ग्राम पंचायत पट्टा नामान्तरण और हस्तान्तरण प्रक्रिया

यह दस्तावेज राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1996 के नियम 157(1) के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टों के नामान्तरण (म्यूटेशन) और हस्तान्तरण से संबंधित आवेदन प्रारूप, कार्यवाहियों की सूची और आदेश प्रपत्र को स्पष्ट करता है।

मुख्य बिंदु एवं नियम

  • नियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 157(1) (प्ररूप-23 क)।
  • विभाग निर्देश: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के पत्र क्रमांक एफ 4 (86) नामान्तरण/विधि/परा/2018/603 जयपुर दिनांक 09.05.2018 की अनुपालना।
  • आवेदन का उद्देश्य: मूल पट्टाधारक की मृत्यु होने के कारण और निर्धारित अवधि में उप पंजीयन कार्यालय से पंजीयन न हो पाने की स्थिति में आबादी भूमि के पट्टे को वारिसान या हकत्याग के आधार पर आवेदक के नाम नामान्तरण/हस्तान्तरण करना।
  • संलग्नक: मूल विक्रय विलेख (पट्टा), मूल विक्रय विलेख की फोटो प्रति, पट्टा जारी की रसीद, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र।
  • शुल्क: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के नियमानुसार निर्धारित शुल्क (जैसे 100 रुपये)।

प्रक्रिया: ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन कर पत्रावली पंचायत बैठक में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की जाती है, जिसके उपरांत सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी द्वारा नामान्तरण/हस्तान्तरण आदेश जारी किया जाता है।