सरपंच हेतु महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना निर्देशिका - वर्ष 2010

यह निर्देशिका ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर द्वारा प्रकाशित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के सरपंचों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के सफल क्रियान्वयन, प्रशासनिक पारदर्शिता, सामाजिक अंकेक्षण और वित्तीय अनुशासन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु और प्रावधान

  • रोजगार का अधिकार: प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में 100 दिन का अकुशल शारीरिक श्रम का गारण्टीशुदा रोजगार प्रदान किया जाता है। आवेदन के 15 दिवस के भीतर कार्य देना अनिवार्य है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देय होता है।
  • पारदर्शिता और उत्तरदायित्व: सभी सूचनाओं को स्वैच्छिक रूप से जारी करना (Proactive Disclosure), कार्यस्थल बोर्ड लगवाना, दीवारों पर लेखन करना, और समयबद्ध मजदूरी भुगतान बैंक या पोस्ट ऑफिस के खातों के माध्यम से सुनिश्चित करना।
  • हरित राजस्थान योजना: राज्य में हरियाली बढ़ाने और सूखे के बचाव हेतु सघन वृक्षारोपण एवं हरित सड़क कार्यक्रम का संचालन।
  • भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र: प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर 10 लाख रुपये की लागत से सेवा केन्द्र का निर्माण, जिसमें सूचना, शिक्षा और संचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
  • रिकॉर्ड संधारण: रोकड़ बही, माप पुस्तिका (MB), स्टॉक रजिस्टर, और परिसंपत्ति एवं संचयी व्यय रजिस्टर का सही तरीके से संधारण।
  • महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी स्थायी समिति: योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर 5 सदस्यीय स्थायी समिति का गठन (अध्यक्ष: सरपंच, सदस्य: वार्ड पंच, कनिष्ठ अभियंता/तकनीकी सहायक, ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव, ग्राम रोजगार सहायक)।