पंचायत समिति बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण के पुनर्गठन/पुनर्शीलन/नवसृजन प्रारूप 2025
पंचायत समिति पुनर्गठन और नवसृजन 2025
यह दस्तावेज़ बाड़मेर जिले की पंचायत समिति बाड़मेर एवं बाड़मेर ग्रामीण के पुनर्गठन, पुनर्शीलन और नवसृजन से संबंधित प्रारूप 2025 (परिशिष्ट - ख) को प्रस्तुत करता है। इस दस्तावेज़ में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन, उनकी वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित ग्राम पंचायतों के नाम तथा वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उनकी जनसंख्या का विवरण दिया गया है।
विवरण: विभिन्न ग्राम पंचायतों और उनके अंतर्गत आने वाले गांवों, ढाणियों की जनसंख्या (वर्ष 2011) एवं प्रस्तावित पुनर्गठन सूची का विस्तृत विवरण।
पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े उपयोगकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के लिए यह प्रारूप बाड़मेर क्षेत्र में प्रशासनिक सीमाओं और ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की जानकारी हेतु महत्वपूर्ण है।
पंचायत समिति बाड़मेर ग्रामीण: ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्रचलन का प्रारूप 2025
ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन/पुनर्रचलन प्रारूप 2025
यह दस्तावेज़ पंचायत समिति बाड़मेर ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन, पुनर्रचलन और नवसृजन से संबंधित प्रारूप 2025 को दर्शाता है। इसे ज़िला कलेक्टर, बाड़मेर (टीना डाबी) के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत तैयार किया गया है।
मुख्य विवरण
क्षेत्र: पंचायत समिति बाड़मेर ग्रामीण
उद्देश्य: ग्राम पंचायतों और उनमें सम्मिलित गांवों की जनसंख्या और सीमाओं का पुनर्गठन व पुनर्रचलन
विविध ग्राम पंचायतें: जालीपा, लाखेताली, मूढ़ो की ढाणी, बांदरा, कपूरड़ी, रोहिली, भाड़खा, खारिया तला, आदर्श ढूंढा, आदर्श चवा, सरू पणजी, सरू चमनजी, सरली, बेरीवाला तला, गंगासरा, सांजटा, शिवकर, धने का तला, गालाबेरी, हाजाणियों की ढाणी (करली), मातासर, रावतसर, भुटिया, रामसर का कुआं, खुड़ासा, नोख और मंगने की ढाणी।
इस प्रारूप में प्रत्येक वर्तमान ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों, उनकी जनसंख्या तथा प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में सम्मिलित गांवों के नए आँकड़ों को सारणीबद्ध किया गया है।
राजस्व ग्राम और पंचायत समिति पुनर्गठन शुद्धि पत्र - सिरोही जिला
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 28-12-2025 को एक शुद्धि पत्र जारी किया गया है। इसका पत्र क्रमांक एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/901 है।
मुख्य विवरण
यह शुद्धि पत्र विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/846 दिनांक 21.11.2025 और दिनांक 24.11.2025 को राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों को दुरुस्त करने तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात जारी किया गया है।
प्रमुख बातें
जिला: सिरोही
पुनर्गठित पंचायत समितियां: सिरोही और कालन्द्री
विद्यमान पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, पुरानी पंचायत समितियां अस्तित्व में नहीं रहेंगी और नई पुनर्गठित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन और संशोधन आदेश
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/900 दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित पूर्व अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/842 दिनांक 24.11.2025 में लिपिकीय त्रुटियों को दुरुस्त करने हेतु संशोधन शुद्धि पत्र जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु
राजसमंद जिला: आदेश के अनुसार राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन किया गया है।
कुंभलगढ़ और चारभुजा: विवरण के अनुसार कुंभलगढ़ और चारभुजा (मुख्यालय गढ़बोर) पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन और आवंटन किया गया है।
कार्यान्वयन: पूर्व में विद्यमान पंचायत समितियां इस तिथि से कार्य करना बंद कर देंगी और नई अनुसूची के अनुसार पंचायत समितियों का कार्यकाल एवं अधिकारिता प्रारंभ होगी।
जोधपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/899, दिनांक 28-12-2025 के माध्यम से जोधपुर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन की जानकारी दी गई है।
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जोधपुर जिले की निम्नलिखित पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन/नवसृजन किया गया है:
शेरगढ़
चाबा
सेखाला
चामू
बालेसर
आगोलाई (नवसृजित/पुनर्गठित)
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना की अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियां उसी नाम से जानी जाएंगी।
उक्त पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, जिले की विद्यमान पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तम्भ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगाराम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन और संशोधन बाबत अधिसूचना
जैसलमेर जिला पंचायत समिति पुनर्गठन संशोधन आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 28-12-2025 को एक अधिसूचना (क्रमांक: एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/898) जारी की गई है। यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंस/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/830 दिनांक 21.11.2025 और राजस्थान राजपत्र में 24.11.2025 को प्रकाशित सूचनाओं में लिपिकीय त्रुटियों को दुरुस्त करने तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात संशोधन हेतु जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
प्रभावित जिला: जैसलमेर
संशोधन का उद्देश्य: पूर्व में जारी अधिसूचनाओं की लिपिकीय त्रुटियों का सुधार और प्राप्त अभ्यावेदनों का निस्तारण।
कार्यकाल: सूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तम्भ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राजस्थान सरकार: पंचायत समिति गठन एवं पुनर्गठन संशोधन शुद्धि पत्र (जयपुर जिला)
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 28-12-2025 को एक शुद्धि पत्र अधिसूचना (क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/897) जारी की गई है।
मुख्य उद्देश्य
यह अधिसूचना दिनांक 21.11.2025 की विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/829 और दिनांक 26.11.2025 को राजस्थान राजपत्र विशेष अंक में प्रकाशित अधिसूचनाओं में रही लिपिकीय त्रुटियों को दुरुस्त करने तथा प्राप्त अभ्यावेदनों के निस्तारण के पश्चात जारी की गई है।
मुख्य बिंदु
जिला: जयपुर
संशोधित क्षेत्र/नाम: शाहपुरा, विराट नगर और अमरसर पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित विवरण।
सूची विवरण: अधिसूचना की अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों के नाम तथा स्तंभ 5 में उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों के नाम स्पष्ट किए गए हैं।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश डॉ. जोगा राम, शासन सचिव, राजस्थान सरकार द्वारा राज्यपाल की आज्ञा से जारी किया गया है।
बीकानेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन बाबत शुद्धि पत्र
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार
आदेश क्रमांक: एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/896 दिनांक: 24-12-2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी इस शुद्धि पत्र के माध्यम से जिला बीकानेर की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसृजन से संबंधित पूर्व में जारी विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/818 दिनांक 21.11.2025 (जो राजस्थान राजपत्र विशेषांक भाग 6(ग) में 24.11.2025 को प्रकाशित हुई थी) की लिपिकीय त्रुटियों को दुरुस्त किया गया है।
मुख्य बिंदु:
प्रभावित क्षेत्र: बीकानेर जिले की पुनर्गठित, पुनर्सीमांकित और नवसृजित पंचायत समितियां जैसे कोलायत, बज्जू खालसा, हदां, और बीछनोक तथा उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों का विवरण संशोधित किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात् उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में शुद्धि पत्र अधिसूचना
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार, जयपुर द्वारा भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में दिनांक 28-12-2025 को शुद्धि पत्र अधिसूचना (क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/895) जारी की गई है।
मुख्य बिंदु
संदर्भित अधिसूचना: यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/817 दिनांक 21.11.2025 तथा राजस्थान राजपत्र दिनांक 24.11.2025 में प्रकाशित त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए जारी की गई है।
आसींद पंचायत समिति: आसींद पंचायत समिति के अंतर्गत पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समिति का मुख्यालय आसींद रहेगा और इसमें बराणा, चोरेला, ब्राह्मणों की सेरी, दांतड़ा, डड़ावत, दौलतगढ़, जालरिया, जिन्द्रास, कांवलास, करजालिया, कटार, लाछुड़ा, मोड़ का निम्बाहेड़ा, नेगड़िया, पालड़ी, रघुनाथपुरा, रतनपुरा (ला), तिलोली, सुलवाड़ा, बामणी, पाण्डरू, जीवलिया, झालरा, राजपुरा, मालासेरी, रूपपुरा (ब) और बागमाली ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं।
बदनौर पंचायत समिति: बदनौर पंचायत समिति में मोटरास, आकड़सादा, जगपुरा, संग्रामगढ़ और जयनगर ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं।
हुरडा पंचायत समिति: हुरडा पंचायत समिति का मुख्यालय हुरडा रहेगा और इसमें हुरडा, कोटड़ी, आगूचा, बराठिया, भोजरास, रूपारेली, बड़ला, लाम्बा, कानिया, गागेड़ा, खेजड़ी, अंतली, जालमपुरा, तस्वारिया, सरेरी, गढवालों का खेड़ा, कंवलियास, जालखेड़ा, टोंकरवाड, भगवानपुरा, आपलियास, बागा का खेड़ा, परडोदास और सनोदिया ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं।
शम्भूगढ़ पंचायत समिति: शम्भूगढ़ पंचायत समिति का मुख्यालय शम्भूगढ़ रहेगा और इसके अंतर्गत शम्भूगढ़, आमेसर, बरसणी, गांगलास, ईरास, कालियास, रूपपुरा, मोतीलपुर, परासोली, जोधडास, दूलहेपुरा, रामुपरिया, धौली जेतुपुरा, मोटरास, आकड़सादा, जगपुरा, संग्रामगढ़, रायरा, जयनगर, बारणी, दांतड़ा, फलामादा, सोडार और उंखलिया ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. ओ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है।
उदयपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सีमांकन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/848 (दिनांक नवंबर 21, 2025) के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उदयपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सีमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनीम और प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98, धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों और आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह पुनर्गठन किया गया है।
अधिकारिता: अनुसूची के स्तंभ 4 में यथानामित पंचायत समितियां स्तंभ 5 में वर्णित स्थानीय क्षेत्र व ग्राम पंचायतों पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह अधिसूचना राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है।
टोंक जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन 2025 गजट अधिसूचना
टोंक जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन 2025 गजट अधिसूचना
सिरोही जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्सिमांकन - अधिसूचना
सिरोही जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सिरोही जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन और नवसर्जन किया गया है। यह अधिसूचना 21 नवंबर 2025 को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98, धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से सिरोही जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात् पुरानी पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
विस्तृत जानकारी के लिए राजस्थान राजपत्र, दिनांक 24 नवंबर 2025 का अवलोकन करें।
सीकर जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन एवं नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
सीकर जिले की ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सिमांकन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना (संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/845-, दिनांक 21 नवम्बर 2025) के अनुसार सीकर जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन एवं नवसृजन किया गया है।
मुख्य विवरण
जारीकर्ता विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
अधिसूचना दिनांक: 21 नवम्बर 2025 (राजस्थान राजपत्र असाधारण में प्रकाशित - 24 नवम्बर 2025)
कानूनी संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-98 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत
जिला कलेक्टरों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया, आपत्तियों के आमंत्रण एवं सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से सीकर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन व नवसृजन किया गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
शेड्यूल के अनुसार पुनर्भाषित पंचायत समितियां संबंधित क्षेत्र में अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
चुनावी प्रक्रिया और निर्धारित प्रावधानों के तहत पुरानी पंचायतों का कार्यकाल और नई पंचायतों का कार्यकाल तय किया जाएगा।
संबधित पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों की पूरी सूची राजपत्र अधिसूचना में संलग्न है।
राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना 2025
राजसमंद जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/842 (दिनांक 21 नवंबर 2025)
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, तथा धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों के तहत यह पुनर्गठन किया गया है।
प्रभावित क्षेत्र: राजसमंद जिले की पंचायत समितियां (जैसे आमेट, भीम, कुंभलगढ़, रेलमगरा और राजसमंद) और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतें।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखें।
पाली जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना
पाली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पाली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर 2025 में प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना संख्या एवं दिनांक: संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/839, दिनांक नवंबर 21, 2025।
संबंधित अधिनियम: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 तथा धारा-98।
प्रभावित क्षेत्र: पाली जिले की पंचायत समितियां (जैसे बगड़ी और मारवाड़ जंक्शन)।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात यह पुनर्गठन किया गया है।
अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
नागौर जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन 2025 गजट अधिसूचना
नागौर जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन 2025 गजट अधिसूचना
कोटा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसर्जन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
कोटा जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन और नवसर्जन की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कोटा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसर्जन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना संख्या एवं दिनांक: संख्या एफ.15(39)पंश/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/836, दिनांक नवम्बर 21, 2025 (राजस्थान राजपत्र असाधारण, 24 नवम्बर 2025)।
कार्रवाई का विवरण: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 में वर्णित शक्तियों के तहत जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर, सार्वजनिक अवलोकन एवं आपत्तियां आमंत्रित करने के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से कोटा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
शामिल पंचायत समितियां: सूची के अनुसार खैराबाद एवं चेचट पंचायत समितियों और उनसे संबंधित ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन किया गया है।
कार्यकाल की स्थिति: सूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ हो सके।
यह अधिसूचना राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है।
करौली जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन की अधिसूचना
करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए करौली जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित हुई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/834 (दिनांक 21 नवंबर 2025)।
अधिकार क्षेत्र: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई के उपरांत राज्य सरकार के अनुमोदन से करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
नया कार्यकाल: पुनर्गठित/पुनर्रसीमांकित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, पुरानी पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
झुंझुनूं जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्रचना - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/832, दिनांक नवम्बर 21, 2025 के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झुंझुनूं जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमार्कीकरण और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र असाधारण में नवम्बर 24, 2025 को प्रकाशित की गई है।
झुंझुनूं जिले के अंतर्गत आने वाली विभिन्न पंचायत समितियों और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमार्कीकरण किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, चुनी गई नई/पुनर्गठित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, पुरानी पंचायत समितियां अस्तित्व में नहीं रहेंगी और उनका कार्य समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से शासन सचिव डॉ. जोगा राम द्वारा जारी किया गया है।
जालोर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सীमांकन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21 नवंबर 2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा राजस्थान राजपत्र में जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/831 दिनांक 21 नवंबर 2025 के अंतर्गत जालोर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सীमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा-9, 10 एवं 101 में वर्णित शक्तियों के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने, एक माह की अवधि में आपत्तियों पर सुनवाई करने तथा राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात यह पुनर्गठन लागू किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची में वर्णित पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्सীमांकन/नवसृजन किया गया है तथा संबंधित पंचायत समितियों का कार्यकाल अनुसूची के अनुसार निर्धारित होगा।
यह अधिसूचना राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है।
जैसलमेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना 2025
जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/830 दिनांक नवंबर 21, 2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10, 101 और 98 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार कर, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां (जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं) उस तारीख से अस्तित्व में नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
जारीकर्ता: राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगाराम, शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
हनुमानगढ़ जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हनुमानगढ़ जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर 2025 में प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक एवं दिनांक: संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/828-, दिनांक 21 नवंबर 2025।
जारीकर्ता: डॉ. जोगा राम, शासन सचिव, राज्यपाल की आज्ञा से।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, आपत्तियां आमंत्रित करने और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने तथा राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात हनुमानगढ़ जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों का गठन किया गया है तथा संबंधित ग्राम पंचायतों का निर्धारण किया गया है।
श्रीगंगानगर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन
श्रीगंगानगर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीगंगानगर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/827-, दिनांक: जयपुर, नवम्बर 21, 2025।
प्रभावित क्षेत्र: श्रीगंगानगर जिले के अंतर्गत आने वाली पंचायत समितियां जैसे सादुलशहर, अनूपगढ़, घड़साना, सूरतगढ़ और नई सृजित पंचायत समितियां।
कार्यकाल संबंधी निर्देश: पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात् उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची में निर्दिष्ट हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
फलोदी जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन - अधिसूचना 2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (पंचायती राज विभाग) द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए फलोदी जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन किया गया है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में दिनांक 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई है (अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/840, दिनांक 21 नवंबर 2025)।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 9, 10, 101 एवं 98 के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
पंचायत समितियों का पुनर्गठन: फलोदी जिले की विभिन्न पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन किया गया है, जिसके तहत उनकी अनुसूचियों और शामिल ग्राम पंचायतों का विवरण निर्धारित किया गया है।
कार्यकाल और प्रभाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, जिले की विद्यमान वे पंचायत जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और उनका कार्य करना बंद हो जाएगा, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी और विस्तृत अनुसूची के लिए कृपया आधिकारिक राजस्थान राजपत्र, दिनांक 24 नवंबर 2025 का अवलोकन करें।
डूंगरपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
डूंगरपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 24 नवम्बर, 2025 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/826 जारी की गई है।
यह अधिसूचना राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी की गई है। इसके तहत डूंगरपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुर्नसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/826 (दिनांक: नवम्बर 21, 2025)
संबंधित जिला: डूंगरपुर
प्रमुख प्रावधान: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात् राज्य सरकार के अनुमोदन से डूंगरपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
चुनाव पश्चात प्रभाव: अनुसूची के स्तम्भ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तम्भ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बन्द कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ हो सके।
विस्तृत जानकारी के लिए राजस्थान राजपत्र के भाग 6 (ग) का अवलोकन करें।
धौलपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन अधिसूचना
धौलपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा धौलपुर जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रमांकित और नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवम्बर 2025 में प्रकाशित की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना संख्या: एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/824 (दिनांक 21 नवम्बर 2025)
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया गया है।
धौलपुर जिले की पंचायत समितियों (जैसे बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा) का पुनर्गठन/नवसृजन किया गया है तथा इसमें शामिल ग्राम पंचायतों की सूची निर्धारित की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, संबंधित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात जिले की विद्यमान पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ होगा।
डीग जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
डीग जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा डीग जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) दिनांक 24 नवंबर, 2025 में प्रकाशित हुई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना संख्या एवं दिनांक: संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/823, दिनांक 21 नवंबर, 2025।
विधिक प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीग जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
पुनर्गठित पंचायत समितियां: डीग जिले के अंतर्गत डीग, कुम्हेर, ब्रज नगर और सीकरि (सीकरी) पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं नवसृजन किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो नई अनुसूची में शामिल नहीं हैं, वे कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मूल राजस्थान राजपत्र अधिसूचना देखें।
दौसा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्सिमांकन - अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (पंचायती राज विभाग) द्वारा राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में दौसा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन और नवसर्जन से संबंधित महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: संख्या एफ.15 (39) पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/822 दिनांक नवंबर 21, 2025 (राजस्थान राजपत्र दिनांक 24 नवंबर, 2025)।
अधिकार क्षेत्र: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों, आपत्तियों पर सुनवाई और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात दौसा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
नयी व्यवस्था: अनुसूची के स्तूप 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियां स्तूप 5 में दर्शित ग्राम पंचायतों पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तूप 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तूप 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ हो सके।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
चूरू जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना
चूरू जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में दिनांक नवंबर 24, 2025 को अधिसूचना संख्या एफ.15 (39)पंश/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/821:- जारी की गई है।
यह अधिसूचना राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है, जिसके अंतर्गत चूरू जिले की विभिन्न पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15 (39)पंश/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/821:-
दिनांक: नवंबर 21, 2025
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
शामिल क्षेत्र: चूरू जिले के अंतर्गत आने वाली विभिन्न पंचायत समितियां और उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले ग्राम पंचायत क्षेत्र।
अनुसार, अनुसूची मेंवर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तम्भ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राज्यपाल की आज्ञा से, डॉ. जोगा राम, शासन सचिव।
चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना
चित्तौड़गढ़ जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा 98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, चित्तौड़गढ़ जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंचा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/820 दिनांक नवंबर 21, 2025 जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम व प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 98 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात यह पुनर्गठन किया गया है।
प्रभावित पंचायत समितियाँ: इस अधिसूचना के तहत चित्तौड़गढ़ जिले की प्रमुख पंचायत समितियों (जैसे बेगूूँ, गंगरार, चित्तौड़गढ़, कपासन, और भदेसर आदि) के अंतर्गत शामिल ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकन की सूची जारी की गई है।
कार्यकाल और चुनाव: अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची में पूर्व में थीं, वे उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
विस्तृत विवरण और ग्राम पंचायतों की सूची के लिए मूल राजपत्र अधिसूचना देखें।
ब्यावर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्रचना की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ब्यावर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रचना और नवसर्जन से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21 नवंबर, 2025 (संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/815-) के तहत राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित हुई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम और संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9 और 10 के प्रावधानों तथा विभागीय अधिसूचनाओं के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
पुनर्गठन का क्षेत्र: ब्यावर जिले की निम्नलिखित पंचायत समितियों (जैतारण, रायपुर, रास, जवाजा और नरबदखेड़ा) का पुनर्गठन/पुनर्रचना/नवसर्जन किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
बीकानेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन
बीकानेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बीकानेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21 नवंबर 2025 को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम व संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों और आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह पुनर्गठन किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात् उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी। इसके पश्चात नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
भरतपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकरण अधिसूचना
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भरतपुर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकरण और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (अतिरिक्त) में 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित हुई है, जिसके आदेश संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/816 दिनांक 21 नवंबर 2025 हैं।
मुख्य बिंदु
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर आपत्तियां आमंत्रित करने के पश्चात यह कार्रवाई की गई है।
पंचायत समितियों का पुनर्गठन: भरतपुर जिले की पंचायत समितियों (जैसे रूपवास, उच्चैन और सेवर) का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकरण किया गया है।
कार्यकाल और अधिकारिता: अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी तथा नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
बालोतरा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पांरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/811, दिनांक नवम्बर 21, 2025 के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बालोतरा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
संबद्ध अधिनियम: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10, 98 एवं 101।
जिला कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकन हेतु प्रसारित करने, एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित करने तथा उन पर सुनवाई करने के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
कार्यकाल से संबंधित प्रावधान: अनुसूची के स्तम्भ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तम्भ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ हो सके।
डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा राज्यपाल की आज्ञा से यह अधिसूचना जारी की गई है।
बांसवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनसीमांकन
बांसवाड़ा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन एवं नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पांरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/812 (दिनांक नवंबर 21, 2025) के अंतर्गत बांसवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन किया गया है। यह कार्रवाई राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों तथा धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के तहत जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम के तहत कार्रवाई: संबंधित जिला कलेक्टर को ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के पुनर्गठन, पुनसीमांकन और नवसृजन हेतु प्रस्ताव तैयार करने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई करने हेतु अधिकृत किया गया था।
अधिकारिता: अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियां स्तम्भ 5 में वर्णित स्थानीय क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
विद्यमान समितियों की समाप्ति: अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां (जो स्तम्भ 2 में वर्णित हैं) उस तारीख से अस्तित्व में नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
बूंदी जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
बूंदी जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/819-, दिनांक नवंबर 21, 2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बूंदी जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवসृजन किया गया है।
प्रमुख बिंदु
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात यह अधिसूचना जारी की गई है।
नया कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, स्तंभ 2 में वर्णित वर्तमान पंचायत समितियां उस तारीख से कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
पुनर्गठित पंचायत समितियां
हिंडोली
दबलान
नैनवा
केशोरायपाटन
लाखेरी
तालेड़ा
बूंदी
खटकड़
विस्तृत विवरण और ग्राम पंचायतों की सूची के लिए मूल राजपत्र अधिसूचना देखें।
बाड़मेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बाड़मेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21 नवम्बर 2025 को जारी की गई है।
मुख्य बातें एवं विवरण
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत।
जिला: बाड़मेर
कार्यान्वयन प्रक्रिया: जिला कलेक्टरों द्वारा पूर्व में तैयार किए गए प्रस्तावों, आपत्तियों पर सुनवाई और आपत्तियों के आमंत्रण के उपरांत राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर यह पुनर्गठन किया गया है।
निर्धारित व्यवस्था: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, स्तंभ 2 में उल्लेखित वर्तमान पंचायत समितियाँ इस तिथि से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित आधिकारिक राजपत्र एवं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निर्देशों का अवलोकन करें।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना 2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा राजस्थान राजपत्र में जारी अधिसूचना (संख्या एफ.15(39)पंश/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/837-, दिनांक नवंबर 21, 2025) के माध्यम से कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्र्रीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम और अधिकार: यह कार्रवाई राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा जिला कलेक्टर को प्रदत्त शक्तियों के तहत की गई है।
पुनर्गठित पंचायत समितियां: कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अंतर्गत बहरोड़, नीमराना, विराटनगर और मैैध कुण्डला (नवसृजित) पंचायत समितियों का पुनर्गठन/नवसृजन किया गया है।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात्, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना देखें।
सवाई माधोपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्सिमांकन - अधिसूचना 2025
सवाई माधोपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/844 (दिनांक नवंबर 21, 2025) के तहत राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के अंतर्गत सवाई माधोपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्सिमांकन/नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए।
संबंधित जिला: सवाई माधोपुर जिला।
अधिसूचना तिथि: नवंबर 21, 2025।
जारीकर्ता: राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव।
अधिसूचना के अनुसार, अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियों का गठन किया गया है तथा अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित वर्तमान पंचायत समितियां नियमानुसार उस तिथि से विद्यमान नहीं रहेंगी जैसा कि अनुसूची और अधिनियम के प्रावधानों में निर्धारित किया गया है।
डीडवाना-कुचामन जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
डीडवाना-कुचामन जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/825, दिनांक नवम्बर 21, 2025 के अंतर्गत डीडवाना-कुचामन जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सिर्माकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
क्षेत्र और समितियाँ: डीडवाना-कुचामन जिले के अंतर्गत आने वाली पंचायत समितियों और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है जैसा कि राजपत्र की अनुसूची में वर्णित है।
प्रभावी तिथि: अनुसूची में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगे तथा नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
खैरथल-तिजारा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सिर्मांकन एवं नवसृजन से संबंधित अधिसूचना
खैरथल-तिजारा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खैरथल-तिजारा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सिर्मांकन एवं नवसृजन से संबंधित अधिसूचना संख्या एफ.15 (36) पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/835 दिनांक नवंबर 21, 2025 जारी की गई है। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र (असाधारण) में नवंबर 24, 2025 को प्रकाशित हुई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक और दिनांक: संख्या एफ.15 (36) पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/835, दिनांक नवंबर 21, 2025।
संबंधित जिला: खैरथल-तिजारा जिला।
कानूनी प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियां तथा धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों और आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह पुनर्गठन किया गया है।
कार्यान्वयन: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी। इसी के साथ स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
भीलवाड़ा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - राजस्थान राजपत्र अधिसूचना
भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन एवं पुनर्रसीमांकन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/817, दिनांक नवंबर 21, 2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए भीलवाड़ा जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा 98, 9, 10 एवं 101।
संबंधित विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
जारीकर्ता: राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव।
प्रक्रिया: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार कर, आपत्तियां आमंत्रित करने तथा राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात यह पुनर्गठन किया गया है।
प्रभाव: अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ होगा।
बारां जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंव/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/813- (दिनांक नवम्बर 21, 2025) के अंतर्गत, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा बारां जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु एवं विवरण
संबंधित जिला: बारां
अधिसूचना दिनांक: नवम्बर 21, 2025
शासन सचिव: डॉ. जोगा राम (राज्यपाल की आज्ञा से)
जिला कलेक्टर्स द्वारा पूर्व में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव तैयार किए गए, आपत्तियां आमंत्रित की गईं और उन पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह अंतिम अधिसूचना जारी की गई है।
पुनर्गठन से संबंधित मुख्य निर्देश
बारां जिले की पुनर्गठित, पुनर्रसीमांकित और नवसृजित पंचायत समितियां अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित नाम से जानी जाएंगी।
स्थानीय क्षेत्र जो इस प्रकार पुनर्गठित किए गए हैं, वे अनुसूची के स्तंभ 5 में वर्णित ग्राम पंचायतों को समाहित करेंगे।
इन पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, पूर्ववर्ती पंचायत समितियां इस तिथि से कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल आरंभ होगा।
टोंक जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा टोंक जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 (क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/847) को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा यह पुनर्गठन किया गया है।
टोंक जिला पंचायत समितियां: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से टोंक जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन/नवसृजन किया गया है।
कार्यकाल और प्रभाव: संबंधित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो सूची में वर्णित हैं, इस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और अनुसूची में वर्णित नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
दौसा जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसर्जन - अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा दौसा जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रोमन और नवसर्जन के संबंध में महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना आदेश क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/822 दिनांक 21-11-2025 के तहत जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, राज्य सरकार द्वारा दौसा जिले की विभिन्न पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रोन/नवसर्जन किया गया है।
जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने तथा राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात यह अंतिम आदेश लागू किया गया है।
अनुसूची में वर्णित पंचायत समितियां उस नाम से जानी जाएंगी और निर्धारित स्थानीय क्षेत्र व अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
अलवर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्सिमांकन/नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
अलवर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ.15(39)पंविलि/पंचायत समिति गठन/2025/810 दिनांक 21-11-2025 के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अलवर जिले के अंतर्गत पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्सिमांकन एवं नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम व संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 के साथ धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के अंतर्गत यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर के प्रस्ताव: जिला कलेक्टर्स द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों, सार्वजनिक अवलोकन और आपत्तियों पर सुनवाई के उपरांत प्राप्त संचिकाओं के परीक्षण के बाद राज्य सरकार द्वारा यह अनुमोदन प्रदान किया गया है।
नयी व्यवस्था: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियां उस नाम से जानी जाएंगी तथा स्तंभ 5 में उल्लेखित ग्राम पंचायतें उनके अधिकार क्षेत्र में आएंगी।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
करौली जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/834, दिनांक 21-11-2025 के तहत, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
संबद्ध विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार।
दिनांक: 21 नवम्बर 2025।
आदेश विवरण: जिला कलेक्टरों द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई और राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात करौली जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है।
कार्यकाल संबंधित निर्देश: अनुसूची के स्तम्भ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तम्भ संख्या 2 में वर्णित हैं, इस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ होगा।
हनुमानगढ़ ज़िले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार द्वारा हनुमानगढ़ ज़िले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है। यह आदेश दिनांक 21-11-2025 को जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/828
दिनांक: 21-11-2025
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार
विवरण: ज़िला कलेक्टर हनुमानगढ़ द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से हनुमानगढ़ ज़िले की विभिन्न पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन/नवसृजन किया गया है।
कार्यकाल संबंधी निर्देश: अनुसूची के स्तम्भ 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उक्त ज़िले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तम्भ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तम्भ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ होगा।
राजस्थान सरकार: सीकर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन की अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा सीकर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना विवरण
विभाग: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार
क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/845
दिनांक: 21-11-2025
जारीकर्ता: डॉ. जोगा राम, शासन सचिव (राज्यपल की आज्ञा से)
मुख्य बिंदु एवं प्रक्रिया
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 की प्रदत्त शक्तियों तथा विभागीय अधिसूचना संख्या एफ.15(36)पुनर्गठन/विधि/पंरा/2024/02 दिनांक 10.01.2025 के अंतर्गत जिला कलेक्टर सीकर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकनार्थ एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित की गईं और सुनवाई की गई।
राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात सीकर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन/नवसृजन किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, सीकर जिले की पुनर्गठित/पुनर्रसीमांकित/नवसृजित पंचायत समितियां अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित नाम से जानी जाएंगी और संबंधित स्थानीय क्षेत्र में अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
अनुसूची के स्तंभ 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ होगा।
ब्यावर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
ब्यावर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा ब्यावर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह अधिसूचना क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/ 815 दिनांक 21-11-2025 को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने, एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित करने और उन पर सुनवाई करने की प्रक्रिया के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह पुनर्गठन किया गया है।
पंचायत समितियों का कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी।
विस्तृत विवरण और ग्राम पंचायतों की सूची के लिए मूल अधिसूचना देखें।
जयपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन अधिसूचना
अधिसूचना विवरण
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना आदेश क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/829, दिनांक 21-11-2025 के तहत जारी की गई है।
मुख्य बिंदु
अधिनियम के प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा यह पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकन किया गया है।
जिला कलेक्टर की कार्रवाई: संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकनार्थ एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित करने तथा सुनवाई करने की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
नया कार्यभार और नाम: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित एवं नवसृजित पंचायत समितियां उसी नाम से जानी जाएंगी और निर्धारित स्थानीय क्षेत्र पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
चुनाव और कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और उनका कार्यभार समाप्त माना जाएगा, जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
डीडवाना-कुचामन जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंश/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/825 दिनांक 21-11-2025 के माध्यम से डीडवाना-कुचामन जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्य विवरण
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, राज्य सरकार द्वारा डीडवाना-कुचामन जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन किया गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98, 9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियां।
संबंधित जिला: डीडवाना-कुचामन।
कार्यकाल और चुनाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
चूरू जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना 21-11-2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), जयपुर द्वारा दिनांक 21-11-2025 को चूरू जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रोमांकित और नवसृजन के संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है (क्रमांक: एफ.15(39)पंव्रा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/ 821)।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम का संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-9, 10 एवं 101 में वर्णित शक्तियों के अंतर्गत यह पुनर्गठन किया गया है।
कार्यान्वयन: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों और आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से चूरू जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रोमांकित/नवसृजन किया गया है।
नया कार्यकाल: संबंधित अनुसूचियों में वर्णित नई पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उस जिले की विद्यमान पंचायत समितियां इस तारीख से कार्य करना बंद कर देंगी और नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन अधिसूचना
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जैसलमेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 को जारी की गई है, जिसका क्रमांक एफ.15(39)पंवरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/830 है।
प्रमुख बिंदु
कानूनी प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पुनर्गठन किया गया है।
कार्रवाई प्रक्रिया: जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित किए गए थे, एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित की गईं और सुनवाई के पश्चात प्राप्त प्रस्तावों एवं अभिशंसाओं का परीक्षण कर राज्य सरकार से अनुमोदन कराया गया।
पंचायत समितियों का विवरण: अधिसूचना के तहत जैसलमेर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों (जैसे जैसलमेर, सम, फतेहगढ़, मोहनगढ़, नाचना, सांकड़ा, रामदेवरा, भणियाना) का पुनर्गठन और नवसृजन किया गया है।
कार्यकाल और प्रभाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा यह आदेश जारी किया गया है।
राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन आदेश
राजसमंद जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजसमंद जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 को जारी की गई है, जिसका क्रमांक एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/842 है।
प्रमुख बिंदु
अधिनियम के तहत कार्रवाई: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-9, 10 एवं 101 के प्रावधानों के अंतर्गत यह पुनर्गठन किया गया है।
जिला कलेक्टर की भूमिका: संबंधित जिले के जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार कर सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित किए गए थे और एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रित कर सुनवाई की गई थी।
राज्य सरकार का अनुमोदन: जिला कलेक्टरों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों एवं आपत्तियों की परीक्षण के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर राजसमंद जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन/पुनर्रसीमांकन किया गया है।
प्रभावित पंचायत समितियां: इस अधिसूचना के तहत राजसमंद जिले की प्रमुख पंचायत समितियों (जैसे आमेट, भीम, कुंभलगढ़, रेलमगरा, राजसमंद) के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों का पुनर्रसीमांकन और नई सूची तैयार की गई है।
कार्यकाल और प्रभाव: सूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनावों के पश्चात, उस जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो सूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
नागौर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21.11.2025
राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा नागौर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 (क्रमांक: एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/838) को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिसूचना का आधार: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-98 की धारा-9, 10 एवं 101 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा जिला कलेक्टर नागौर द्वारा तैयार प्रस्तावों एवं आपत्तियों पर विचार के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह पुनर्गठन किया गया है।
पंचायत समितियों का पुनर्गठन: नागौर जिले की वर्तमान पंचायत समितियों और उनमें सम्मिलित ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन एवं नवसृजन किया गया है, जिसके तहत नागौर, श्रीबालाजी, रियांवड़ी, मेड़ता सिटी, मेड़ता रोड, भैरूंदा, जायल, डेह, मूंडवा, डेगाना, खींवसर और पांचौड़ी जैसी पंचायत समितियां शामिल हैं।
अधिकारिता: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पुनर्गठित/नवसृजित पंचायत समितियां स्तंभ 5 में वर्णित ग्राम पंचायतों के क्षेत्र पर अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगी।
कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से कार्य करना बंद कर देंगी जिससे नई पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से डॉ. जोगा राम, शासन सचिव द्वारा जारी किया गया है।
फलोदी जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन और नवसृजन - अधिसूचना दिनांक 21-11-2025
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग), राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम सं. 13) की धारा-9, 10 एवं 101 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए फलोदी जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन/नवसृजन के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 (क्रमांक: एफ.15(39)पंवरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/840) को जारी की गई है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम और प्रावधान: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 और 101 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग।
जिला कलेक्टर की कार्यवाही: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों, सार्वजनिक अवलोकन और एक माह की अवधि में प्राप्त आपत्तियों पर सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
कार्यकाल प्रारंभ: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में यथावर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से ही विद्यमान नहीं रहेंगी और अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
विस्तृत जानकारी के लिए संलग्न दस्तावेज या संबंधित विभाग के आदेश का अवलोकन करें।
बाड़मेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन - अधिसूचना 21 नवंबर 2025
बाड़मेर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा बाड़मेर जिले की पंचायत समितियों के पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह अधिसूचना दिनांक 21-11-2025 को जारी की गई है, जिसका पत्र क्रमांक एफ.15(39)पंवरे/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/815 है।
मुख्य बिंदु:
विभागीय निर्देश: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-9, 10 एवं 101 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव तैयार किए गए थे।
अनुमोदन पश्चात कार्रवाई: राज्य सरकार से अनुमोदन के पश्चात बाड़मेर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन और पुनर्रसीमांकन किया गया है।
चुनाव और कार्यकाल: अनुसूची के स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो स्तंभ संख्या 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से बंद हो जाएंगी और स्तंभ संख्या 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारंभ होगा।
विस्तृत जानकारी और पंचायत समिति वार सम्मिलित ग्राम पंचायतों की सूची के लिए मूल अधिसूचना देखें।
जोधपुर जिले में पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन आदेश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अधिसूचना
राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समिति गठन/2025/833 दिनांक 21-11-2025 के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-98 की शक्तियों का उपयोग करते हुए जोधपुर जिले की पंचायत समितियों का पुनर्गठन, पुनर्रसीमांकन और नवसृजन किया गया है।
मुख्य बिंदु:
अधिनियम संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा-9, 10 एवं 101 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग।
कार्यान्वयन प्रक्रिया: जिला कलेक्टर द्वारा तैयार प्रस्तावों, सार्वजनिक अवलोकन और आपत्तियों के आमंत्रण के पश्चात राज्य सरकार के अनुमोदन से यह अधिसूचना जारी की गई है।
अधिकारिता: जोधपुर जिले की पुनर्गठित/पुनर्रसीमांकित एवं नवसृजित पंचायत समितियां अनुसूची के अनुसार संबंधित क्षेत्राधिकार का प्रयोग करेंगी।
कार्यकाल और चुनाव: अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों के चुनाव के पश्चात, उक्त जिले की विद्यमान वे पंचायत समितियां जो अनुसूची के स्तंभ 2 में वर्णित हैं, उस तारीख से विद्यमान नहीं रहेंगी और कार्य करना बंद कर देंगी जिससे अनुसूची के स्तंभ 4 में वर्णित पंचायत समितियों का कार्यकाल प्रारम्भ होगा।
यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से शासन सचिव (डॉ. जोगा राम) द्वारा दिनांक 21.11.2025 को जारी किया गया है।