जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 की जानकारी
राजस्थान सरकार के सांख्यिकी विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। यह पत्र दिनांक 24/09/2026 (क्रमांक-एफ/13/1/3/आर.जी.आई./वीएस/डीएस/2017/789) को जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं नए प्रावधान
- विधि एवं न्याय मंत्रालय (विधाई विभाग) भारत सरकार द्वारा जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 (No. 12 of 2026) को दिनांक 6 अगस्त 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया था।
- भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय की अधिसूचना के अनुसार इस अधिनियम के प्रावधान 01 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होंगे।
- धारा 13(3): यदि किसी जन्म या मृत्यु की घटना की विलंबित इत्तिला उसके घटित होने के एक वर्ष के पश्चात किंतु दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो वह केवल जिला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 14 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त) के आदेश तथा विहित फीस दिए जाने पर ही रजिस्ट्रकृत की जाएगी।
- धारा 13(3A): यदि किसी जन्म या मृत्यु की घटना की विलंबित इत्तिला उसके घटित होने के दो वर्ष के पश्चात दी जाती है, तो वह केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश तथा विहित फीस दिए जाने पर ही रजिस्ट्रकृत की जाएगी।
पंचायती राज एवं ग्राम पंचायत उपयोगकर्ताओं के लिए निर्देश: जिले के समस्त उपखंड अधिकारी (SDM), कार्यपालक मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नगर निगम/परिषद/पालिका के रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत के रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करें कि दिनांक 01.10.2026 के पश्चात उक्त संशोधित प्रावधानों की पालना अनिवार्य रूप से की जाए।
