विभागीय ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025 - भूमि स्वामित्व एवं मार्गदर्शन

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न निर्माण कार्यों की तकनीकी, सुगमता और गुणवत्ता के लिए विभागीय ग्रामीण कार्य निर्देशिका-2025 लागू की गई है। इस निर्देशिका के बिंदु संख्या 10 एवं परिशिष्ट 2 के प्रावधानों के संबंध में जिला कलेक्टरों को आवश्यक मार्गदर्शन जारी किया गया है।

मुख्य बिंदु एवं दिशा-निर्देश

  • आबादी भूमि: नए आंगनबाड़ी भवन, विद्यालय, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, शौचालय आदि के निर्माण के लिए आबादी क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना या नाम आवंटन/पट्टा जारी कराना आवश्यक है।
  • रास्ता/गोचर भूमि: नदी, नाला, तालाब के भराव क्षेत्र, रेलवे लाइन और सड़क सीमा के पास निर्माण स्वीकृत नहीं है। हालांकि सार्वजनिक शौचालयी, नालियों, ट्यूवेल, टंकी आदि के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर उचित निर्णय लिया जा सकता है।
  • खातेदारी भूमि (दान/समर्पण): परिसम्पत्तियों के निर्माण हेतु खातेदारी भूमि दान या उपहार स्वरूप ली जा सकती है, जिसके लिए नामांतरण, खसरा में लोकेशन दर्ज करना और सीमाज्ञान करवाना अनिवार्य है।
  • परिसम्पत्तियों का नामकरण: नवनिर्मित परिसम्पत्तियों (जैसे आंगनबाड़ी, विद्यालय, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन आदि) की भूमि स्वामित्व शासकीय कार्यालय/ग्राम पंचायत के नाम होना अनिवार्य है।