सोलहवें वित्त आयोग व्याख्यात्मक ज्ञापन - मुख्य विवरण
यह दस्तावेज़ वित्त मंत्रालय (बजट प्रभाग) द्वारा फरवरी 2026 में जारी किया गया व्याख्यात्मक ज्ञापन है, जो 17 नवंबर, 2025 को माननीय राष्ट्रपति को सौंपी गई सोलहवें वित्त आयोग (XXI-FC) की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई से संबंधित है। यह रिपोर्ट संविधान के अनुच्छेद 281 के अनुसरण में सदन के पटल पर प्रस्तुत की गई है। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए की गई मुख्य सिफारिशों और सरकार के निर्णयों का सारांश दिया गया है।
प्रमुख बिंदु
- कर राजस्वों का साझा करना (ऊर्ध्वाधर अंतरण): आयोग ने राज्यों के हिस्से को केंद्रीय करों की निवल प्राप्तियों के 41 प्रतिशत पर बनाए रखा है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
- स्थानीय निकाय अनुदान: वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए कुल 7,91,493 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की गई है।
- अनुदान वर्गीकरण और शर्तें: ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान को मूल और निष्पादन घटकों में वर्गीकृत किया गया है। मूल घटक का 50 प्रतिशत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और/या जल प्रबंधन के लिए आरक्षित किया जाएगा।
- आपदा प्रबंधन वित्तपोषण: वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए कुल 2,04,401 करोड़ रुपये की कुल धनराशि की सिफारिश की गई है।
