परिचय
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों द्वारा पट्टा बही का संधारण किए जाने के संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। विभाग के ध्यान में आया था कि कतिपय पंचायत समिति स्तर पर ग्राम पंचायतों द्वारा जारी पट्टों का रिकॉर्ड संधारित नहीं किया जा रहा है, जिससे अनियमित पट्टे जारी होने की संभावना रहती है।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 168 के मुख्य प्रावधान
- नियम 168(1): नीलामी, परक्रामण या आवंटन द्वारा किए गए समस्त विक्रय जिनके लिए पट्टे जारी किए गए, उनका अभिलेख पंचायत द्वारा प्ररूप 24 में रखी गई पट्टा बही में रखा जाएगा।
- नियम 168(2): पंचायत संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी को प्रत्येक मास के प्रथम सप्ताह में पट्टा बही की एक प्रति अग्रषित करेगी। विकास अधिकारी एक नियंत्रण रजिस्टर रखेगा जिसमें पंचायतवार लेजर रखा जाएगा और सत्यापन के प्रमाणस्वरूप प्रविष्टि पर हस्ताक्षर करेगा ताकि पिछली तारीखों में पट्टे जारी करना रोका जा सके।
- नियम 168(3): पंचायत समिति अपने स्तर पर पट्टा बहियां तीन परत में छपवाएगी। सभी पट्टों पर पुस्तक संख्या व क्रम संख्या होगी। पट्टे की पहली परत आवंटी को, दूसरी परत पंचायत कार्यालय में तथा तीसरी परत पंचायत समिति को रिकॉर्ड हेतु भेजी जाएगी।
अनुपालन एवं निर्देश
समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 168 में वर्णित प्रावधानों की पालना कड़ाई से अमल में लाई जाए। उक्त परिपत्र की अवहेलना किए जाने वाले संबंधित विकास अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
