आबादी भूमि में भूमिहीन परिवारों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया

राज ई पंचायत पोर्टल के इस पोस्ट में राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 158(1) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आबादी भूमि में भूखंड (पट्टा) आवंटन करने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया और प्रपत्रों की जानकारी दी गई है।

मुख्य बिंदु एवं प्रक्रिया:

  • आवेदन: ग्राम पंचायत के वार्ड में निवास करने वाले भूमिहीन परिवार, जिनका भारत में कहीं भी आवासीय या कृषि भूमि का पट्टा नहीं है, वे सरपंच महोदय को निर्धारित दस्तावेजों (मतदाता पहचान पत्र/आधार कार्ड, राशन कार्ड, शपथ पत्र, बीपीएल कार्ड यदि हो) के साथ आवेदन प्रस्तुत करते हैं।
  • पटवारी का भूमिहीन प्रमाण पत्र: पटवार मंडल एवं तहसील स्तर पर यह प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक का परिवार राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमिहीन श्रेणी में आता है।
  • शपथ-पत्र: आवेदक द्वारा 50/- रुपये के स्टाम्प पेपर पर भूमिहीन होने और अन्य स्थान पर पट्टा न होने संबंधी शपथ-पत्र प्रस्तुत किया जाता है।
  • मौका निरीक्षण कमेटी: राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 146 के तहत ग्राम पंचायत द्वारा वार्ड पंचों की एक कमेटी का गठन किया जाता है जो स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करती है।
  • आपत्ति नोटिस: नियम 148 (प्रारूप 22) के तहत आबादी भूमि के आवंटन पर आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए नोटिस जारी किया जाता है।
  • रियायती दरें: नियम 158(1) के तहत अनुसूचित जाति, स्वच्छता कर्मियों, अनुसूचित जनजाति, श्रम मजदूरी पर आधारित भूमिहीन व्यक्तियों और गाड़िया लुहारों को रियायती दरों पर भूखंड आवंटित किए जाते हैं:
    • 1000 से कम आबादी वाले गांवों में: 2 रुपये प्रति वर्ग गज
    • 1001 से 2000 की आबादी वाले गांवों में: 5 रुपये प्रति वर्ग गज
    • 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों में: 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • पट्टा जारी करना: निर्धारित राशि ग्राम पंचायत कोष में जमा होने के पश्चात प्रपत्र-23 (ग) में विक्रय विलेख (पट्टा) जारी किया जाता है, जो कि अहस्तांतरणीय होता है।