जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026
भारत के राजपत्र में प्रकाशित The Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 (No. 12 of 2026) के माध्यम से Registration of Births and Deaths Act, 1969 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। यह अधिनियम 6 अगस्त, 2026 को जारी किया गया था।
मुख्य बिंदु और प्रावधान
- एक वर्ष से दो वर्ष के बीच विलंबित सूचना: यदि किसी जन्म या मृत्यु की जानकारी घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण संबंधित क्षेत्र के District Magistrate, Sub-Divisional Magistrate या District Magistrate द्वारा अधिकृत Executive Magistrate के आदेश और निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद ही किया जाएगा।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का संदर्भ: इस उप-भाग के प्रयोजनों के लिए, 'Executive Magistrate' का अर्थ Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 की धारा 14 की उप-धारा (1) के तहत नियुक्त Executive Magistrate से है।
- दो वर्ष के बाद विलंबित सूचना: यदि किसी जन्म या मृत्यु की जानकारी घटना के दो वर्ष बाद दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल Judicial Magistrate of the first class के आदेश, तथ्यात्मक सत्यापन और निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद ही संभव होगा।
