पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों के संबंध में परिपत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं की बैठकों के कार्यवाही विवरण (Minutes of Meetings) के संधारण और पालना के संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। यह दस्तावेज सभी ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए बैठकों की कार्यप्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जारी किया गया है।
मुख्य दिशा-निर्देश एवं बिंदु
- हिन्दी भाषा में अभिलेखन: राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-44 के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव, पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी और जिला परिषद स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही विवरण अनिवार्य रूप से हिन्दी में लिखा जाना चाहिए।
- हस्ताक्षर और उपस्थिति: बैठकों में उपस्थित सदस्यों की उपस्थिति, उनके हस्ताक्षर तथा लिए गए विनििश्चय स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाने चाहिए। कार्यवाही विवरण के अंत में बिना कोई रिक्त स्थान छोड़े हस्ताक्षर कराए जाएं ताकि बाद में कोई प्रस्ताव न जोड़ा जा सके।
- निजी प्रिंटेड रजिस्टरों का प्रयोग बंद करने बाबत: राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 (जो कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 124 के तहत निरस्त हो चुका है) के प्रपत्र संख्या 24 (नियम 164) वाले निजी प्रिंटेड कार्यवाही विवरण रजिस्टरों का उपयोग विधि विरुद्ध है। अतः इनका उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और केवल सामान्य लाइनदार रजिस्टर का उपयोग किया जाए।
- संकल्पों की रिपोर्टिंग: अधिनियम या नियमों के विपरीत पारित किसी संकल्प के संबंध में 24 घंटे के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट किया जाना आवश्यक है।
- प्रतियों का प्रेषण: कार्यवाही विवरण की प्रतियां संबंधित पंचायत समिति, जिला परिषद तथा सभी वार्ड पंचों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों को भेजी जाएं।
- पंचायत निर्णय एवं सभा सार पोर्टल: ग्राम सभा बैठक का कार्यवाही विवरण फोटो आदि के साथ पंचायत निर्णय एवं सभा सार पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
