ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के महत्वपूर्ण परिपत्र
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा ग्राम पंचायतों की शक्तियों औरकार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। इन परिपत्रों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि ग्रामपंचायतों द्वारा किन दस्तावेजों को जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है।
मुख्य बिंदु:
- स्वामित्व एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC): क्रमांक एफ.4(16)दिशा-निर्देश/विधि/पंश/2016/325 दिनांक 17-4-2017 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 एवं राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में ग्राम पंचायतों द्वारा स्वामित्व प्रमाण-पत्र अथवा किसी निजी भवन के विक्रय आदि के संबंध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: ऐसे प्रमाण-पत्र जारी न किए जाएं।
- कुर्सीनामा / वारिस / उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र: क्रमांक एफ.139(16)निर्देश/विधि/पंश/2021/263 दिनांक 23-02-2021 एवं क्रमांक एफ.15(69)पंश्रावि/विधि/ग्रा.पं.मार्ग./जयपुर/2019/1801 दिनांक 30-08-2019 के अनुसार, सरपंचों या ग्राम पंचायतों द्वारा कुर्सीनामा, वारिस या उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र जारी किए जाने का भी पंचायती राज अधिनियम, 1994 व नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। विधिक दृष्टि से अमान्य होने के कारण ऐसे प्रमाण-पत्र जारी करने से सरपंचों/ग्राम पंचायतों को अनावश्यक जांच का सामना करना पड़ सकता है।
समस्त संबंधित अधिकारियों, जिला कलक्टरों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और विकास अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
