स्थावर संपत्तियाँ और आबाद भूमि प्रबंधन
यह दस्तावेज़ राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत आने वाली स्थावर संपत्तियों, आबाद भूमि, भूखंडों के आवंटन, नीलामी, पट्टे जारी करने और पंचायत की आय के विभिन्न स्रोतों से संबंधित नियमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। इसमें ग्राम पंचायत स्तर पर संपत्तियों के रख-रखाव, निरीक्षण, और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को समझाया गया है।
मुख्य बिंदु:
- ग्राम पंचायत की संपत्ति: पंचायत सर्किल के आबाद क्षेत्र के भीतर आने वाली सभी सरकारी भूमियाँ, कॉमन भूमियाँ और सार्वजनिक मार्ग पंचायत में निहित होते हैं।
- आबाद भूमि और भूखंडों की नीलामी: भूमि का विक्रय सामान्यतः खुली नीलामी के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए नियम 141 से 154 तक की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।
- कमजोर वर्गों और संस्थाओं को आवंटन: अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, स्वच्छता कर्मियों, और अन्य पात्र परिवारों को रियायती दरों पर 150 वर्ग गज तक की आबाद भूमि का आवंटन किया जा सकता है।
- पट्टा जारी करने के नियम: पट्टे पर देने या पुराने मकानों के नियमितीकरण (नियम 157) के लिए निर्धारित शुल्क और प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
- निषिद्ध क्षेत्र: रेलवे लाइन, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अन्य जिला सड़कों के निर्धारित निश्चित दायरे के भीतर किसी भी आबाद भूमि का विक्रय या पक्का निर्माण अनुमत नहीं है।
