बैंक खाता संख्या की छाया प्रति
शपथ-पत्र, योग्यता निर्धारण शपथ-पत्र, कंसेंट फॉर्म (Consent Form) और आधार कार्ड सहमति प्रमाण-पत्र
कार्यस्थल एवं प्रस्तावित कार्य की जियो टैग फोटो
नोट: तथ्य छिपाकर या गलत जानकारी देकर लाभ प्राप्त करने पर राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान राशि दण्डनीय ब्याज सहित वसूली योग्य होगी और प्रशासनिक स्वीकृति निरस्त कर दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्य और मॉडल टेंडर डॉक्यूमेंट के संबंध में दिशा-निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिए मॉडल टेंडर और दरें
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (ग्रामीण विकास, अनुभाग-5), जयपुर द्वारा दिनांक 03/09/2024 को जारी स्थायी आदेश संख्या 01/2024 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों के संपादन के संबंध में निर्देश और मॉडल टेंडर डॉक्यूमेंट जारी किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
स्वच्छता गतिविधियां: घर-घर कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण, सड़क/बाजार/मुख्य चौक की सफाई, नाली सफाई और सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC) की सफाई शामिल है।
निर्धारित दरें: घर-घर कचरा संग्रहण (वाहन पंचायत द्वारा उपलब्ध कराने पर रु. 0.88 प्रति घर प्रतिदिन और संवेदक द्वारा वाहन उपलब्ध कराने पर रु. 2.63 प्रति घर प्रतिदिन), कचरा पृथक्करण (रु. 0.45 प्रति घर प्रतिदिन), सड़क सफाई (रु. 0.10 प्रति वर्गमीटर), नाली सफाई (रु. 57.69 प्रति घनमीटर) और सामुदायिक स्वच्छता परिसर सफाई (रु. 49.08 प्रति एस.सी.एस. एक बारिज) निर्धारित की गई हैं।
समय सीमा: परिवारों की संख्या एवं स्वच्छता आकलन सितंबर माह का प्रथम सप्ताह, निविदा जारी करना सितंबर माह का द्वितीय सप्ताह, कार्य आदेश जारी करना सितंबर माह का चतुर्थ सप्ताह और कार्य प्रारंभ 02 अक्टूबर को निर्धारित है।
नियम एवं शर्तें: सभी कार्य RTPP Act 2012 और RTPP Rules 2013 के प्रावधानों के तहत ई-निविदा प्रक्रिया द्वारा संपादित किए जाएंगे।