मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम - दिशा निर्देश 2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग (ग्रामीण विकास अनुभाग-6), राजस्थान सरकार द्वारा जारी क्रमांक एफ.55(01)ग्रावि/SAP/CM-Thar-BADP/मार्गदर्शिका/2025-12932 दिनांक 26.03.2025 के अंतर्गत 'मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम' की मार्गदर्शिका जारी की गई है।
कार्यक्रम का उद्देश्य एवं क्षेत्र
यह कार्यक्रम राजस्थान प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट निवास करने वाले परिवारों की सुविधाओं के उन्नयन, क्षेत्रीय विकास में असंतुलन को दूर करने तथा समग्र विकास पर बल देने के लिए शुरू किया गया है। यह शत-प्रतिशत राज्य वित्त पोषित कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और श्री गंगानगर जिलों के चयनित आबाद गांवों, कस्बों, अर्द्धशहरी/शहरी क्षेत्रों में संचालित होगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्य
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शाला भवनों एवं कमरों का निर्माण, आंगनबाड़ी भवन, स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम, छात्रावासों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार, खेल मैदान व पुस्तकालय भवनों का निर्माण।
- पेयजल: स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, फ्लोराइड युक्त पानी या खारे पानी वाले क्षेत्रों में वाटर ट्रीटमेंट/आर.ओ. प्लांट।
- सम्पर्क सड़क: आन्तरिक सड़कें एवं नाली, सरकारी कार्यालयों, शिक्षा एवं चिकित्सा केन्द्रों हेतु सुगम पहुँच मार्ग और पुल/पुलिया निर्माण।
- ऊर्जा: सरकारी भवनों, शिक्षा एवं चिकित्सा केन्द्रों में सोलर प्लांट (आवर्ती व्यय अनुमत नहीं)।
- कृषि एवं पशुपालन अवसंरचना: लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण, जल संरक्षण कार्य, पशु चारा संग्रहण केन्द्रों का निर्माण।
- खेल अवसंरचना: खेल मैदानों का निर्माण/विकास, खेल स्टेडियम, ओपन जिम/शारीरिक फिटनेस उपकरणों की स्थापना।
- पर्यटन एवं संस्कृति: पुरातत्व एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का विकास, शौचालय, पेयजल, रोशनी, सामुदायिक भवन, संपर्क सड़क व पार्किंग।
- महिला सशक्तीकरण: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों की बिक्री में सहयोग, हाट निर्माण, संकुल स्तरीय संगठन के लिए कार्यशाला भवन का निर्माण।
- कौशल विकास: ब्लॉक स्तर पर कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना।
वित्तीय प्रावधान एवं क्रियान्वयन
कार्यक्रम के अंतर्गत कुल राशि का 80 प्रतिशत जिलों को वार्षिक कार्योजना हेतु, 19 प्रतिशत राज्य स्तर पर संरक्षित, और 01 प्रतिशत राशि प्रशासनिक मद हेतु उपलब्ध होगी। वार्षिक कार्योजना में किसी भी कार्य की न्यूनतम धनराशि सामान्य रूप से 5 लाख रुपये से कम नहीं होगी। कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में 'जिला स्तरीय समिति' तथा राज्य स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में 'राज्य स्तरीय समिति' का गठन किया गया है।